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राइस मिलरों के प्रति उदासीन है केंद्र और प्रदेश सरकार
Updated Sat, 20 Oct 2018 11:13 PM IST
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बलिया। राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक नगर के एक निजी लाज में हुई। इस मौके पर राइस मिलरों ने केंद्र तथा प्रदेश सरकार के गलत नीतियों की लेकर विचार-विमर्श किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार अगर मिलरों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देती है तो हमारा कारोबार पूरी तरह से चौपट हो जाएगा। इस दौरान निर्णय लिया गया कि सोमवार को जिलाधिकारी से मिलकर सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
जिलाध्यक्ष गजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि सरकार के उपेक्षात्मक रवैए से हम मिलरों का काफी नुकसान हो रहा है। अगर केंद्र और प्रदेश सरकार ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो राइस मिलर्स बर्बाद हो जाएंगेे। कहा कि एक देश एक टैक्स तो लागू कर दिया गया। प्रदेश के आसपास की मंडियों में मंडी टैक्स समाप्त कर दिया गया। फिर भी प्रदेश में मंडी टैक्स के नाम पर ढाई प्रतिशत वसूली की जा रही है। सरकार की ओर से मिलरों को सन 1999 से धान की कुटाई 10 रुपये प्रति कुंतल दी जा रही है। उस समय डीजल 8.25 रुपये प्रति लीटर मिलता था जबकि वर्तमान समय में 80 रुपये हो गए हैं। लेबर चार्ज के साथ ही हर चीजें महंगी हो गई है। ऐसे में हमें भी 150 रुपये प्रति कुंतल कुटाई दी जाय। चावल की ढुलाई मात्र 40 किमी का ही दिया जाता है। जबकि हम लोगों को पहुंचाई गई दूरी से मिलनी चाहिए। इस मौके पर आनंद कुमार मिश्र, अशोक कुमार गुप्ता, सोनू सिंह, अजय केशरी, रामकेवल, सुदिष्ट नारायण सिंह, शिवजी गुप्ता, सुरेश प्रसाद, राजेश कुमार गुप्ता, सच्चिदानंद, हरेंद्र कुमार गुप्त आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष गजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि सरकार के उपेक्षात्मक रवैए से हम मिलरों का काफी नुकसान हो रहा है। अगर केंद्र और प्रदेश सरकार ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो राइस मिलर्स बर्बाद हो जाएंगेे। कहा कि एक देश एक टैक्स तो लागू कर दिया गया। प्रदेश के आसपास की मंडियों में मंडी टैक्स समाप्त कर दिया गया। फिर भी प्रदेश में मंडी टैक्स के नाम पर ढाई प्रतिशत वसूली की जा रही है। सरकार की ओर से मिलरों को सन 1999 से धान की कुटाई 10 रुपये प्रति कुंतल दी जा रही है। उस समय डीजल 8.25 रुपये प्रति लीटर मिलता था जबकि वर्तमान समय में 80 रुपये हो गए हैं। लेबर चार्ज के साथ ही हर चीजें महंगी हो गई है। ऐसे में हमें भी 150 रुपये प्रति कुंतल कुटाई दी जाय। चावल की ढुलाई मात्र 40 किमी का ही दिया जाता है। जबकि हम लोगों को पहुंचाई गई दूरी से मिलनी चाहिए। इस मौके पर आनंद कुमार मिश्र, अशोक कुमार गुप्ता, सोनू सिंह, अजय केशरी, रामकेवल, सुदिष्ट नारायण सिंह, शिवजी गुप्ता, सुरेश प्रसाद, राजेश कुमार गुप्ता, सच्चिदानंद, हरेंद्र कुमार गुप्त आदि मौजूद रहे।
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