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अतिक्रमण व अवैध कब्जा हटाने को अफसर गंभीर नहीं
Updated Mon, 12 Mar 2018 12:16 AM IST
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बलिया। सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और अवैध कब्जा हटाने को लेकर अधिकारी-कर्मचारी अभी भी गंभीर नहीं हैं। शिकायतों को कागजों पर ही निस्तारित कर कोरम पूरा करने का काम कर रहे हैं। राजस्व विभाग के अधिकारियों पर शासन का निर्देश व जिलाधिकारी के आदेश का भी कोई असर नहीं हो रहा है।
अतिक्रमण और अवैध कब्जा के मामले को लेकर शासन की ओर से की गई कवायद जिले में पूरी तरह फ्लाप है। खासकर राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इसको लेकर जरा भी गंभीर नहीं हैं। इतना ही नहीं शिकायतों को राजस्व विभाग के अधिकारी मनमानी तरीके से निस्तारित कर कोरम पूरा करने का काम करते हैं। आलम यह है कि दबंग आज भी सार्वजनिक और कमजोर लोगों की जमीनों पर कब्जा जमाए बैठे हैं और प्रशासन इनके आगे बौना साबित हो रहा है। कई मामलों में तो राजस्व विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने के बजाए शिकायतकर्ताओं को मामले के निस्तारण के लिए मुकदमा दायर करने का सुझाव देकर उसकी शिकायतों को निस्तारित कर देते हैं।
केस- 01
सात माह बाद भी नहीं हटा अवैध कब्जा
बलिया। सोहांव ब्लॉक के भरौली गांव निवासी आशा देवी ने संपूर्ण समाधान दिवस पर पांच सितंबर 2017 से लेकर अब तक कई बार शिकायत कर चुकी ने, बताया कि उनके जमीन के रकबे पर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया गया है। लेकिन महीनों तक मामले का निस्तारण नहीं किया गया और अब मामले को यह कहते हुए निस्तारित किया गया है कि अवैध कब्जा हटवाने के लिए मुकदमा कर कार्रवाई कराएं। आशा देवी की उम्र करीब 70 साल है और बेटा एअर फोर्स में देश की सेवा में है।
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पांच साल बाद भी बरकरार है सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा
बलिया। सोहांव ब्लॉक के अमांव गांव के सरकारी भूमि अराजी संख्या 183 पर सालों से दबंगों ने कब्जा कर रखा है। पांच साल पहले गांव के तत्कालीन लेखपाल ने पांच लोगों जवाहिर, नारद यादव, मोतीलाल, रामप्रताप यादव व राम विलास के खिलाफ 115 सी की रिपोर्ट तहसील को देकर बताया कि इन लोगों ने सरकारी संपत्ति पर कब्जा कर नुकसान पहुंचाया है। वर्ष 2014 में तहसील प्रशासन ने रामविलास पर 10 हजार, नारद व जवाहिर पर 12-12 हजार तथा रामप्रताप व मोतीलाल पर 14-14 हजार का जुर्माना लगाते हुए बेदखली का आदेश दिया। लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद गांव के संतोष कुमार यादव ने पांच दिसंबर व 19 दिसंबर 17 को संपूर्ण समाधान दिवस इस अवैध कब्जे को हटाने की मांग की। दोनों की बार लेखपाल ने रिपोर्ट दिया कि सरकारी भूमि व पांच लोगों का अवैध कब्जा मिला व निर्माण मिला जिसे पुलिस की मदद से रोकवा दिया गया लिहाजा शिकायत निक्षेपित करने योग्य है। आलम यह है कि मौके पर आज भी अवैध कब्जा बरकरार है।
गड़हियों पर अवैध हटाने को मुकदमा करने की सलाह
बलिया। सोहांव ब्लॉक के ही भरौली गांव निवासी चंद्रमणि राय ने तहसील दिवस पर छह अप्रैल 2017 से लेकर अब तक आधा दर्जन बार तहसील दिवस व अधिकारियों से शिकायत कर गांव के सार्वजनिक गड़हियों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की गुहार लगाई। लेकिन तहसील प्रशासन आज तक न तो मौके पर पहुंचा और न ही कोई कार्रवाई की। तहसील प्रशासन ने इस मामले में मुकदमा करने की सलाह देकर शिकायतों को निस्तारित कर दिया है।
