बैरिया। नगर पंचायत को जिला प्रशासन की ओर से हॉटस्पॉट घोषित करने के बाद पूरी तरह सील कर कंटेंनमेंट जोन बना दिया गया है। कंटेंनमेंट जोन के चिरैया मोड़ तिराहा पर रेवती व बलिया मार्ग की ओर से आने वाले पैदल प्रवासी मजदूरों को रोककर उनका विस्तृत विवरण बैरिया पुलिस रजिस्टर पर दर्ज कर रही है। हर एक प्रवासी मजदूर को पूरा विवरण दर्ज करने के बाद ही उन्हें आगे जाने दिया जा रहा है। थके हारे गैर प्रान्त से आ रहे प्रवासी मजदूरों को बिहार के विभिन्न जनपदों में जाना है। वह साधन उपलब्ध कराने की गुहार भी लगा रहे हैं लिहाजा बैरिया के एसएचओ संजय कुमार त्रिपाठी सीमा का हवाला देकर उन्हें सिर्फ बिहार छोड़वाने का काम कर रहे हैं। लॉकडाउन लागू होने के बाद शुरु हुआ प्रवासी मजदूरों का पलायन अब भी जारी है। यह मजदूर पैदल ही पटना, वैशाली, समस्तीपुर, हाजीपुर, मुज्जफरपुर के लिए पैदल ही जा रहे हैं। खास बात यह है कि हॉटस्पॉट जोन बैरिया में प्रवासी मजदूर इस उम्मीद के साथ रुक रहे हैं कि शायद हमें भोजन और ठंडा पानी मिल जाएगा लेकिन हॉटस्पॉट के कारण इन्हें कोई मदद नहीं मिल पा रही है। अहमदाबाद से विकलांग शिवम, दिनेश यादव, संतोष यादव आदि 15 मजदूर 17वें दिन बैरिया पहुंचे थे, इन्हें बिहार के पटना पहुंचना है। मजदूरों की मानें तो इन्हें पूरी जानकारी नहीं है कि कहां से कौन सी ट्रेन कहां जाएगी। ऐसे में बहुत सारे मजदूर पैदल निकल गए तो कई मजदूर कानपुर तक ट्रेन से फिर कानपुर से बस से बैरिया पहुंचे। बहुत सारे मजदूरों को बस से बैरिया उतार दिया जा रहा जिन्हें बिहार के विभिन्न जनपदों में पहुंचने के लिए अभी सौ से 400 किमी तक कि पैदल ही दूरी तय करना है।