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घाघरा का जलस्तर फिर बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Aug 2016 10:10 PM IST
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ग्रामीणों में दहशत
- फोटो : अमर उजाला
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घाघरा नदी का जलस्तर शुक्रवार रात से फिर बढ़ने लगा। दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। इस समय घाघरा एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 38 सेटीमीटर ऊपर बह रही है। इसके साथ कटान भी जारी है।
शुक्रवार रात नदी की लहरों में महसी व कैसरगंज क्षेत्र में 13 मकान और 120 बीघा खेत समा गए। लोग जैसे-तैसे कटान प्रभावित इलाकों से निकलकर तटबंध पर शरण ले रहे हैं। पांच दिन से थमा घाघरा का जलस्तर शुक्रवार रात अचानक फिर बढ़ने लगा।
केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी के मुताबिक नदी का जलस्तर 106.456 मीटर मापा गया। यह खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर अधिक है। नदी की लहरों ने कटान करते हुए महसी के गोलागंज गांव निवासी कोयली, परशुराम, सुद्धी प्रसाद, सरफराज और अमिरका के मकानों का अस्तित्व खत्म कर दिया।
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उधर कैसरगंज के गोड़हिया नई आबादी निवासी गिरिजा, शंकर, भगोले, राजेंद्र आदि के मकानों को लील लिया है। दोनों स्थानों पर 13 मकान कटान की भेंट चढ़े 120 बीघा खेत नदी में समा गए।
गोलागंज और तटबंध के बीच उफनाई घाघरा का पानी अभी भी ढाई से तीन फुट भरा हुआ है। लोग नाव के अभाव में सिर पर गृहस्थी लादकर तटबंध की ओर पलायन कर रहे हैं।
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शुक्रवार रात नदी की लहरों में महसी व कैसरगंज क्षेत्र में 13 मकान और 120 बीघा खेत समा गए। लोग जैसे-तैसे कटान प्रभावित इलाकों से निकलकर तटबंध पर शरण ले रहे हैं। पांच दिन से थमा घाघरा का जलस्तर शुक्रवार रात अचानक फिर बढ़ने लगा।
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केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी के मुताबिक नदी का जलस्तर 106.456 मीटर मापा गया। यह खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर अधिक है। नदी की लहरों ने कटान करते हुए महसी के गोलागंज गांव निवासी कोयली, परशुराम, सुद्धी प्रसाद, सरफराज और अमिरका के मकानों का अस्तित्व खत्म कर दिया।
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उधर कैसरगंज के गोड़हिया नई आबादी निवासी गिरिजा, शंकर, भगोले, राजेंद्र आदि के मकानों को लील लिया है। दोनों स्थानों पर 13 मकान कटान की भेंट चढ़े 120 बीघा खेत नदी में समा गए।
गोलागंज और तटबंध के बीच उफनाई घाघरा का पानी अभी भी ढाई से तीन फुट भरा हुआ है। लोग नाव के अभाव में सिर पर गृहस्थी लादकर तटबंध की ओर पलायन कर रहे हैं।