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झोपड़ियों में रहने वाले इस बार झेलेंगे अग्नि तांडव
Updated Mon, 05 Mar 2018 12:36 AM IST
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बैरिया। झोपड़ियों में जीवन- यापन करने वाले लोगों को इस बार भी आग से बचाव के लिए परेशानी झेलनी होगी। इब्राहिमाबाद स्थित निर्माणाधीन अग्निशमन केन्द्र के लिए अभी तक एक भी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में चालक के अभाव में पूर्व की तरह छोटी एक गाड़ी से ही तहसील वासियों को अग्नि बचाव करना होगा।
बैरिया तहसील क्षेत्र के इब्राहिमाबाद में उच्च न्यायालय के आदेश पर सपा सरकार के कार्यकाल में ही दो वर्ष पूर्व अग्नि शमन केन्द्र निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन शासन-प्रशासन के लापरवाही के कारण अभी तक 90 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो सका है, अधिकारियों और कर्मचारियों के आवासों का निर्माण कार्य नहीं हो सका है, जबकि इसके लिए धन भी मिल चुका है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी अग्नि शमन केन्द्र संचालन में पेंच फंसा हुआ है, पूरे जनपद में एक चालक रसड़ा, एक बांसडीह और तीन बलिया में तैनात है, बांसडीह का चालक अगले वर्ष सेवानिवृत्त हो जाएगा। ऐसे में विभाग की मानें जिले में कुल छह टैंक बड़ी फायर की गाड़ी है, अगर चालक रहता तो इसमें से एक टैंक बैरिया को मिल सकता था, लेकिन चालक के अभाव में छोटी गाड़ी बैरिया को मिलेगी। जबकि बैरिया नए फायर स्टेशन के लिए दो चालक, दो हेड चालक, एक सेकेंड अफसर, एक स्टेशन अफसर व 16 सिपाहियों की नियुक्ति होनी चाहिए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सबारक हुसैन ने कहा कि जिले में चालको की कमी है, पुलिस अधीक्षक के मारफत पुलिस महानिदेशक फायर सर्विस लखनऊ से चालको की मांग की गई है। चालकों के अभाव में बैरिया को पूर्व की तरह इस बार भी छोटा वाहन दिया जाएगा। इब्राहिमाबाद स्थित अग्निशमन केन्द्र का निर्माण कार्य अभी तक 90 फीसदी पूरा हुआ है, लेकिन अभी इसे हैंडओवर नहीं किया गया है।
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बैरिया तहसील क्षेत्र के इब्राहिमाबाद में उच्च न्यायालय के आदेश पर सपा सरकार के कार्यकाल में ही दो वर्ष पूर्व अग्नि शमन केन्द्र निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन शासन-प्रशासन के लापरवाही के कारण अभी तक 90 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो सका है, अधिकारियों और कर्मचारियों के आवासों का निर्माण कार्य नहीं हो सका है, जबकि इसके लिए धन भी मिल चुका है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी अग्नि शमन केन्द्र संचालन में पेंच फंसा हुआ है, पूरे जनपद में एक चालक रसड़ा, एक बांसडीह और तीन बलिया में तैनात है, बांसडीह का चालक अगले वर्ष सेवानिवृत्त हो जाएगा। ऐसे में विभाग की मानें जिले में कुल छह टैंक बड़ी फायर की गाड़ी है, अगर चालक रहता तो इसमें से एक टैंक बैरिया को मिल सकता था, लेकिन चालक के अभाव में छोटी गाड़ी बैरिया को मिलेगी। जबकि बैरिया नए फायर स्टेशन के लिए दो चालक, दो हेड चालक, एक सेकेंड अफसर, एक स्टेशन अफसर व 16 सिपाहियों की नियुक्ति होनी चाहिए।
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी सबारक हुसैन ने कहा कि जिले में चालको की कमी है, पुलिस अधीक्षक के मारफत पुलिस महानिदेशक फायर सर्विस लखनऊ से चालको की मांग की गई है। चालकों के अभाव में बैरिया को पूर्व की तरह इस बार भी छोटा वाहन दिया जाएगा। इब्राहिमाबाद स्थित अग्निशमन केन्द्र का निर्माण कार्य अभी तक 90 फीसदी पूरा हुआ है, लेकिन अभी इसे हैंडओवर नहीं किया गया है।
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