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युवाओं को भी खिलाई जाएगी कृमि की दवा
Updated Wed, 26 Jul 2017 11:18 PM IST
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बलिया। राष्ट्रीय कृमि दिवस (10 अगस्त) के अवसर पर एक से 19 वर्ष के सभी लड़के और लड़कियों को एल्बेण्डाजोल की गोली खिलाई जाएगी। यह बातें जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने मंगलवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय कृमि दिवस के अवसर पर जिला समन्वयक समिति की बैठक में कहीं। उन्हाेंने स्वास्थ्य विभाग को इस कार्यक्रम को पूरी गम्भीरता से लेेते हुए पूरी तैयारी करने आदेश दिया।
डीपीआरओ को निर्देश दिया कि ग्राम प्रधानों की मदद से गांवों में एक से 19 वर्ष के सभी बच्चो को एल्बेण्डाजोल की गोली खिलाए जाने के लिए जागृति अभियान चलाये। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए व डीपीओ को निर्देश दिया कि वे विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में राष्ट्रीय कृमि दिवस का व्यापक प्रचार प्रसार करायें। बताया कि जनपद के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक से 19 साल के बच्चों (लड़के और लड़कियों) को दवा खिलाएं। जिससे बच्चों की बेहतर सेहत, पोषण, स्कूल में बच्चों की उपस्थिति में बढ़ोत्तरी और बेहतर जीवन हो सकें।
इस दौरान डीसीपीएम अजय पांडेय ने राष्ट्रीय कृमि दिवस के बारे में प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर सीएमओ डा. एसके तिवारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ, बीसीपीएम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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इनसेट...
कृमि संक्रमण के लक्षण
बलिया। कृमि संक्रमण स्वच्छता के अभाव के कारण तथा संक्रमित मिट्टी के संपर्क द्वारा संचारित होता है। कृमि की जितनी अधिक मात्रा (तीव्रता) होगी। संक्रमित व्यक्ति के लक्षण उतने ही अधिक होंगे। उदाहरण के तौर पर दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख की कमी होना आदि है। हल्के संक्रमण वाले बच्चों में आम तौर पर कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।
इनसेट...
नुकसान व बचाव के तरीके
बलिया। कृमि बच्चों के शरीर के महत्वपूर्ण पोषक तत्वों को खा लेते हैं। जिससे खून की कमी, कुपोषण और वृद्धि में रुकावट आ जाती है। इससे शारीरिक विकास पर खास असर पड़ता है। राउंड कृमि आंत में विटामिन-ए को अवशोषित कर लेते हैं।
जागरूकता से रोक सकते है संक्रमण
बलिया। कृमि संक्रमण की दवाई खाने के साथ ही महत्वपूर्ण व्यवहार को अमल कराकर भी रोकथाम कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि नाखून साफ रखें, हमेशा साफ व ताजा पानी पीए, खाने को ढ़ककर रखें, आसपास सफाई रखें, खाने से पहले व शौच के बाद अच्छे से हाथ धोएं, खुले में शौच न करें, शौचालय का ही प्रयोग करें।
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डीपीआरओ को निर्देश दिया कि ग्राम प्रधानों की मदद से गांवों में एक से 19 वर्ष के सभी बच्चो को एल्बेण्डाजोल की गोली खिलाए जाने के लिए जागृति अभियान चलाये। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए व डीपीओ को निर्देश दिया कि वे विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में राष्ट्रीय कृमि दिवस का व्यापक प्रचार प्रसार करायें। बताया कि जनपद के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक से 19 साल के बच्चों (लड़के और लड़कियों) को दवा खिलाएं। जिससे बच्चों की बेहतर सेहत, पोषण, स्कूल में बच्चों की उपस्थिति में बढ़ोत्तरी और बेहतर जीवन हो सकें।
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इस दौरान डीसीपीएम अजय पांडेय ने राष्ट्रीय कृमि दिवस के बारे में प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर सीएमओ डा. एसके तिवारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ, बीसीपीएम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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कृमि संक्रमण के लक्षण
बलिया। कृमि संक्रमण स्वच्छता के अभाव के कारण तथा संक्रमित मिट्टी के संपर्क द्वारा संचारित होता है। कृमि की जितनी अधिक मात्रा (तीव्रता) होगी। संक्रमित व्यक्ति के लक्षण उतने ही अधिक होंगे। उदाहरण के तौर पर दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख की कमी होना आदि है। हल्के संक्रमण वाले बच्चों में आम तौर पर कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।
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नुकसान व बचाव के तरीके
बलिया। कृमि बच्चों के शरीर के महत्वपूर्ण पोषक तत्वों को खा लेते हैं। जिससे खून की कमी, कुपोषण और वृद्धि में रुकावट आ जाती है। इससे शारीरिक विकास पर खास असर पड़ता है। राउंड कृमि आंत में विटामिन-ए को अवशोषित कर लेते हैं।
जागरूकता से रोक सकते है संक्रमण
बलिया। कृमि संक्रमण की दवाई खाने के साथ ही महत्वपूर्ण व्यवहार को अमल कराकर भी रोकथाम कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि नाखून साफ रखें, हमेशा साफ व ताजा पानी पीए, खाने को ढ़ककर रखें, आसपास सफाई रखें, खाने से पहले व शौच के बाद अच्छे से हाथ धोएं, खुले में शौच न करें, शौचालय का ही प्रयोग करें।