{"_id":"5cf6a22ebdec22076357bbbc","slug":"1559667241724-ballia-news53","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना शादी हुए ही 24 अपात्रों को किया गया शादी अनुदान का भु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना शादी हुए ही 24 अपात्रों को किया गया शादी अनुदान का भु
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बलिया। जिला समाज कल्याण विभाग में शादी अनुदान वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है। सामान्य वर्ग की धनराशि को पिछड़ा, अल्पसंख्यक व अनुसूचित वर्ग के लाभार्थियों में वितरण किया गया है। इतना ही नहीं कई ऐसे लाभार्थियों को भी लाभ दिया गया है जिनके पालकों की शादी हुई ही नहीं है। पर्यवेक्षक की रिपोर्ट पर विभाग के उपनिदेशक ने भी जिला समाज कल्याण अधिकारी से जांच आख्या मांगी है। पर्यवेक्षक ने दुबहड़ ब्लॉक के लाभार्थियों के सत्यापन में कुल 24 लाभार्थियों को अपात्र माना है।
जिला समाज कल्याण विभाग में शादी अनुदान वितरण में बड़े पैमाने पर गोलमाल किया गया है। शादी अनुदान की धनराशि को शासन के नियमों को ताक पर रखकर खर्च किया गया है। करीब एक माह पहले समाज कल्याण विभाग के सदर व रसड़ा तहसील के पर्यवेक्षक ने दुबहड़ ब्लाक के लाभार्थियों का सत्यापन किया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सत्यापन में पता चला कि सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के मद से पिछड़ा, अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के लाभार्थियों का भुगतान किया गया है। सत्यापन में यह भी सामने आया कि कई लाभार्थियों के यहां शादी हुई ही नहीं है। समाज कल्याण पर्यवेक्षक ने सत्यापन रिपोर्ट में सामान्य वर्ग की धनराशि का बंदरबांट व शासन के नियमों का उल्लंघन मानते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी के अलावा मुख्य विकास अधिकारी बलिया व उप निदेशक समाज कल्याण आजमगढ़ को पत्र भेजा। पर्यवेक्षक ने अधिकारियों को यह भी बताया कि यह मात्र एक ब्लॉक का हाल है अगर जांच की जाए तो अन्य ब्लॉकों में भी इस तरह की गड़बड़ी बड़े पैमाने पर सामने आ सकती है। पर्यवेक्षक की रिपोर्ट पर 30 अप्रैल को उपनिदेशक समाज कल्याण आजमगढ़ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से जांच कर आख्या मांगी है।
उपनिदेशक, समाज कल्याण, आजमगढ़ मंडल सुरेश चंद ने बताया कि बलिया के समाज कल्याण पर्यवेक्षक की ओर से दुबहड़ ब्लॉक के लाभार्थियों की सत्यापन रिपोर्ट मिली है और इस बाबत जिला समाज कल्याण अधिकारी से जांच कर आख्या मांगी गई है। किसी भी वर्ग के लिए निर्धारित मद से अन्य वर्ग के लाभार्थियों को भुगतान नहीं किया जा सकता है। इस मामले में जल्द की कार्रवाई की जाएगी।पिछड़ा व अल्पसंख्यक के लिए अलग है विभाग : बलिया। शासन की ओर से जिला समाज कल्याण विभाग को सामान्य व अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के पुत्रियों की शादी पर शादी अनुदान देने के लिए अलग-अलग मदों में धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग के लिए जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग व अल्पसंख्यक वर्ग के लाभार्थियों के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को धनराशि मुहैया कराई जाती है। लेकिन समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने सामान्य वर्ग के मद से पिछड़ा, अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को भी भुगतान किया है। जबकि जांच में यह लाभार्थी अपात्र मिले हैं।
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अधिकांश लाभार्थियों के यहां नहीं हुई है शादी : बलिया। समाज कल्याण पर्यवेक्षक विनोद कुमार वर्मा की ओर से किए सत्यापन में दुबहड़ ब्लॉक के विभिन्न गांवों में कुल 24 लाभार्थी अपात्र मिले हैं। इसमें पिछड़ा, अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के लाभार्थी भी हैं जिन्हें सामान्य वर्ग के मद से प्रति लाभार्थी 20 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। सत्यापन रिपोर्ट के अनुसार हरीपुर निवासी वीरेंद्र सिंह, शिवपुर दीयर नंबरी निवासी मुन्नी देवी, विशुनपुरा निवासी हृदयानंद, अखार निवासी अरविंद व विजेंद्र कुमार चौबे के यहां अंकित तिथि को शादी नहीं हुई है। इसके अलावा शिवपुर दीयर नंबरी निवासी अनुसूचित वर्ग की मीना देवी, सत्यनारायन पासवान, लालमुनि, विशुनपुरा निवासी उर्मिला के यहां अंकित तिथि को शादी नहीं हुई है जबकि भुगतान किया गया है। इसी तरह पिछड़ा वर्ग के शिवपुर दीयर नंबरी श्रीभगवान व रमाशंकर प्रसाद, शिवपुर दीयर नई बस्ती निवासी धचानमुनी देेवी, अखार निवासी अवध बिहारी, छाता निवासी पानमती, मुनियारी जसांव निवासी सर्वजीत, भरत प्रसाद, हरीपुर निवासी लवंगी देवी, अल्पसंख्यक वर्ग के शिवपुर दीयर नंबरी निवासी छोटकन के यहां शादी नहीं हुई जबकि इनका भुगतान सामान्य वर्ग के मद से शादी अनुदान दिया गया है। इसी तरह छाता निवासिनी चंपा देवी तो अंकित पते नहीं मिली। अखार के दादा के छपरा निवासिनी मीना का आवेदन अपूर्ण है और आय प्रमाणपत्र संलग्न नहीं होने के बावजूद शादी अनुदान का भुगतान किया गया है।
