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12 फीसदी गेहूं खरीदकर हुए चित्त
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Tue, 28 Jun 2016 08:17 PM IST
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गेहूं
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में इस वर्ष गेहूं खरीद की हालत काफी खराब रही है। क ई सुविधाएं देने, साथ ही पिछली बार की अपेक्षा ज्यादा मूल्य देने के बाद भी निर्धारित लक्ष्य की तुलना में महज काफी कम खरीद रही। जिले को गेहूं खरीद के लिए लक्ष्य 77000 मीट्रिक टन मिला था, जिसके तहत निर्धारित तिथि तक मात्र 9345 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी, जो लक्ष्य का 12 फीसदी रहा।
जिले में गेहूं खरीद इतनी कम होने की वजह विभागीय उदासीनता और किसानों को बाजार में उचित दर मिलना बताया जा रहा है। मालूम हो कि इस बार क्रय केंद्रों पर 1525 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद हुई है, जो पिछले साल की तुलना में 75 रुपये अधिक है।
गेहूं खरीद के लिए जिले में 72 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए थे। इस क्रय केंद्रों पर पहली अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई, जो 15 जून तक चली। इस दौरान क्रय केंद्रों पर गेंहू की खरीद उम्मीद से काफी कम रही। 15 हाट शाखा, 70 स्टेट एजेंसी के माध्यम से गेहूं की खरीद की गई थी।
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जिले के हनुमानगंज क्रय केंद्र पर 2500 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित था, जहां 544 मीटिक टन खरीद हुई। इसी तरह चितबड़ागांव हाट शाखा को 2500 मीट्रिक टन लक्ष्य दिया गया था, जहां 433 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी। रतसड और बेलहरी में 1500 के सापेक्ष 346 और 162 मीट्रिक टन खरीद हुई।
इसी प्रकार चिलकहर, रसड़ा, बेल्थरारोड, बांसडीह, रेवती, मनियर का लक्ष्य 2500 था, जहां 643, 306 , 504, 812, 343, 327 मीट्रिक टन की खरीद हो पाई। नगरा, सुखपुरा, सिकंदरपुर, पंदह, लालगंज का लक्ष्य 2000 रखा गया था, जहां 605, 508, 323, 306 व 424 मीट्रिक टन खरीद हुई।
जिले के पीसीएफ के 37 केंद्रों पर 18000 मीट्रिक टन लक्ष्य था, जहां 1649 मीट्रिक टन खरीद हुई, वहीं यूपी स्टेट एग्रो के चार क्रय केंद्रों पर पांच हजार लक्ष्य के सापेक्ष 100 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी। बताया जाता है कि बिहार के व्यापारी किसानों के घरों पर ही गेहूं की खरीद के लिए पहुंच जाते हैं, जो किसानों को उचित मूल्य देने के साथ तत्काल नकद पैसा भी देते हैं,
जबकि समितियों के यहां गेहूं की बिक्री करने पर किसानों को परेशानियों को सामना करना पड़ता है। किसानों को अक्सर शिकायत रहती थी कि क्रय केंद्रों पर कई प्रकार की बहानेबाजी की जाती थी साथ ही उनके गेहूं में कई कमियां गिना दी जाती हैं। जबकि बाहर से आने वाले व्यापारी हाथों हाथ गेहूं ले लेते हैं।
जिले में निर्धारित क्रय केंद्रों में बांसडीह क्रय केंद्र पर लक्ष्य के सापेक्ष सबसे अधिक खरीद हुई, जबकि बेलहरी में लक्ष्य के सापेक्ष सबसे कम खरीदारी हुई। बांसडीह में लक्ष्य 2500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद कर लक्ष्य था इसक ी तुलना में 812 की खरीद हुई जो करीब पैंतीस प्रतिशत रहा। वहीं बेल्हरी में 1500 के सापेक्ष 162 मीट्रिक टन की खरीद हुई।
