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तत्काल टिकट के खेल में रेलवे प्रशासन फेल
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:35 PM IST
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बलिया। रेलवे प्रशासन चाहे लाख प्रयत्न कर ले, दलालों पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। इसका नजारा रोजाना टिकट काउंटर पर देखने को मिलता है। शनिवार को भी तत्काल वातानुकूलित टिकट लेने के लिए लाइन में लगे 39 लोगों में सिर्फ नौ लोगों को टिकट मिला। शयनयान के लिए 27 लोगों में केवल पांच लोगों का ही टिकट बन पाया। लाइन में लगे लोगों की मानें तो काउंटर पर दलालों का वरीयता के आधार टिकट बनाया गया।
माडल रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर हमेशा दलालों की सक्रियता बनी रहती है। पांच सौ से हजार रुपये तक अधिक वसूल कर ये आम लोगों को तत्काल टिकट मुहैया कराते हैं। टिकट काउंटर में बैठे कर्मचारी की मिलीभगत से दलालों का बोलबाला रहता है। ये दलाल पहले से ही दस-बीस टिकट खरीदकर रख देते हैं। तत्काल टिकट लेने का समय खत्म होने ठीक पांच मिनट बाद ये दलाल खिड़की के पास आकर खड़े हो जाते हैं। जैसे ही काउंटर बंद होता है लोग निराश लौटने लगते हैं। ये दलाल उनके पास जाकर उनसे सौ-दौ सो रुपये अधिक लेकर टिकट देने का काम करते हैं। घंटो कतार में लगे लोगों में 30-40 प्रतिशत यात्रियों को ही टिकट मिल पाता है।
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रेल प्रशासन पर लगाया आरोप
बलिया। हल्दी निवासी टुना उपाध्याय ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी से दिल्ली जाने के लिए मैं दो दिनों से स्टेशन का चक्कर काट रहा हूं। आज मैं लाइन में 13वें नंबर पर था, लेकिन मुझे टिकट नसीब नहीं हुआ। बहेरी के आफताब ने बताया कि मुंबई जाने के लिए पवन एक्सप्रेस के टिकट के लिए स्टेशन आया, लेकिन निराशा हाथ लगी। ये मेरे साथ पहली बार नहीं हुआ, ये तो माडल रेलवे स्टेशन की आदत बन गई है।
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माडल रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर हमेशा दलालों की सक्रियता बनी रहती है। पांच सौ से हजार रुपये तक अधिक वसूल कर ये आम लोगों को तत्काल टिकट मुहैया कराते हैं। टिकट काउंटर में बैठे कर्मचारी की मिलीभगत से दलालों का बोलबाला रहता है। ये दलाल पहले से ही दस-बीस टिकट खरीदकर रख देते हैं। तत्काल टिकट लेने का समय खत्म होने ठीक पांच मिनट बाद ये दलाल खिड़की के पास आकर खड़े हो जाते हैं। जैसे ही काउंटर बंद होता है लोग निराश लौटने लगते हैं। ये दलाल उनके पास जाकर उनसे सौ-दौ सो रुपये अधिक लेकर टिकट देने का काम करते हैं। घंटो कतार में लगे लोगों में 30-40 प्रतिशत यात्रियों को ही टिकट मिल पाता है।
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रेल प्रशासन पर लगाया आरोप
बलिया। हल्दी निवासी टुना उपाध्याय ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी से दिल्ली जाने के लिए मैं दो दिनों से स्टेशन का चक्कर काट रहा हूं। आज मैं लाइन में 13वें नंबर पर था, लेकिन मुझे टिकट नसीब नहीं हुआ। बहेरी के आफताब ने बताया कि मुंबई जाने के लिए पवन एक्सप्रेस के टिकट के लिए स्टेशन आया, लेकिन निराशा हाथ लगी। ये मेरे साथ पहली बार नहीं हुआ, ये तो माडल रेलवे स्टेशन की आदत बन गई है।
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