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जिला समाज कल्याण विभाग में शादी अनुदान वितरण में बड़े पैमाने पर गोलमाल किया गया है। शादी अनुदान की धनराशि को शासन के नियमों को ताक पर रखकर खर्च किया गया है। करीब एक माह पहले समाज कल्याण विभाग के सदर व रसड़ा तहसील के पर्यवेक्षक ने दुबहड़ ब्लाक के लाभार्थियों का सत्यापन किया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सत्यापन में पता चला कि सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के मद से पिछड़ा, अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के लाभार्थियों का भुगतान किया गया है। सत्यापन में यह भी सामने आया कि कई लाभार्थियों के यहां शादी हुई ही नहीं है। समाज कल्याण पर्यवेक्षक ने सत्यापन रिपोर्ट में सामान्य वर्ग की धनराशि का बंदरबांट व शासन के नियमों का उल्लंघन मानते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी के अलावा मुख्य विकास अधिकारी बलिया व उप निदेशक समाज कल्याण आजमगढ़ को पत्र भेजा। पर्यवेक्षक ने अधिकारियों को यह भी बताया कि यह मात्र एक ब्लॉक का हाल है अगर जांच की जाए तो अन्य ब्लॉकों में भी इस तरह की गड़बड़ी बड़े पैमाने पर सामने आ सकती है। पर्यवेक्षक की रिपोर्ट पर 30 अप्रैल को उपनिदेशक समाज कल्याण आजमगढ़ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से जांच कर आख्या मांगी है।
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उपनिदेशक, समाज कल्याण, आजमगढ़ मंडल सुरेश चंद ने बताया कि बलिया के समाज कल्याण पर्यवेक्षक की ओर से दुबहड़ ब्लॉक के लाभार्थियों की सत्यापन रिपोर्ट मिली है और इस बाबत जिला समाज कल्याण अधिकारी से जांच कर आख्या मांगी गई है। किसी भी वर्ग के लिए निर्धारित मद से अन्य वर्ग के लाभार्थियों को भुगतान नहीं किया जा सकता है। इस मामले में जल्द की कार्रवाई की जाएगी।पिछड़ा व अल्पसंख्यक के लिए अलग है विभाग : बलिया। शासन की ओर से जिला समाज कल्याण विभाग को सामान्य व अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के पुत्रियों की शादी पर शादी अनुदान देने के लिए अलग-अलग मदों में धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग के लिए जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग व अल्पसंख्यक वर्ग के लाभार्थियों के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को धनराशि मुहैया कराई जाती है। लेकिन समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने सामान्य वर्ग के मद से पिछड़ा, अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को भी भुगतान किया है। जबकि जांच में यह लाभार्थी अपात्र मिले हैं।
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अधिकांश लाभार्थियों के यहां नहीं हुई है शादी : बलिया। समाज कल्याण पर्यवेक्षक विनोद कुमार वर्मा की ओर से किए सत्यापन में दुबहड़ ब्लॉक के विभिन्न गांवों में कुल 24 लाभार्थी अपात्र मिले हैं। इसमें पिछड़ा, अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के लाभार्थी भी हैं जिन्हें सामान्य वर्ग के मद से प्रति लाभार्थी 20 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। सत्यापन रिपोर्ट के अनुसार हरीपुर निवासी वीरेंद्र सिंह, शिवपुर दीयर नंबरी निवासी मुन्नी देवी, विशुनपुरा निवासी हृदयानंद, अखार निवासी अरविंद व विजेंद्र कुमार चौबे के यहां अंकित तिथि को शादी नहीं हुई है। इसके अलावा शिवपुर दीयर नंबरी निवासी अनुसूचित वर्ग की मीना देवी, सत्यनारायन पासवान, लालमुनि, विशुनपुरा निवासी उर्मिला के यहां अंकित तिथि को शादी नहीं हुई है जबकि भुगतान किया गया है। इसी तरह पिछड़ा वर्ग के शिवपुर दीयर नंबरी श्रीभगवान व रमाशंकर प्रसाद, शिवपुर दीयर नई बस्ती निवासी धचानमुनी देेवी, अखार निवासी अवध बिहारी, छाता निवासी पानमती, मुनियारी जसांव निवासी सर्वजीत, भरत प्रसाद, हरीपुर निवासी लवंगी देवी, अल्पसंख्यक वर्ग के शिवपुर दीयर नंबरी निवासी छोटकन के यहां शादी नहीं हुई जबकि इनका भुगतान सामान्य वर्ग के मद से शादी अनुदान दिया गया है। इसी तरह छाता निवासिनी चंपा देवी तो अंकित पते नहीं मिली। अखार के दादा के छपरा निवासिनी मीना का आवेदन अपूर्ण है और आय प्रमाणपत्र संलग्न नहीं होने के बावजूद शादी अनुदान का भुगतान किया गया है।