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रिमझिम बारिश संग पड़े ओले, बढ़ी ठंड
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बलिया। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार की रात व शुक्रवार की सुबह हुई रिमझिम बारिश ने गेहूं की फसलों के लाभदायकसिद्ध हुआ। वहीं दलहनी व तिलहनी के लिए नुकसान साबित हुआ। जबकि शादी-विवाह वालों के लिए बारिश ने परेशानी पैैदा कर दिया। पिछले करीब 24 घंटे से रुक-रुक हो रही बारिश से ठंड में इजाफा हो गया है।
नगर के मालगोदाम रोड स्थित सतीश चंद्र कालेज के पास घरों के सामने लगे बारिश व नाली के पानी ने नगर पालिका प्रशासन की स्वच्छता अभियान की कलई खोल कर रख दिया है। नगर पंचायत मनियर में शुक्रवार की सुबह हल्की बारिश ने नगर की साफ-सफाई व टूटी सड़कों पर जल जमाव होने के कारण राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आदर्श नगर मनियर के दीवारों पर लिखा साफ सफाई का स्लोगन हवा हवाई साबित हुआ। कारण कि दीवारों पर लिखे स्लोगन को हल्की बारिश ने कलई खोल दिया। नगर के वार्ड नं 14 की दशा नारकीय है। सड़कों पर चलना खतरे से खाली नहीं है। नगर के देवापुर से लेकर बंशी सेठ के घर तक सड़क की हालत बदतर है। जगह-जगह बने गड्डे व कीचड़ के चलते दर्जनों गांवों से गुजरने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उधर, नगरा क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह बूंदाबांदी के साथ ही ओले पड़े। किसान बूंदा बांदी को गेहूं की फसलों के लिए फायदेमंद बता रहे हैं। जबकि ओले से दलहनी एवं आलू की फसलों को नुकसान हुआ। ओले के कारण ठंड भी बढ़ गई है। सुबह की बूंदाबांदी ने गांव एवं बाजारों में सफाई की पोल खोल दिया। गांव की नालियां सफाई न होने के कारण बजबजा रही हैं। गांव की गलियों में कीचड़ और पानी जमा हो गया। सबसे अधिक स्थिति नगरा बाजार में दुर्दशा रहा। बारिश होते ही नगरा बाजार की मुख्य सड़क पर गंदा पानी जमा होने के कारण आवागमन बाधित हो गया।
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बैरिया संवाददाता के अनुसार शुक्रवार को हुई बारिश से जहां गेहूं के फसलों को फायदा हुआ वहीं, सरसों, मसूर, चना, आलू के फसलों को नुकसान होने की बात किसानों ने कही। गुरुवार की रात्रि से रुक-रुककर हो रही बारिश पूरे रात होती रही और बादल गरजता रहा, लेकिन शुक्रवार को कुछ देर तेज बारिश हुई।
बांसडीह संवाददाता के अनुसार गुरुवार की शाम से हो रहेे रुक रुक कर बारिश से आलू और सरसों की खेती करने वाले किसानों की नींद उड़ गई है। बड़े पैमाने पर आलू और सब्जी की खेती करने वाले किसान सुरेश वर्मा ने बताया कि हल्की बारिश तो गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी लेकिन आलू व सरसों की खेती करने वाले के लिए अभिशाप है। अगर यही हाल रहा तो आलू के खेतों की क्यारियों में पानी लग जाएगा जिससे आलू सड़ भी सकता है।
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नगर के मालगोदाम रोड स्थित सतीश चंद्र कालेज के पास घरों के सामने लगे बारिश व नाली के पानी ने नगर पालिका प्रशासन की स्वच्छता अभियान की कलई खोल कर रख दिया है। नगर पंचायत मनियर में शुक्रवार की सुबह हल्की बारिश ने नगर की साफ-सफाई व टूटी सड़कों पर जल जमाव होने के कारण राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आदर्श नगर मनियर के दीवारों पर लिखा साफ सफाई का स्लोगन हवा हवाई साबित हुआ। कारण कि दीवारों पर लिखे स्लोगन को हल्की बारिश ने कलई खोल दिया। नगर के वार्ड नं 14 की दशा नारकीय है। सड़कों पर चलना खतरे से खाली नहीं है। नगर के देवापुर से लेकर बंशी सेठ के घर तक सड़क की हालत बदतर है। जगह-जगह बने गड्डे व कीचड़ के चलते दर्जनों गांवों से गुजरने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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उधर, नगरा क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह बूंदाबांदी के साथ ही ओले पड़े। किसान बूंदा बांदी को गेहूं की फसलों के लिए फायदेमंद बता रहे हैं। जबकि ओले से दलहनी एवं आलू की फसलों को नुकसान हुआ। ओले के कारण ठंड भी बढ़ गई है। सुबह की बूंदाबांदी ने गांव एवं बाजारों में सफाई की पोल खोल दिया। गांव की नालियां सफाई न होने के कारण बजबजा रही हैं। गांव की गलियों में कीचड़ और पानी जमा हो गया। सबसे अधिक स्थिति नगरा बाजार में दुर्दशा रहा। बारिश होते ही नगरा बाजार की मुख्य सड़क पर गंदा पानी जमा होने के कारण आवागमन बाधित हो गया।
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बैरिया संवाददाता के अनुसार शुक्रवार को हुई बारिश से जहां गेहूं के फसलों को फायदा हुआ वहीं, सरसों, मसूर, चना, आलू के फसलों को नुकसान होने की बात किसानों ने कही। गुरुवार की रात्रि से रुक-रुककर हो रही बारिश पूरे रात होती रही और बादल गरजता रहा, लेकिन शुक्रवार को कुछ देर तेज बारिश हुई।
बांसडीह संवाददाता के अनुसार गुरुवार की शाम से हो रहेे रुक रुक कर बारिश से आलू और सरसों की खेती करने वाले किसानों की नींद उड़ गई है। बड़े पैमाने पर आलू और सब्जी की खेती करने वाले किसान सुरेश वर्मा ने बताया कि हल्की बारिश तो गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी लेकिन आलू व सरसों की खेती करने वाले के लिए अभिशाप है। अगर यही हाल रहा तो आलू के खेतों की क्यारियों में पानी लग जाएगा जिससे आलू सड़ भी सकता है।