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Bahraich News: गिरफ्तारी नहीं तो न्यायिक कार्य का करेंगे बहिष्कार
Thu, 22 Oct 2026 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 22 Oct 2026 11:55 PM IST
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बहराइच के दीवानी कचहरी परिसर में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। - वीडियोग्रैब
बहराइच। अधिवक्ता अखिलेश कुमार त्रिपाठी को फॉर्च्यूनर गाड़ी से टक्कर मारने के आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ताओं में नाराजगी है। बृहस्पतिवार दोपहर वकीलों ने दीवानी कचहरी में प्रदर्शन कर आरोपी मनीष जायसवाल की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई न हुई तो बेमियादी धरना देने के साथ न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया जाएगा।
अधिवक्ताओं के मुताबिक, बुधवार को बहराइच-गोंडा मार्ग पर चित्तौरा क्षेत्र में हादसा हुआ था। इस हादसे में अधिवक्ता अखिलेश कुमार त्रिपाठी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया है।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि मनीष जायसवाल ने जानबूझकर फॉर्च्यूनर गाड़ी से उन्हें टक्कर मारी। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पीड़ित अधिवक्ता की शिकायत पर कोतवाली देहात थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक से जल्द कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि समय रहते गिरफ्तारी न हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में अमित शुक्ला, आलोक पाठक, बाबूराम तिवारी, ब्रजनंदन पांडेय, दिनेश तिवारी, विकास मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, रमन सिंह, पंकज मिश्रा समेत भारी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।
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अधिवक्ताओं के मुताबिक, बुधवार को बहराइच-गोंडा मार्ग पर चित्तौरा क्षेत्र में हादसा हुआ था। इस हादसे में अधिवक्ता अखिलेश कुमार त्रिपाठी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया है।
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अधिवक्ताओं का आरोप है कि मनीष जायसवाल ने जानबूझकर फॉर्च्यूनर गाड़ी से उन्हें टक्कर मारी। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पीड़ित अधिवक्ता की शिकायत पर कोतवाली देहात थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक से जल्द कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि समय रहते गिरफ्तारी न हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में अमित शुक्ला, आलोक पाठक, बाबूराम तिवारी, ब्रजनंदन पांडेय, दिनेश तिवारी, विकास मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, रमन सिंह, पंकज मिश्रा समेत भारी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।