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UP: फिर मासूम को उठा ले गया भेड़िया...पांच दिन में तीन बच्चों को भेड़ियों ने मार डाला; पकड़ने में वन विभाग फेल

Thu, 25 Sep 2025 03:11 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 25 Sep 2025 03:11 PM IST
सार

बहराइच में एक और मासूम को भेड़िया उठा ले गया। पांच दिनों में भेड़ियों ने तीन बच्चों को मार डाला। इस माह कुल 17 लोग भेड़िये के हमले में घायल हो चुके हैं। वन विभाग भेड़िये को पकड़ने में अब तक नाकाम रहा है। 

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wolf once again abducted an innocent child In Bahraich three children were killed by wolves In five days
Wolf Attack - फोटो : Freepik

विस्तार

बहराइच में भेड़ियों का हमला नहीं थम रहा है। पांच दिनों में तीन मासूमों को भेड़िये उठा ले गए। बुधवार को बाबा बंगला गांव में बाबूलाल की पुत्री सोनी (2) दोपहर करीब तीन बजे आंगन में खेल रही थी। मां विनीता दूध लेने घर के अंदर गई थीं। 
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बाबूलाल कुछ दूरी पर रात के लिए लकड़ी का इंतजाम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक आया भेड़िया सोनी को जबड़े में दबोच कर भाग निकला। बच्ची की चीख सुनकर बाबूलाल कुल्हाड़ी लेकर दौड़े और मां विनीता भी पीछे भागीं, लेकिन भेड़िया गन्ने के खेत में ओझल हो गया। 
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करीब डेढ़ घंटे खोजबीन के बाद बच्ची घर से लगभग 400 मीटर दूर गन्ने के खेत में क्षत-विक्षत हालत में मिली। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फखरपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

 
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मौके पर पहुंचे डीएफओ को ग्रामीणों ने घेर कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसी तरह से डीएफओ वहां से निकल सके। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

 
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इससे पहले 20 सितंबर को भेड़िया मासूम को उठा ले गया। 23 सितंबर को बच्चे को लेकर भाग रहे भेड़िये को ग्रामीणों ने किसी तरह से घेरकर बच्चे को बचाया। 24 सितंबर को तीसरी घटना हुई। 

 

गन्ने के खेत और नदी के कछार के कारण भेड़िये को पकड़ने में दिक्कत हो रही है। इलाके को ड्रोन से खंगाला जा रहा है। जाल लगाया गया है। जल्द ही भेड़िये को पकड़ लिया जाएगा।- राम सिंह यादव, डीएफओ बहराइच

 

बाबा बंगला गांव पहुंचे डीएफओ को गुस्साए ग्रामीणों ने घेरा
ग्राम पंचायत मंझारा तौकली के बाबा बंगला गांव में बुधवार को दिनदहाड़े मासूम बच्ची पर हुए भेड़िये के हमले के बाद ग्रामीण गुस्से में हैं। देर शाम गांव पहुंचे डीएफओ राम सिंह यादव की गाड़ी को ग्रामीणों ने घेर कर हंगामा शुरू कर दिया। लगभग आधे घंटे तक अफरा-तफरी की स्थिति रही। किसी तरह ग्रामीण शांत हुए।

 

ग्रामीणों का आरोप रहा कि वन विभाग की ओर से समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। भेड़िये के लगातार हमलों से ग्रामीण भयभीत हैं। विभाग समय पर सक्रिय नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि विभाग के अधिकारी गांव में प्रवेश करते हैं और भेड़िये के हमले से बचाव के लिए उचित सुरक्षा इंतजाम नहीं करते, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। स्थानीय लोगों के समझाने-बुझाने और प्रयासों के बाद ही डीएफओ की गाड़ी को गुस्साए ग्रामीणों ने आगे जाने दिया।

 

वहीं डीएफओ राम सिंह यादव ने कहा कि भेड़िया काफी चालाक प्रजाति का जानवर होता है और प्रभावित क्षेत्रों में इनकी संख्या दो या उससे अधिक हो सकती है। इसलिए इन्हें पकड़ने में समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि संभावित स्थानों पर जाल बिछाकर भेड़िये को पकड़ने की तैयारी की जा रही है।

 

डीएफओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि प्रभावित इलाकों में निरंतर निगरानी रखी जा रही है और भेड़िये को पकड़ने के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।

 

भेड़िया पकड़ने में वन विभाग फेल, तीन डीएफओ व विशेषज्ञ भी रहे नाकाम
ग्राम पंचायत मंझारा तीकली और आसपास के दर्जन भर गांवों में पिछले 15 दिनों से भेड़िया लगातार हमला कर रहा है। इस दौरान तीन बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि एक बच्ची का अभी पता नहीं चल सका है। इस माह कुल 17 लोग भेड़िये के हमले में घायल हो चुके हैं।

 

ग्रामीणों के अनुसार, लगातार हो रहे हमलों से उनका जीवन भय और असुरक्षा में गुजर रहा है। वन विभाग भेड़िये को पकड़ने में अब तक नाकाम रहा है। इस काम के लिए 32 टीमों के साथ बाराबंकी, गोंडा और श्रावस्ती के डीएफओ को भी लगाया गया है।

 

वहीं पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश के ड्रोन ऑपरेटर व विशेषज्ञ भी बुलाए गए, लेकिन इन सब व्यवस्थाओं के बावजूद भेड़िया लगातार वन विभाग को चकमा दे रहा है।
 

बाबा बंगला गांव निवासी धीरज, राजकुमार, राजेश व शिवकुमार का आरोप है कि ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी के माध्यम से भेड़िया की स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सोशल मीडिया पर भी लोग जिला प्रशासन और वन विभाग की लापरवाही पर रोष जता रहे हैं।

एसडीएम कैसरगंज अखिलेश कुमार सिंह मृत बच्ची के परिजनों से मिले और उन्हें सांत्वना दी। परिवार को आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से भी वार्ता कर धैर्य रखने के साथ सतर्क रहने के लिए कहा।
 
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