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शहर में यातायात व्यवस्था फेल, पुलिस बनी मूकदर्शक
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:27 PM IST
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बलिया। शहर में यातायात व्यवस्था ध्वस्त होने से स्टेशन रोड, चित्तू पांडेय चौराहा, गड़वार तिराहा समेत कई सड़कों पर जाम लगने लगा है। वाहन चालक सुबह से बीच सड़क गाड़ियां रोककर सवारियां लादना शुरू कर देते हैं और वहीं व्यवस्था बनाए रखने के जिम्मेवार मूकदर्शक बने रहते हैं। वहीं अतिक्र मण हटाने के लिए नगर में एंटी इंक्रोचमेंट टीम का गठन तो किया गया, लेकिन वह भी इन दिनों सुस्त नजर आ रही है।
नगर को जाम से निजात दिलाने के लिए तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने जिला प्रशासन के साथ बैठक कर रूटमार्च व किराया निर्धारित कर दिया था। ये व्यवस्था करीब डेढ़ माह तक ठीक-ठाक चली रहा। लेकिन उनका स्थानांतरण होते ही पुन: वाहन चालकों की चांदी हो गई। जिसका नतीजा रहा कि वाहन चालक सुबह में ही गड़वार तिराहा स्थित पुलिस बूथ, क्रांसिंग के समीप तथा चित्तू पांडेय के समीप वाहन खड़ा कर यात्रियों को बैठाने का काम करते है। लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। वाहन के खड़ा होने तथा पुलिस के उदासीनता के चलते नगर में जाम लग जाता है। हालांकि पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने नगर से अतिक्रमण हटाने के लिए एंटी इंक्रोचमेंट टीम का गठन किया था, जो नगर के विभिन्न मार्गो पर भ्रमण करती रहती है। भ्रमण के दौरान जो भी वाहन बेतरतीब खड़ा मिलता है उसे उठाकर लेकिर कोतवाली चलते आते है।
लेकिन वाहन चालक निडर होकर चित्तू पांडेय चौराहा, क्रांसिंग व गड़वार तिराहा पुलिस बूथ समेत अन्य मार्गो पर वाहन खड़ा कर यात्रियों को बैठाने का काम करते है। जबकि सभी वाहनों को नियम के अनुसार वाहन को बाहर खड़ा करना है। स्टैंड पर केवल टोकन वाली गाड़ी ही सवारी लोड कर सकती है। लेकिन वाहन चालक मनमानी तरीके से वाहन खड़ा कर सवारी बोझने का काम करते है। लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। जिससे नगर एक बार फिर जाम के झाम से कराहने लगा है। इस बाबत सीओ सिटी केसी सिंह ने बताया कि जाम और अतिक्रमण की समस्या गंभीर है। इसको लेकर निर्देशित भी किया गया है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर अवश्य ही कार्रवाई होगी।
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नगर को जाम से निजात दिलाने के लिए तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने जिला प्रशासन के साथ बैठक कर रूटमार्च व किराया निर्धारित कर दिया था। ये व्यवस्था करीब डेढ़ माह तक ठीक-ठाक चली रहा। लेकिन उनका स्थानांतरण होते ही पुन: वाहन चालकों की चांदी हो गई। जिसका नतीजा रहा कि वाहन चालक सुबह में ही गड़वार तिराहा स्थित पुलिस बूथ, क्रांसिंग के समीप तथा चित्तू पांडेय के समीप वाहन खड़ा कर यात्रियों को बैठाने का काम करते है। लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। वाहन के खड़ा होने तथा पुलिस के उदासीनता के चलते नगर में जाम लग जाता है। हालांकि पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने नगर से अतिक्रमण हटाने के लिए एंटी इंक्रोचमेंट टीम का गठन किया था, जो नगर के विभिन्न मार्गो पर भ्रमण करती रहती है। भ्रमण के दौरान जो भी वाहन बेतरतीब खड़ा मिलता है उसे उठाकर लेकिर कोतवाली चलते आते है।
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लेकिन वाहन चालक निडर होकर चित्तू पांडेय चौराहा, क्रांसिंग व गड़वार तिराहा पुलिस बूथ समेत अन्य मार्गो पर वाहन खड़ा कर यात्रियों को बैठाने का काम करते है। जबकि सभी वाहनों को नियम के अनुसार वाहन को बाहर खड़ा करना है। स्टैंड पर केवल टोकन वाली गाड़ी ही सवारी लोड कर सकती है। लेकिन वाहन चालक मनमानी तरीके से वाहन खड़ा कर सवारी बोझने का काम करते है। लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। जिससे नगर एक बार फिर जाम के झाम से कराहने लगा है। इस बाबत सीओ सिटी केसी सिंह ने बताया कि जाम और अतिक्रमण की समस्या गंभीर है। इसको लेकर निर्देशित भी किया गया है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर अवश्य ही कार्रवाई होगी।
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