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घाघरा में समा चुके हैं दर्जनभर स्कूल
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:07 PM IST
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रामगढ़। विगत बर्षों पहले गंगा व घाघरा नदी के कटान से सदर व बैरिया तहसील के करीब एक दर्जन विद्यालय नदी में विलीन हो गए। लेकिन आजतक इन विद्यालयों को भवन नहीं मिला। जिसके चलते सैकड़ों बच्चों के भविष्य पर ग्रहण लग गया है। इस संबंध में कांग्रेस नेता व इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने विगत दिनों राज्यसभा सांसद नीरज शेखर से मिलकर एक प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमे मांग की थी कि सदर व बैरिया तहसील के 11 प्राथमिक विद्यालय गंगा व घाघरा की लहरों में समा गए। इन विद्यालयों का पुन: निर्माण कराया जाय। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए श्री शेखर ने 21 जुलाई 2017 को मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री भारत सरकार महेंद्र पांडेय को पत्र भेजकर अनुरोध किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन विद्यालयों के निर्माण के लिए दोबारा धन आवंटित किया जाय । ताकि इन विद्यालयों के अस्तित्व में आने से बच्चों की पढ़ाई छूटेगी नहीं।
इनसेट...
ये विद्यालय बाढ़ में हो गए समाहित
रामगढ़। अब तक गंगा व घाघरा में समाहित हुए विद्यालय में बेलहरी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय गंगापुर, चौबेछपरा बैरिया ब्लाक प्राथमिक विद्यालय साहपुर गंगौली, उदई छपरा श्रीनगर, केहरपुर रेवती ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय रामपुर पूर्वी आदि शामिल हैं।
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ये विद्यालय बाढ़ में हो गए समाहित
रामगढ़। अब तक गंगा व घाघरा में समाहित हुए विद्यालय में बेलहरी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय गंगापुर, चौबेछपरा बैरिया ब्लाक प्राथमिक विद्यालय साहपुर गंगौली, उदई छपरा श्रीनगर, केहरपुर रेवती ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय रामपुर पूर्वी आदि शामिल हैं।
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