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हर कदम पर भाजपा का विरोध करेंगे शिक्षामित्र
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बलिया। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ की बैठक महामंत्री पंकज सिंह के नेतृत्व में हुई। इसमें विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्रों के साथ सरकार का रवैया ठीक नहीं है। भाजपा ने शिक्षामित्रों की समस्या निपटाने की बात न सिर्फ घोषणा पत्र में कही, बल्कि प्रधानमंत्री ने वाराणसी में मंच से ऐलान किया था कि शिक्षामित्रों की समस्या मेरी समस्या है। शिक्षामित्र हताश व निराश न हों, लेकिन आज तक सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। आज प्रदेश का हर एक शिक्षामित्र अपने आपको ठगा महसूस कर रहा है। ऐसे में बागी धरती से ही शिक्षामित्र अपनी जायज मांगों को लेकर निर्णायक संघर्ष शुरू करेंगे। कहा कि 25 जुलाई 2017 को समायोजन निरस्त के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केवल यही कहते आ रहे हैं कि हम शिक्षामित्रों के साथ हैं। आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में अचानक 60-65 प्रतिशत का कट-ऑफ लागू कर शिक्षामित्रों को पहले ही झटके में बाहर करने का कुचक्र रच दिया। कहा कि शिक्षामित्र भी अब चुप बैठने वाले नहीं है। बैठक में श्यामनंदन मिश्रा, मनीष सिंह, अखिलेश पांडेय, अमृत सिंह, संजय पाल, मानवेन्द्र सिंह, विनोद चौबे, रीता ओझा, संगीता भारती, सुशीला वर्मा आदि रहे। अध्यक्षता पुष्पलता और संचालन रमेश पांडेय ने किया।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्रों के साथ सरकार का रवैया ठीक नहीं है। भाजपा ने शिक्षामित्रों की समस्या निपटाने की बात न सिर्फ घोषणा पत्र में कही, बल्कि प्रधानमंत्री ने वाराणसी में मंच से ऐलान किया था कि शिक्षामित्रों की समस्या मेरी समस्या है। शिक्षामित्र हताश व निराश न हों, लेकिन आज तक सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। आज प्रदेश का हर एक शिक्षामित्र अपने आपको ठगा महसूस कर रहा है। ऐसे में बागी धरती से ही शिक्षामित्र अपनी जायज मांगों को लेकर निर्णायक संघर्ष शुरू करेंगे। कहा कि 25 जुलाई 2017 को समायोजन निरस्त के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केवल यही कहते आ रहे हैं कि हम शिक्षामित्रों के साथ हैं। आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में अचानक 60-65 प्रतिशत का कट-ऑफ लागू कर शिक्षामित्रों को पहले ही झटके में बाहर करने का कुचक्र रच दिया। कहा कि शिक्षामित्र भी अब चुप बैठने वाले नहीं है। बैठक में श्यामनंदन मिश्रा, मनीष सिंह, अखिलेश पांडेय, अमृत सिंह, संजय पाल, मानवेन्द्र सिंह, विनोद चौबे, रीता ओझा, संगीता भारती, सुशीला वर्मा आदि रहे। अध्यक्षता पुष्पलता और संचालन रमेश पांडेय ने किया।
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