अमरेश यादव, सहायक क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ने कहा जिले में इस बार गेंहू की पैदावार कम हुई, वहीं व्यापारियों ने सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य से अधिक कीमत देकर किसानों के घर से गेेहूं की खरीदारी कर ली, जिस कारण क्रय केंद्रों पर खरीदारी में कमी आई।
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जिले में गेहूं खरीद इतनी कम होने की वजह विभागीय उदासीनता और किसानों को बाजार में उचित दर मिलना बताया जा रहा है। मालूम हो कि इस बार क्रय केंद्रों पर 1525 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद हुई है, जो पिछले साल की तुलना में 75 रुपये अधिक है।
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गेहूं खरीद के लिए जिले में 72 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए थे। इस क्रय केंद्रों पर पहली अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई, जो 15 जून तक चली। इस दौरान क्रय केंद्रों पर गेंहू की खरीद उम्मीद से काफी कम रही। 15 हाट शाखा, 70 स्टेट एजेंसी के माध्यम से गेहूं की खरीद की गई थी।
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जिले के हनुमानगंज क्रय केंद्र पर 2500 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित था, जहां 544 मीटिक टन खरीद हुई। इसी तरह चितबड़ागांव हाट शाखा को 2500 मीट्रिक टन लक्ष्य दिया गया था, जहां 433 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी। रतसड और बेलहरी में 1500 के सापेक्ष 346 और 162 मीट्रिक टन खरीद हुई।
इसी प्रकार चिलकहर, रसड़ा, बेल्थरारोड, बांसडीह, रेवती, मनियर का लक्ष्य 2500 था, जहां 643, 306 , 504, 812, 343, 327 मीट्रिक टन की खरीद हो पाई। नगरा, सुखपुरा, सिकंदरपुर, पंदह, लालगंज का लक्ष्य 2000 रखा गया था, जहां 605, 508, 323, 306 व 424 मीट्रिक टन खरीद हुई।
जिले के पीसीएफ के 37 केंद्रों पर 18000 मीट्रिक टन लक्ष्य था, जहां 1649 मीट्रिक टन खरीद हुई, वहीं यूपी स्टेट एग्रो के चार क्रय केंद्रों पर पांच हजार लक्ष्य के सापेक्ष 100 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी। बताया जाता है कि बिहार के व्यापारी किसानों के घरों पर ही गेहूं की खरीद के लिए पहुंच जाते हैं, जो किसानों को उचित मूल्य देने के साथ तत्काल नकद पैसा भी देते हैं,
जबकि समितियों के यहां गेहूं की बिक्री करने पर किसानों को परेशानियों को सामना करना पड़ता है। किसानों को अक्सर शिकायत रहती थी कि क्रय केंद्रों पर कई प्रकार की बहानेबाजी की जाती थी साथ ही उनके गेहूं में कई कमियां गिना दी जाती हैं। जबकि बाहर से आने वाले व्यापारी हाथों हाथ गेहूं ले लेते हैं।
जिले में निर्धारित क्रय केंद्रों में बांसडीह क्रय केंद्र पर लक्ष्य के सापेक्ष सबसे अधिक खरीद हुई, जबकि बेलहरी में लक्ष्य के सापेक्ष सबसे कम खरीदारी हुई। बांसडीह में लक्ष्य 2500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद कर लक्ष्य था इसक ी तुलना में 812 की खरीद हुई जो करीब पैंतीस प्रतिशत रहा। वहीं बेल्हरी में 1500 के सापेक्ष 162 मीट्रिक टन की खरीद हुई।
अमरेश यादव, सहायक क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ने कहा जिले में इस बार गेंहू की पैदावार कम हुई, वहीं व्यापारियों ने सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य से अधिक कीमत देकर किसानों के घर से गेेहूं की खरीदारी कर ली, जिस कारण क्रय केंद्रों पर खरीदारी में कमी आई।