सरकारी भूमि व निजी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जा हटाने के लिए राजस्व व संबंधित थाने के पुलिस की टीम गठित कर कार्रवाई कराई जाती है। मामले में लीपापोती करने की शिकायत पर जांच कर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज सिंघल, एडीएम, बलिया
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अतिक्रमण और अवैध कब्जा के मामले को लेकर शासन की ओर से की गई कवायद जिले में पूरी तरह फ्लाप है। खासकर राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इसको लेकर जरा भी गंभीर नहीं हैं। इतना ही नहीं शिकायतों को राजस्व विभाग के अधिकारी मनमानी तरीके से निस्तारित कर कोरम पूरा करने का काम करते हैं। आलम यह है कि दबंग आज भी सार्वजनिक और कमजोर लोगों की जमीनों पर कब्जा जमाए बैठे हैं और प्रशासन इनके आगे बौना साबित हो रहा है। कई मामलों में तो राजस्व विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने के बजाए शिकायतकर्ताओं को मामले के निस्तारण के लिए मुकदमा दायर करने का सुझाव देकर उसकी शिकायतों को निस्तारित कर देते हैं।
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केस- 01
सात माह बाद भी नहीं हटा अवैध कब्जा
बलिया। सोहांव ब्लॉक के भरौली गांव निवासी आशा देवी ने संपूर्ण समाधान दिवस पर पांच सितंबर 2017 से लेकर अब तक कई बार शिकायत कर चुकी ने, बताया कि उनके जमीन के रकबे पर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया गया है। लेकिन महीनों तक मामले का निस्तारण नहीं किया गया और अब मामले को यह कहते हुए निस्तारित किया गया है कि अवैध कब्जा हटवाने के लिए मुकदमा कर कार्रवाई कराएं। आशा देवी की उम्र करीब 70 साल है और बेटा एअर फोर्स में देश की सेवा में है।
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पांच साल बाद भी बरकरार है सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा
बलिया। सोहांव ब्लॉक के अमांव गांव के सरकारी भूमि अराजी संख्या 183 पर सालों से दबंगों ने कब्जा कर रखा है। पांच साल पहले गांव के तत्कालीन लेखपाल ने पांच लोगों जवाहिर, नारद यादव, मोतीलाल, रामप्रताप यादव व राम विलास के खिलाफ 115 सी की रिपोर्ट तहसील को देकर बताया कि इन लोगों ने सरकारी संपत्ति पर कब्जा कर नुकसान पहुंचाया है। वर्ष 2014 में तहसील प्रशासन ने रामविलास पर 10 हजार, नारद व जवाहिर पर 12-12 हजार तथा रामप्रताप व मोतीलाल पर 14-14 हजार का जुर्माना लगाते हुए बेदखली का आदेश दिया। लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद गांव के संतोष कुमार यादव ने पांच दिसंबर व 19 दिसंबर 17 को संपूर्ण समाधान दिवस इस अवैध कब्जे को हटाने की मांग की। दोनों की बार लेखपाल ने रिपोर्ट दिया कि सरकारी भूमि व पांच लोगों का अवैध कब्जा मिला व निर्माण मिला जिसे पुलिस की मदद से रोकवा दिया गया लिहाजा शिकायत निक्षेपित करने योग्य है। आलम यह है कि मौके पर आज भी अवैध कब्जा बरकरार है।
गड़हियों पर अवैध हटाने को मुकदमा करने की सलाह
बलिया। सोहांव ब्लॉक के ही भरौली गांव निवासी चंद्रमणि राय ने तहसील दिवस पर छह अप्रैल 2017 से लेकर अब तक आधा दर्जन बार तहसील दिवस व अधिकारियों से शिकायत कर गांव के सार्वजनिक गड़हियों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की गुहार लगाई। लेकिन तहसील प्रशासन आज तक न तो मौके पर पहुंचा और न ही कोई कार्रवाई की। तहसील प्रशासन ने इस मामले में मुकदमा करने की सलाह देकर शिकायतों को निस्तारित कर दिया है।
सरकारी भूमि व निजी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जा हटाने के लिए राजस्व व संबंधित थाने के पुलिस की टीम गठित कर कार्रवाई कराई जाती है। मामले में लीपापोती करने की शिकायत पर जांच कर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज सिंघल, एडीएम, बलिया