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कटान पीड़ितों के नाम पर तेज हुई राजनीति
Updated Tue, 08 May 2018 11:49 PM IST
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जयप्रकाशनगर। इब्राहिमाबाद (अठगावां) के कटान पीड़ितों को पट्टे की जमीन पर ग्राम पंचायत चांददीयर में कब्जा दिलाने के मामले में पेच फंसता जा रहा। तहसील प्रशासन ने सितंबर 2017 में ही ग्राम पंचायत चांददीयर की ग्रामसभा की जमीन में 152 कटान पीड़ितों को बसाने की सूची बना ली। पट्टा आवंटित करते हुए उन्हें पट्टे के कागजात उपलब्ध भी करा दिए गए। लेकिन कागजात प्राप्त होने के नौ माह बाद तक कब्जा नहीं मिला। तब से अब तक कब्जा दिलाने और सूची में अपात्रों को जगह देने को लेकर कई बार मामला गर्मा चुका है। अब इंटर जिलाध्यक्ष ने कटान पीड़ितों के लिए प्रशासन से जमीन खरीद का बसाने की मांग की।
दरअसल 29 अप्रैल को 39 पट्टाधारियों को कब्जा दिलाने के लिए तहसीलदार व लेखपाल ने भूमि की पैमाइश करने वाले ही थे कि विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह ने पट्टाधारकों के सूची की सही तरीके से जांच कर कब्जा दिलाने की बात कहते हुए पैमाइश को रोकवा दिया। अगले दिन इंटक जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने एनएच जाम करने का प्रयास कर पट्टा दिलाने का प्रयास किया। लेकिन एसडीएम राधेश्याम पाठक व सीओ उमेश कुमार ने समझा बुझा कर मामले को शांत कराया और 15 मई तक पट्टा दिलाने का वादा किया। इस बीच बीते रविवार को विधायक ने चौपाल लगाकर सूची का सत्यापन कराया तो इसमें कई नाम अपात्र पाए गए। लेकिन इससे असंतुष्ट इंटक के जिलाध्यक्ष ने कटान पीड़ितों के साथ चांददीयर चौक पर बैठक की और आरोप लगाया कि विधायक के कुछ कार्यकर्ता पात्रों को अपात्र घोषित कर अपने चहेतों का नाम सूची में जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस बाबत इंटक जिलाध्यक्ष ने डीएम को संबोधित ज्ञापन कानूनगो दयाशंकर यादव को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से 152 पट्टाधारकों के प्रकरण की जांच सीडीओ व एडीएम के नेतृत्व में टीम गठित कर कराने की मांग की। इंटक जिलाध्यक्ष ने जिला प्रशासन से विवादित जमीन पर कटान पीड़ितों को न बसा कर इसके लिए शासनादेश के अनुसार भूमि क्रय कर बसाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने की मांग की। कहा कि 15 मई तक प्रस्ताव नहीं भेजे जाने पर तहसील का घेराव किया जाएगा। इस मौके पर राजकिशोर यादव, सत्यदेव चौधरी, सुरेंद्र, जितेंद्र, बद्री साह, लाल साहेब आदि थे।
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दरअसल 29 अप्रैल को 39 पट्टाधारियों को कब्जा दिलाने के लिए तहसीलदार व लेखपाल ने भूमि की पैमाइश करने वाले ही थे कि विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह ने पट्टाधारकों के सूची की सही तरीके से जांच कर कब्जा दिलाने की बात कहते हुए पैमाइश को रोकवा दिया। अगले दिन इंटक जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने एनएच जाम करने का प्रयास कर पट्टा दिलाने का प्रयास किया। लेकिन एसडीएम राधेश्याम पाठक व सीओ उमेश कुमार ने समझा बुझा कर मामले को शांत कराया और 15 मई तक पट्टा दिलाने का वादा किया। इस बीच बीते रविवार को विधायक ने चौपाल लगाकर सूची का सत्यापन कराया तो इसमें कई नाम अपात्र पाए गए। लेकिन इससे असंतुष्ट इंटक के जिलाध्यक्ष ने कटान पीड़ितों के साथ चांददीयर चौक पर बैठक की और आरोप लगाया कि विधायक के कुछ कार्यकर्ता पात्रों को अपात्र घोषित कर अपने चहेतों का नाम सूची में जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस बाबत इंटक जिलाध्यक्ष ने डीएम को संबोधित ज्ञापन कानूनगो दयाशंकर यादव को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से 152 पट्टाधारकों के प्रकरण की जांच सीडीओ व एडीएम के नेतृत्व में टीम गठित कर कराने की मांग की। इंटक जिलाध्यक्ष ने जिला प्रशासन से विवादित जमीन पर कटान पीड़ितों को न बसा कर इसके लिए शासनादेश के अनुसार भूमि क्रय कर बसाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने की मांग की। कहा कि 15 मई तक प्रस्ताव नहीं भेजे जाने पर तहसील का घेराव किया जाएगा। इस मौके पर राजकिशोर यादव, सत्यदेव चौधरी, सुरेंद्र, जितेंद्र, बद्री साह, लाल साहेब आदि थे।
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