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आजाद बलिया नगर पालिका के पहले अध्यक्ष थे बाबू सीताराम रईस
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:10 PM IST
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बलिया। आजादी के बाद जिले में सबसे पहले बलिया नगर पालिका अस्तित्व में आया। हालांकि समय के साथ बढ़ती आबादी को देखते हुए समय-समय पर एक अन्य नगर पालिका व सात नगर पंचायतें भी अस्तित्व में आईं। वर्ष 2016 में बैरिया को नगर पंचायत का दर्जा मिला जहां इस साल पहली बार चुनाव होने जा रहा है। आजाद बलिया की नगर पालिका के पहले अध्यक्ष का श्रेय बाबू सीताराम रईस को जाता है।
ऐसे तो बलिया जिला सबसे पहले एक नवंबर 1879 को अस्तित्व में आया। बताया जाता है कि अंग्रेजी हुकूमत में बलिया का म्युनिस्पिलिटी का दर्जा रहा। 19 अगस्त 1942 को बलिया जिला पूरी तरह स्वतंत्र हुआ इसके बाद से यहां नगर पालिका समेत अन्य प्रशासनिक ढांचों को सहेजने का काम किया गया। 1948 में बलिया म्युनिस्पल बोर्ड बना और इसके बाद चुनाव कराए गए। पहले चुनाव में बाबू सीताराम रईस चेयरमैन चुने गए। इसके बाद मुरली मनोहर, विश्वनाथ सिंह, श्रीकृष्ण सिंह, जवाहर प्रसाद जायसवाल जैसे सरीखे दिग्गज भी अध्यक्ष बने। शुरु में बलिया नगर पालिका का दायरा काफी कम रहा लिहाजा छोटे-छोटे कुल 11 वार्ड बनाए गए थे।
बताया जाता है कि करीब 10 हजार की आबादी थी और छह हजार 746 मतदाता थे। लेकिन समय के साथ आबादी बढ़ती और जब-जब चुनाव हुए वार्डों का परिसीमन भी किया गया। आज 2017 में बलिया नगर पालिका की कुल आबादी एक लाख 17 हजार 409 हो गई है और कुल मतदाता 89 हजार 77 हैं। इसमें 49 हजार 801 पुरुष व 39 हजार 276 महिला मतदाता हैं। दो दशक पहले नगर पालिका में कुल 25 वार्ड निर्धारित किए गए जो आज भी कायम हैं। नगर पालिका व नगर पंचायतों के चुनाव पहले दलगत आधार पर नहीं हुए लेकिन राजनीतिक दलों का हस्तक्षेप परोक्ष रुप से जरुर रहा। हालांकि जो भी अध्यक्ष पद पर जीता वह प्रदेश की सत्ता के साथ ही रहा। पहली बार इस वर्ष निकाय चुनाव दलीय आधार पर होने जा रहा है।
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ऐसे तो बलिया जिला सबसे पहले एक नवंबर 1879 को अस्तित्व में आया। बताया जाता है कि अंग्रेजी हुकूमत में बलिया का म्युनिस्पिलिटी का दर्जा रहा। 19 अगस्त 1942 को बलिया जिला पूरी तरह स्वतंत्र हुआ इसके बाद से यहां नगर पालिका समेत अन्य प्रशासनिक ढांचों को सहेजने का काम किया गया। 1948 में बलिया म्युनिस्पल बोर्ड बना और इसके बाद चुनाव कराए गए। पहले चुनाव में बाबू सीताराम रईस चेयरमैन चुने गए। इसके बाद मुरली मनोहर, विश्वनाथ सिंह, श्रीकृष्ण सिंह, जवाहर प्रसाद जायसवाल जैसे सरीखे दिग्गज भी अध्यक्ष बने। शुरु में बलिया नगर पालिका का दायरा काफी कम रहा लिहाजा छोटे-छोटे कुल 11 वार्ड बनाए गए थे।
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बताया जाता है कि करीब 10 हजार की आबादी थी और छह हजार 746 मतदाता थे। लेकिन समय के साथ आबादी बढ़ती और जब-जब चुनाव हुए वार्डों का परिसीमन भी किया गया। आज 2017 में बलिया नगर पालिका की कुल आबादी एक लाख 17 हजार 409 हो गई है और कुल मतदाता 89 हजार 77 हैं। इसमें 49 हजार 801 पुरुष व 39 हजार 276 महिला मतदाता हैं। दो दशक पहले नगर पालिका में कुल 25 वार्ड निर्धारित किए गए जो आज भी कायम हैं। नगर पालिका व नगर पंचायतों के चुनाव पहले दलगत आधार पर नहीं हुए लेकिन राजनीतिक दलों का हस्तक्षेप परोक्ष रुप से जरुर रहा। हालांकि जो भी अध्यक्ष पद पर जीता वह प्रदेश की सत्ता के साथ ही रहा। पहली बार इस वर्ष निकाय चुनाव दलीय आधार पर होने जा रहा है।
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