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पकड़े गए आंगनबाड़ी पोषाहार मामले में एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई नहीं क
Updated Fri, 23 Nov 2018 12:31 AM IST
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बैरिया (बलिया)। करीब एक सप्ताह पहले पुलिस ने पिकअप से बिहार ले जा रहे आंगनबाड़ी पोषाहार के 1686 पैकेट पकड़े थे। मामले में बैरिया व मुरलीछपरा सीडीपीओ की संयुक्त तहरीर पर पिकअप चालक समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। लेकिन एक सप्ताह बाद भी विभाग साफ नहीं कर पाया है कि आखिर पकड़े गए पुष्टाहार के पैकेट किस आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के हैं। यहां तक कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर मिलान को लक्ष्मण बाबा द्वाबा राष्ट्रीय इंटर कालेज के प्रांगण में दो दिनों पहले होने वाली बैठक को भी अचानक रद कर दिया गया। जिससे विभागी जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
करीब एक सप्ताह पहले 16 नवंबर को बैरिया पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पिकअप से बिहार जा रहे आंगनबाड़ी पोषहार के एक-एक किलों के 1686 पैकेट को पकड़ा था। इसकी जानकारी होने विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया और 17 नवंबर को जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत कई सीडीपीओ थाने पहुंचे। थाने में पैकेट की जांच में सामने आया कि मुरली छपरा, बैरिया व बलिया सदर परियोजना के पैकेट हैं। इसके बाद मुरली छपरा व बैरिया सीडीपीओ की संयुक्त तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने दावा किया था कि संबंधित परियोजना के किस आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का यह पैकेट है इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 20 नवंबर को एक इंटर कॉलेज में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई थी और यह निर्देश दिया गया कि वह अपनी नियुक्ति पत्र भी साथ लेकर आएंगी। लेकिन अचानक इस बैठक को निरस्त कर दिया गया। बताया जाता है कि विभाग इस मामले में लीपापोती करने में जुटा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों को यह भी भय सता रहा है कि कार्रवाई के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी चुप नहीं बैठेंगे और पोषाहार में हो रहे खेल को भी उजागर कर सकते हैं।
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करीब एक सप्ताह पहले 16 नवंबर को बैरिया पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पिकअप से बिहार जा रहे आंगनबाड़ी पोषहार के एक-एक किलों के 1686 पैकेट को पकड़ा था। इसकी जानकारी होने विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया और 17 नवंबर को जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत कई सीडीपीओ थाने पहुंचे। थाने में पैकेट की जांच में सामने आया कि मुरली छपरा, बैरिया व बलिया सदर परियोजना के पैकेट हैं। इसके बाद मुरली छपरा व बैरिया सीडीपीओ की संयुक्त तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने दावा किया था कि संबंधित परियोजना के किस आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का यह पैकेट है इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 20 नवंबर को एक इंटर कॉलेज में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई थी और यह निर्देश दिया गया कि वह अपनी नियुक्ति पत्र भी साथ लेकर आएंगी। लेकिन अचानक इस बैठक को निरस्त कर दिया गया। बताया जाता है कि विभाग इस मामले में लीपापोती करने में जुटा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों को यह भी भय सता रहा है कि कार्रवाई के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी चुप नहीं बैठेंगे और पोषाहार में हो रहे खेल को भी उजागर कर सकते हैं।
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