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विवि की लापरवाही से उलझे छात्र, भविष्य अधर में

Tue, 12 Mar 2019 10:38 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2019 10:38 PM IST
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विवि की लापरवाही से उलझे छात्र, भविष्य अधर में
बलिया। विवि की परीक्षा शुरू होने के समय से ही किसी न किसी मुद्दे को लेकर जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के प्रबंधन की गड़बड़ी सामने आ रही है। ऐसा ही एक और मामला प्रकाश में आया है। जिसमें संस्कृत विषय के प्रथम प्रश्नपत्र में पुराने पाठ्यक्रम के सवाल पूछे गए हैं। यह गड़बड़ी सिर्फ संस्कृत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भौतिक विज्ञान और भूगोल में भी यही गड़बड़ी है। विवि की इस गड़बड़ी से अधिकांश छात्र-छात्राओं के भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है।
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गौरतलब हो कि अभी चंद्रशेखर विवि में एक ही समय में समाजशास्त्र और समाज कार्य का पेपर रख दिया गया था। जिससे लगभग 40 बच्चों का पेपर अधर में लटक गया था। इस खबर को अमर उजाला ने सात मार्च को शीर्षक ‘विवि की गफलत, एक ही समय में दो विषय के पेपर ’ को प्रकाशित किया था। जिसके बाद विवि ने अपनी गलती सुधारते हुए नया टाइम टेबल जारी कर दिया। लेकिन विवि ने एक बार फिर से अपनी गलती को दोहराते हुए इस बार संस्कृत विषय के प्रथम प्रश्नपत्र में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की जगह पुराने पाठ्यक्रम के सवाल पूछे हैं। यह गलती सिर्फ संस्कृत तक ही सीमित नहीं है। बल्कि बीए द्वितीय वर्ष के भूगोल विषय के साथ ही बीएससी फिजिक्स के पेपर में भी गड़बड़ी की गई है, जहां चंद्रशेखर विवि के सिलेबस की जगह पुराने काशी विद्यापीठ के प्रश्नपत्र को दोहराया गया है।
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कुल सचिव विवि संजय कुमार ने बताया कि पेपर में पुराने पाठ्यक्रम के प्रश्न के बारे मुझे कुछ जानकारी नहीं है और न ही कोई इस प्रकार की शिकायत आई है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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