{"_id":"592b0cda4f1c1bed14bdae2d","slug":"zaireen-converged-on-mazar-sharif","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजार शरीफ पर जुटे जायरीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजार शरीफ पर जुटे जायरीन
अमर उजाला/बहराइच
Updated Sun, 28 May 2017 11:16 PM IST
विज्ञापन
दरगाह पर जुटे जायरीन
- फोटो : अमर उजाला
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर रविवार को दूसरी चौथी पर जायरीन का सैलाब उमड़ पड़ा। गाजी की शान में अकीदतमंद ने कसीदे पढ़कर कव्वाली पेश करते हुए मजार शरीफ पर चादरपोशी की। साथ ही निशान भी पेश किए। पूरे दिन जियारत व मन्नतों का दौर चला। चित्तौरा झील के तट पर स्नान करने के लिए भी अकीदतमंद की भारी भीड़ रही।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेला एक माह तक चलता है। दरगाह शरीफ पर मुख्य मेले के अलावा प्रति सप्ताह चार चौथी का भी आयोजन होता है, जिसमें जियारत के लिए विभिन्न प्रांतों के लोग आते हैं।
उसी के तहत रविवार को दूसरी चौथी का आयोजन हुआ। सुबह से देर रात तक जंजीरी गेट चूमते हुए नाल दरवाजा होकर अकीदतमंद ने मजार शरीफ पर पहुंचकर हाजिरी लगाई। गाजी की शान में कसीदे व कव्वाली पढ़ते हुए परंपरागत तरीके से अकीदतमंद ने चादरपोशी की।
विज्ञापन
मजार शरीफ पर निशान पेश करने के लिए दरगाह के पूर्वी गेट पर जायरीन का तांता लगा रहा। गाजी की मजार पर हाजिरी लगाते हुए जायरीन ने अमन-चैन की दुआएं की। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि लगभग तीन लाख जायरीन ने रविवार को जियारत की। उधर, चित्तौरा झील के तट पर दूसरी चौथी में शामिल होने के लिए जायरीन जत्थों में पहुंचते रहे। झील में स्नान करने के लिए भी होड़ लगी रही।
दूसरी चौथी पर जियारत करने आए अकीदतमंद ने गाजी की मजार पर हाजिरी लगाने के बाद खरीदारी भी की। इसके चलते रेडीमेड कपड़े, चीनी मिट्टी, कांच के बर्तन, ढोलक, कालीन और मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ उमड़ती रही। मनोरंजन के साधनों का भी मेलार्थियों ने जमकर लुत्फ उठाया।
विज्ञापन
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेला एक माह तक चलता है। दरगाह शरीफ पर मुख्य मेले के अलावा प्रति सप्ताह चार चौथी का भी आयोजन होता है, जिसमें जियारत के लिए विभिन्न प्रांतों के लोग आते हैं।
विज्ञापन
उसी के तहत रविवार को दूसरी चौथी का आयोजन हुआ। सुबह से देर रात तक जंजीरी गेट चूमते हुए नाल दरवाजा होकर अकीदतमंद ने मजार शरीफ पर पहुंचकर हाजिरी लगाई। गाजी की शान में कसीदे व कव्वाली पढ़ते हुए परंपरागत तरीके से अकीदतमंद ने चादरपोशी की।
विज्ञापन
मजार शरीफ पर निशान पेश करने के लिए दरगाह के पूर्वी गेट पर जायरीन का तांता लगा रहा। गाजी की मजार पर हाजिरी लगाते हुए जायरीन ने अमन-चैन की दुआएं की। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि लगभग तीन लाख जायरीन ने रविवार को जियारत की। उधर, चित्तौरा झील के तट पर दूसरी चौथी में शामिल होने के लिए जायरीन जत्थों में पहुंचते रहे। झील में स्नान करने के लिए भी होड़ लगी रही।
दूसरी चौथी पर जियारत करने आए अकीदतमंद ने गाजी की मजार पर हाजिरी लगाने के बाद खरीदारी भी की। इसके चलते रेडीमेड कपड़े, चीनी मिट्टी, कांच के बर्तन, ढोलक, कालीन और मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ उमड़ती रही। मनोरंजन के साधनों का भी मेलार्थियों ने जमकर लुत्फ उठाया।