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राज्य मंत्री का निर्देश भी हवा हवाई, जारी है मनमानी
Updated Sun, 02 Dec 2018 10:47 PM IST
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बलिया। सदर तहसील में निर्धारित समय में प्रमाण पत्रों को जारी नहीं किया जा रहा। लाख प्रयास के बावजूद जिले के तहसीलों में प्रमाण पत्रों के आवेदन निस्तारण व अन्य ऑनलाइन सेवाएं दुरुस्त नहीं हो पा रही हैं।
तीन दिन पहले सोहांव ब्लाक के भरौली में आयोजित जन चौपाल में राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी ने जनसेवा केंद्रों के सत्यापन व प्रमाण पत्थरों के समय से जारी करने का निर्देश दिया था। ई-डिस्ट्रिक्ट के नियमों के मुताबिक जनसेवा केंद्रों से भेजे गए आवेदनों का निस्तारण एक सप्ताह या विशेष जांच की स्थिति में 15 दिनों के अंदर प्रमाण जारी किया जाना है। लेकिन खासकर सदर तहसील में तो आवेदनों को कई दिनों तक लटकाए रखा जाता है और इसके बाद संबंधित लेखपालों को जांच के लिए भेजा जाता है।
इसके बाद लेखपाल भी कई दिनों में जांच पूरी करते हैं। जबकि दलालों के माध्यम से आवेदनों को दो से तीन दिनों में निस्तारण कर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। बतौर उदाहरण सोहांव निवासी रानी देवी ने निवास प्रमाण पत्र व चंद्रावती देवी ने आय प्रमाण पत्र के लिए 10 नवंबर को जनसेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन किया लेकिन 22 दिनों बाद प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सका है। यह- तो महज उदाहरण है पूरे जनपद में तहसीलों में मनमानी जारी है और राज्य मंत्री का निर्देश भी हवाहवाई साबित हो रहा है।
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प्रमाण पत्रों के लिए 20 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है और समय सीमा में निस्तारण किया जा रहा है। अधिक दिनों तक आवेदनों के लंबित होने पर जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-एके श्रीवास्तव, एसडीएम, सदर, बलिया
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तीन दिन पहले सोहांव ब्लाक के भरौली में आयोजित जन चौपाल में राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी ने जनसेवा केंद्रों के सत्यापन व प्रमाण पत्थरों के समय से जारी करने का निर्देश दिया था। ई-डिस्ट्रिक्ट के नियमों के मुताबिक जनसेवा केंद्रों से भेजे गए आवेदनों का निस्तारण एक सप्ताह या विशेष जांच की स्थिति में 15 दिनों के अंदर प्रमाण जारी किया जाना है। लेकिन खासकर सदर तहसील में तो आवेदनों को कई दिनों तक लटकाए रखा जाता है और इसके बाद संबंधित लेखपालों को जांच के लिए भेजा जाता है।
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इसके बाद लेखपाल भी कई दिनों में जांच पूरी करते हैं। जबकि दलालों के माध्यम से आवेदनों को दो से तीन दिनों में निस्तारण कर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। बतौर उदाहरण सोहांव निवासी रानी देवी ने निवास प्रमाण पत्र व चंद्रावती देवी ने आय प्रमाण पत्र के लिए 10 नवंबर को जनसेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन किया लेकिन 22 दिनों बाद प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सका है। यह- तो महज उदाहरण है पूरे जनपद में तहसीलों में मनमानी जारी है और राज्य मंत्री का निर्देश भी हवाहवाई साबित हो रहा है।
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प्रमाण पत्रों के लिए 20 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है और समय सीमा में निस्तारण किया जा रहा है। अधिक दिनों तक आवेदनों के लंबित होने पर जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-एके श्रीवास्तव, एसडीएम, सदर, बलिया