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Wolf Attacks: दरवाजा होता तो बच जाती अंजली... रात भर बच्चों की हो रही रखवाली; भेड़ियों के हमलों से बढ़ा आक्रोश
Tue, 03 Sep 2024 09:30 AM IST
शाहरुख खान
जितेंद्र दीक्षित, अमर उजाला, बहराइच
जितेंद्र दीक्षित, अमर उजाला, बहराइच
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 03 Sep 2024 09:30 AM IST
सार
भेड़ियों के हमलों से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है, ग्रामीण लाठी लेकर मैदान में उतरे हैं। सोमवार को ढाई वर्षीय अंजली की मौत के बाद पूरे हिंदू सिंह में भेड़िया दिखने की सूचना पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण खेतों में उतरे।
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Wolf attack
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बहराइच के हरदी थाना क्षेत्र में भेड़ियों का खूनी खेल लगातार जारी है। हरदी में भेड़ियों ने 10 मार्च को मिश्रनपुरवा निवासी सायरा (3) व 23 मार्च को नयापुरवा निवासी छोटू (2) को मौत के घाट उतारा। इसके बाद से अब तक कुल 10 लोगों की जान ले चुके हैं और 33 लोगों को गंभीर रूप से जख्मी किया है।
भेड़िया प्रभावित इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे खुद हाथों में लाठी डंडे लेकर मैदान में उतर गए हैं। सोमवार को ढाई वर्षीय अंजली की मौत के बाद पूरे हिंदू सिंह में भेड़िया दिखने की सूचना पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण खेतों में उतरे। भेड़िया संभावित खेत की घेराबंदी की और खबर लिखे जाने तक ग्रामीण डटे रहे।
महसी तहसील क्षेत्र में जारी भेड़ियों के हमलों में जनहानि रोकने के लिए डीएम ने 32 राजस्व टीमें जागरूकता के लिए तैनात की हैं। साथ ही 11 अधिकारियों को नोडल बनाया है। यही नहीं वन विभाग की 25 टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन का दावा कर रही हैं।
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गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती की टीमों के साथ बाराबंकी के डीएफओ आकाशदीप बधावन को स्पेशल टास्क फोर्स के तहत बुलाया गया है। बावजूद इसके क्षेत्र में हमले नहीं रुक रहे हैं और इससे आक्रोश बढ़ रहा है।
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भेड़िया प्रभावित इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे खुद हाथों में लाठी डंडे लेकर मैदान में उतर गए हैं। सोमवार को ढाई वर्षीय अंजली की मौत के बाद पूरे हिंदू सिंह में भेड़िया दिखने की सूचना पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण खेतों में उतरे। भेड़िया संभावित खेत की घेराबंदी की और खबर लिखे जाने तक ग्रामीण डटे रहे।
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महसी तहसील क्षेत्र में जारी भेड़ियों के हमलों में जनहानि रोकने के लिए डीएम ने 32 राजस्व टीमें जागरूकता के लिए तैनात की हैं। साथ ही 11 अधिकारियों को नोडल बनाया है। यही नहीं वन विभाग की 25 टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन का दावा कर रही हैं।
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गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती की टीमों के साथ बाराबंकी के डीएफओ आकाशदीप बधावन को स्पेशल टास्क फोर्स के तहत बुलाया गया है। बावजूद इसके क्षेत्र में हमले नहीं रुक रहे हैं और इससे आक्रोश बढ़ रहा है।
बिलख रही मां को गले लगाकर बंधाया ढांढस
मासूम अंजली की मौत की सूचना पर डीएम मोनिका रानी व एसपी वृंदा शुक्ला भी मौके पर पहुंचीं। दोनों ने घटना की जानकारी ली और सघन तलाशी के निर्देश दिए। बेटी के शव के पास बिलख रही मां नीलू को गले लगाकर उन्हें ढांढ़स बंधाया।
मासूम अंजली की मौत की सूचना पर डीएम मोनिका रानी व एसपी वृंदा शुक्ला भी मौके पर पहुंचीं। दोनों ने घटना की जानकारी ली और सघन तलाशी के निर्देश दिए। बेटी के शव के पास बिलख रही मां नीलू को गले लगाकर उन्हें ढांढ़स बंधाया।
दरवाजा होता तो बच जाती अंजली
निरीक्षण पर आए वन राज्यमंत्री अरुण सक्सेना, मुख्य वन संरक्षक मध्य क्षेत्र रेनू सिंह आदि ने दरवाजा विहीन घरों में दरवाजे लगवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन यह दावा फेल नजर आ रहा है। जिम्मेदारों ने आश्वासन पूरा किया होता अंजली की जान बच जाती। बंभौरी के ग्रामीणों ने बताया कि ज्यादातर फूस के घर हैं और उनमें दरवाजे नहीं हैं। पूरी रात जागकर बच्चों की रखवाली करना मजबूरी है।
