{"_id":"5b8440a142c792466578c2cf","slug":"111535393953-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएच बदहाल, आवागमन में फजीहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनएच बदहाल, आवागमन में फजीहत
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। जिले में एनएच 31 पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आलम यह है कि करीब 80 किलोमीटर लंबी सड़क में से 90 फीसदी सड़क खराब है। जगह-जगह बने बड़े गड्ढे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। इन गड्ढों के कारण आएदिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई जगह तो सड़क का नामोनिशान तक नहीं रह गया है। सबसे खराब स्थिति तो फेफना तिराहे के पास है, यहां सड़क पर एक-एक फीट तक गड्ढे हो गए हैं। सड़क पर बड़ी-बड़ी गिट्टियां डाल दिए जाने से स्थिति काफी खतरनाक हो गई है। दुपहिया वाहन चालक गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। जिले में इन दिनों कई सड़कों की हालत काफी जर्जर हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी की मानें तो जिले में कुल 4776 किमी सड़क हैं। इन सड़कों का निर्माण लोक निर्माण विभाग के अलावा अन्य विभागों की ओर से कराए गए हैं। इसमें 81 किमी लंबी कोटवां नारायनपुर से मांझी तक एनएच भी है। लेकिन एनएच पिछले कई सालों से ध्वस्त है और इसके मरम्मत को लेेकर कोई कवायद नहीं की जा रही है। बताया जाता है कि वर्ष 2016 में गंगा और घाघरा की बाढ़ का पानी कई जगह एनएच पर भी पहुंच गया लेकिन बाढ़ समाप्त होने के बाद विभाग ने इसकी सुधि नहीं ली। आलम यह रहा कि एनएच 31 सागरपाली से वैना तक कई जगह कई दिनों तक डूबा रहा। इसके अलावा चांद नाला के पास और बैरिया से गोविंदपुर तक करीब 10 किमी एनएच पर कई दिनों तक पानी लगा रहा। बाढ़ का पानी लौटने के बाद इस सड़क पर यातायात शुरू होते ही सड़क जगह टूट गई। आलम यह है कि कोटवां नारायनपुर से लेकर बलिया तक 38 किमी की दूूरी में महज सात किमी सड़क ही दुरुस्त बची है। करीब डेढ़ साल पहले इस सड़क पर लेपन कार्य कराया गया लेकिन जहां गड्ढे थे उसे छोड़ते हुए कराया गया। कई जगह तो सड़क का नामोनिशान तक नहीं है। वैना, कपूरी, फेफना के अलावा नरहीं से लेकर कोटवां नारायनपुर एनएच पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
गड्ढे में डाली गईं गिट्टियां बिखरी, वाहनों को चलाना मुश्किल
बलिया। एनएच 31 पर बने गड्ढे को भरने की कवायद ऐन बरसात से पहले शुरू की गई। इसके लिए जगह-जगह छोटी गिट्टी व मेटल डस्ट मिलाकर गड्ढों को भरने का काम किया गया। लेकिन बारिश होते ही डस्ट जहां पानी के साथ बह गया, वहीं गिट्टियां बिखर कर सड़कों पर फैल गई हैं। सड़कों पर बिखरी गिट्टियां इस कदर खतरनाक हो गई हैं कि वाहनों के टायर आदि को जहां खराब कर रहे हैं वहीं इससे बाइक सवार असंतुलित हो जाते हैं। कई जगहों पर तो बाइक सवार गिरकर घायल भी हो चुके हैं। गिट्टयों को भरने का काम कपूरी से लेकर गोविंदपुर तक की गई है जो पूरी तरह सड़कों पर बिखर चुकी हैं।
बैरिया से मांझी तक एनएच की हालत दयनीय
जयप्रकाशनगर। क्षेत्र में एनएच 31 की हालत इस कदर जर्जर है कि इस पर पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है। सालों से खराब पड़ी इस सड़क की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। क्षेत्र के एनएच 31 बैरिया-मांझी मार्ग जगह-जगह इस कदर गड्ढे बने हैं कि इतनी गिनती करना भी आसान नहीं है। कई जगह तो सड़क पूरी तहर मिट चुकी है। आलम यह है कि सालों से इस सड़क पर मरम्मत कार्य नहीं होने के कारण यह गड्ढे धीरे-धीरे होल बनते जा रहे हैं। इसके चलते आए दिन छोटी छोटी दुर्घटनाएं भी होती हैं। मांझी घाट स्थित जयप्रभा सेतु के समीप कई बड़े बड़े होल बन चुके हैं।
विज्ञापन
गाजीपुर से लेकर मांझी तक एनएच पर जगह-जगह बने गड्ढे का संज्ञान लिया गया है। बारिश के कारण मरम्मत कार्य नहीं कराया जा सकता है लेकिन बरसात बाद इस सड़क को गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा। - नवीन मिश्रा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, आजमगढ़
विज्ञापन
गड्ढे में डाली गईं गिट्टियां बिखरी, वाहनों को चलाना मुश्किल
बलिया। एनएच 31 पर बने गड्ढे को भरने की कवायद ऐन बरसात से पहले शुरू की गई। इसके लिए जगह-जगह छोटी गिट्टी व मेटल डस्ट मिलाकर गड्ढों को भरने का काम किया गया। लेकिन बारिश होते ही डस्ट जहां पानी के साथ बह गया, वहीं गिट्टियां बिखर कर सड़कों पर फैल गई हैं। सड़कों पर बिखरी गिट्टियां इस कदर खतरनाक हो गई हैं कि वाहनों के टायर आदि को जहां खराब कर रहे हैं वहीं इससे बाइक सवार असंतुलित हो जाते हैं। कई जगहों पर तो बाइक सवार गिरकर घायल भी हो चुके हैं। गिट्टयों को भरने का काम कपूरी से लेकर गोविंदपुर तक की गई है जो पूरी तरह सड़कों पर बिखर चुकी हैं।
विज्ञापन
बैरिया से मांझी तक एनएच की हालत दयनीय
जयप्रकाशनगर। क्षेत्र में एनएच 31 की हालत इस कदर जर्जर है कि इस पर पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है। सालों से खराब पड़ी इस सड़क की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। क्षेत्र के एनएच 31 बैरिया-मांझी मार्ग जगह-जगह इस कदर गड्ढे बने हैं कि इतनी गिनती करना भी आसान नहीं है। कई जगह तो सड़क पूरी तहर मिट चुकी है। आलम यह है कि सालों से इस सड़क पर मरम्मत कार्य नहीं होने के कारण यह गड्ढे धीरे-धीरे होल बनते जा रहे हैं। इसके चलते आए दिन छोटी छोटी दुर्घटनाएं भी होती हैं। मांझी घाट स्थित जयप्रभा सेतु के समीप कई बड़े बड़े होल बन चुके हैं।
विज्ञापन
गाजीपुर से लेकर मांझी तक एनएच पर जगह-जगह बने गड्ढे का संज्ञान लिया गया है। बारिश के कारण मरम्मत कार्य नहीं कराया जा सकता है लेकिन बरसात बाद इस सड़क को गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा। - नवीन मिश्रा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, आजमगढ़