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अब तक का क्रांतिकारी बजट
Updated Fri, 02 Feb 2018 10:48 PM IST
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बलिया। भोजपुरिया आर्थिक संघ के तत्वावधान में टीडी कालेज के अर्थशास्त्र विभाग में संघीय बजट 2018-19 की समीक्षा संबंधी परिचर्चा की गई। शामिल लोगों ने बजट को अब तक का क्रांतिकारी बजट कहा।
इस मौके पर प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उद्योग और सेवा क्षेत्र में रोजगार सृजन का अभाव है। इसी कड़ी में टीडी कालेज के छात्रसंघ के महामंत्री ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस बार के बजट में युवाओं और बेरोजगारों के लिए कुछ भी नहीं कहा गया है। इस बजट में प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा के साथ महिलाओें को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया है। एससी कालेज के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डा. अंगद सिंह ने कहा कि केंद्र के इस बार के अब तक के बजट में एक क्रांतिकारी बजट तो है। जिसमें स्मार्ट सिटी और स्मार्ट विलेज को केंद्र में रखकर कृषि एवं ग्रामीण विकास को प्रोत्साहन दिया गया है। यदि केंद्र सरकार ने इस ओर चार साल पहले ही ध्यान दे दिया होता तो शायद कृषि विकास का कलेवर ही कुछ और होता। लेकिन केंद्र सरकार इस तरफ चुनाव को ध्यान में रखकर बजट बनाया, जो मात्र चुनावी बजट है। इस मौके पर डा. सुशील कुमार श्रीवास्तव ने कहाकि सरकार जीएसटी मामले में पूरी तरह से फेल रही है। सरकार को जीएसटी से एक रुपये में 23 पैसे ही वसूली हुई है। जबकि राज्यों की हिस्सेदारी 24 पैसा है। ऐसे में सरकार पर बजटीय दबाव बढ़ा है। इस मौके पर डा. संतोष कुमार गुप्त ने कहा कि संघीय बजट में नए भारत की संकल्पना को मजबूती तो प्रदान करने की कोशिश तो की गई है। लेकिन अभी उसमे सुधार की जरुरत है। इस मौके पर मंटू साहनी, सलाहुद्दीन, डा. निखिल सिंह आदि मौजूद रहे।
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इस मौके पर प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उद्योग और सेवा क्षेत्र में रोजगार सृजन का अभाव है। इसी कड़ी में टीडी कालेज के छात्रसंघ के महामंत्री ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस बार के बजट में युवाओं और बेरोजगारों के लिए कुछ भी नहीं कहा गया है। इस बजट में प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा के साथ महिलाओें को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया है। एससी कालेज के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डा. अंगद सिंह ने कहा कि केंद्र के इस बार के अब तक के बजट में एक क्रांतिकारी बजट तो है। जिसमें स्मार्ट सिटी और स्मार्ट विलेज को केंद्र में रखकर कृषि एवं ग्रामीण विकास को प्रोत्साहन दिया गया है। यदि केंद्र सरकार ने इस ओर चार साल पहले ही ध्यान दे दिया होता तो शायद कृषि विकास का कलेवर ही कुछ और होता। लेकिन केंद्र सरकार इस तरफ चुनाव को ध्यान में रखकर बजट बनाया, जो मात्र चुनावी बजट है। इस मौके पर डा. सुशील कुमार श्रीवास्तव ने कहाकि सरकार जीएसटी मामले में पूरी तरह से फेल रही है। सरकार को जीएसटी से एक रुपये में 23 पैसे ही वसूली हुई है। जबकि राज्यों की हिस्सेदारी 24 पैसा है। ऐसे में सरकार पर बजटीय दबाव बढ़ा है। इस मौके पर डा. संतोष कुमार गुप्त ने कहा कि संघीय बजट में नए भारत की संकल्पना को मजबूती तो प्रदान करने की कोशिश तो की गई है। लेकिन अभी उसमे सुधार की जरुरत है। इस मौके पर मंटू साहनी, सलाहुद्दीन, डा. निखिल सिंह आदि मौजूद रहे।
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