निरीक्षण पर आए वन राज्यमंत्री अरुण सक्सेना, मुख्य वन संरक्षक मध्य क्षेत्र रेनू सिंह आदि ने दरवाजा विहीन घरों में दरवाजे लगवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन यह दावा फेल नजर आ रहा है। जिम्मेदारों ने आश्वासन पूरा किया होता अंजली की जान बच जाती। बंभौरी के ग्रामीणों ने बताया कि ज्यादातर फूस के घर हैं और उनमें दरवाजे नहीं हैं। पूरी रात जागकर बच्चों की रखवाली करना मजबूरी है।
एडीजी गोरखपुर जोन ने भी लिया जायजा
सोमवार को एडीजी गोरखपुर जोन डॉ. केएस प्रताप भी मृतका अंजली के गांव नव्वन गरेठी पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से घटना की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने हर आवश्यक कदम उठाने के लिए एसपी वृंदा शुक्ला को निर्देशित किया।
सोमवार को एडीजी गोरखपुर जोन डॉ. केएस प्रताप भी मृतका अंजली के गांव नव्वन गरेठी पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से घटना की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने हर आवश्यक कदम उठाने के लिए एसपी वृंदा शुक्ला को निर्देशित किया।
रिसिया व शिवपुर क्षेत्र में भी भेड़िया दिखने की चर्चा
हरदी थाना क्षेत्र में लगातार जारी हमलों से धीरे-धीरे पूरे जिले में दहशत का माहौल बन रहा है। रविवार को शिवपुर क्षेत्र के मटेरा गांव में भेड़िया दिखने की चर्चा फैल गई। वहीं रिसिया के नव्वा गांव में भी भेड़िया दिखने की चर्चा गरम रही। ग्रामीण खेलावन द्वारा भेड़िया दिखने की बात कही गई। इससे क्षेत्र में भय का माहौल रहा।
हरदी थाना क्षेत्र में लगातार जारी हमलों से धीरे-धीरे पूरे जिले में दहशत का माहौल बन रहा है। रविवार को शिवपुर क्षेत्र के मटेरा गांव में भेड़िया दिखने की चर्चा फैल गई। वहीं रिसिया के नव्वा गांव में भी भेड़िया दिखने की चर्चा गरम रही। ग्रामीण खेलावन द्वारा भेड़िया दिखने की बात कही गई। इससे क्षेत्र में भय का माहौल रहा।
मरे कुत्ते को भेड़िया समझ जुट गई भीड़, पहुंची वन टीम
चित्तौरा विकासखंड के रखौना गांव में रेलवे ट्रैक के पास सोमवार की सुबह एक सफेद रंग के कुत्ते का शव पड़ा मिला। इसके बाद क्षेत्र में भेड़िये के मरने की अफवाह फैल गई और मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। सूचना पर वन दरोगा अमित श्रीवास्तव भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन कुत्ते की पुष्टि होने पर सभी चले गए।
चित्तौरा विकासखंड के रखौना गांव में रेलवे ट्रैक के पास सोमवार की सुबह एक सफेद रंग के कुत्ते का शव पड़ा मिला। इसके बाद क्षेत्र में भेड़िये के मरने की अफवाह फैल गई और मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। सूचना पर वन दरोगा अमित श्रीवास्तव भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन कुत्ते की पुष्टि होने पर सभी चले गए।
रातभर बच्चों की हो रही रखवाली, स्कूल छूटा
भेड़ियों के लगातार जारी हमले से सहमे ग्रामीण रातभर जागकर बच्चों की रखवाली कर रहे हैं। वहीं भेड़िया प्रभावित गांव बंभौरी, कोलैला, मक्कापुरवा, औराही आदि गांवों में बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। बंभौरी गांव निवासी शाश्वत (7), राज (6), शिवम (8), राजकुमार (7) आदि बच्चों ने बताया कि डर के मारे अब वह घर पर ही पढ़ते हैं।
भेड़ियों के लगातार जारी हमले से सहमे ग्रामीण रातभर जागकर बच्चों की रखवाली कर रहे हैं। वहीं भेड़िया प्रभावित गांव बंभौरी, कोलैला, मक्कापुरवा, औराही आदि गांवों में बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। बंभौरी गांव निवासी शाश्वत (7), राज (6), शिवम (8), राजकुमार (7) आदि बच्चों ने बताया कि डर के मारे अब वह घर पर ही पढ़ते हैं।
कब-कब हुईं मौतें
10 मार्च : मिश्रनपुरवा की सायरा (3)
23 मार्च : नयापुरवा का छोटू (2)
17 जुलाई : मक्कापुरवा का अख्तर रजा (डेढ़ वर्ष)
27 जुलाई : नकवा की प्रतिभा (2)
3 अगस्त : कोलैला का किशन (7)
18 अगस्त : सिंगिया नसीरपुर की संध्या (4)
22 अगस्त : भटौली गांव की खुशबू (4)
25 अगस्त : कुम्हारनपुरवा की रीता देवी (52)
26 अगस्त : दिवानपुरवा का अयांश (5)
1 सितंबर : नव्वन गरेठी की अंजली (ढाई वर्ष)
10 मार्च : मिश्रनपुरवा की सायरा (3)
23 मार्च : नयापुरवा का छोटू (2)
17 जुलाई : मक्कापुरवा का अख्तर रजा (डेढ़ वर्ष)
27 जुलाई : नकवा की प्रतिभा (2)
3 अगस्त : कोलैला का किशन (7)
18 अगस्त : सिंगिया नसीरपुर की संध्या (4)
22 अगस्त : भटौली गांव की खुशबू (4)
25 अगस्त : कुम्हारनपुरवा की रीता देवी (52)
26 अगस्त : दिवानपुरवा का अयांश (5)
1 सितंबर : नव्वन गरेठी की अंजली (ढाई वर्ष)