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जिला जेल में योग शिविर का आयोजन
Updated Fri, 04 Aug 2017 12:06 AM IST
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बलिया। जिला कारागार में अनवरत छह वर्षाें से चल रहे योग शिविर की छठी वर्षगांठ नवागत जेलर पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्रपति यादव के योग भजन से हुआ।
इस अवसर पर जेलर ने कहा कि योग जीवन जीने की एक कला है। जिससे जीवन में आहार, व्यवहार व विचार में परिवर्तन आता है। योग से सकरात्मक सोच की भावना उपजती है। जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्या ने कहा कि हमारे देश में योग की परंपरा सनातन काल से चली आ रही है। जिसका वर्णन गीता में मिलता होता है। डिप्टी जेलर बीपी शर्मा ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में बंदीगण जिस भावना से योग व प्राणायाम करते है, वह अन्य बंदियों के लिए प्रेरणादायी है। अंत में कारागार योग समिति के संयोजक पंकज पाठक ने योग से प्राप्त होने वाले लाभ पर प्रकाश डालते हुए योग शिविर में अन्य बंदियों को जोड़ने पर बल दिया। इस मौके पर योग शिक्षक वेद प्रकाश, अमरजीत चौधरी, मनोज सिंह, राजकुमार, दीलिप, गंगासागर, रामजी, अर्जुन, सुशील सिंह, ध्रुवनाथ, चंद्रप्रकाश, रविंद्र, कमलेश, संतोष आदि मौजूद रहे।
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इस अवसर पर जेलर ने कहा कि योग जीवन जीने की एक कला है। जिससे जीवन में आहार, व्यवहार व विचार में परिवर्तन आता है। योग से सकरात्मक सोच की भावना उपजती है। जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्या ने कहा कि हमारे देश में योग की परंपरा सनातन काल से चली आ रही है। जिसका वर्णन गीता में मिलता होता है। डिप्टी जेलर बीपी शर्मा ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में बंदीगण जिस भावना से योग व प्राणायाम करते है, वह अन्य बंदियों के लिए प्रेरणादायी है। अंत में कारागार योग समिति के संयोजक पंकज पाठक ने योग से प्राप्त होने वाले लाभ पर प्रकाश डालते हुए योग शिविर में अन्य बंदियों को जोड़ने पर बल दिया। इस मौके पर योग शिक्षक वेद प्रकाश, अमरजीत चौधरी, मनोज सिंह, राजकुमार, दीलिप, गंगासागर, रामजी, अर्जुन, सुशील सिंह, ध्रुवनाथ, चंद्रप्रकाश, रविंद्र, कमलेश, संतोष आदि मौजूद रहे।
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