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ग्रामीणों का पलायन, कायमपुर हुआ वीरान
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 05 Aug 2015 10:10 PM IST
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बहराइच/बौंडी। घाघरा नदी का जलस्तर बुधवार दोपहर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया लेकिन इस कारण कटान तेज हो गई है।
कैसरगंज का गड़रियनपुरवा तथा महसी का कायमपुर व चुरईपुरवा गांव नदी के निशाने पर है। कायमपुर गांव के लोग तो अपने आशियाने उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं।
वहीं, कटान के चलते बुधवार को दो घर और 80 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो गई।
घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। नेपाल के पहाड़ों पर हुई भारी वर्षा के चलते घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर मंगलवार शाम खतरे का निशान पार कर गया था।
रात एक बजे तक एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जलस्तर में इजाफा हुआ है। इसके बाद जलस्तर स्थिर हो गया। बुधवार दोपहर बाद से दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जलस्तर में कमी दर्ज होने लगी।
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इसके चलते एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.056 मीटर मापा गया है। लेकिन, जलस्तर में कमी के साथ ही कटान तेज हो गई है।
कैसरगंज का गड़रियनपुरवा गांव नदी के निशाने पर आ गया है। गांव के आसपास खेती योग्य जमीनों में कटान हो रही है। यही स्थिति महसी अंतर्गत कायमपुर और चुरईपुरवा गांव की है। यहांं भी कटान शुरू हो गई है।
दोपहर से देर शाम तक 80 बीघा जमीन नदी में समाहित हुई है। कायमपुर गांव के ग्रामीण अपना आशियाना उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं। इसके चलते पूरा गांव खंडहर में तब्दील नजर आ रहा है।
कायमपुर निवासी कृपाराम व एक अन्य का मकान नदी में समाहित हो गया है, जबकि जगदीश, शंकर, मालती, गुच्चे, शामली, फुलेराज समेत 13 लोगों के मकान पर कटान हो रही है।
कटान की जानकारी तहसील को भी दी गई है लेकिन अब तक बचाव के उपाय नहीं किए गए हैं। इस मामले में उपजिलाधिकारी सीपी तिवारी का कहना है कि वह क्षेत्र का निरंतर दौरा कर रहे हैं।
राजस्वकर्मियों को भी अलर्ट किया गया है। एसडीएम ने कहा कि नदी का जलस्तर घट रहा है। मामूली कटान है, फिर भी नजर रखी जा रही है।
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कैसरगंज का गड़रियनपुरवा तथा महसी का कायमपुर व चुरईपुरवा गांव नदी के निशाने पर है। कायमपुर गांव के लोग तो अपने आशियाने उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं।
वहीं, कटान के चलते बुधवार को दो घर और 80 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो गई।
घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। नेपाल के पहाड़ों पर हुई भारी वर्षा के चलते घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर मंगलवार शाम खतरे का निशान पार कर गया था।
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रात एक बजे तक एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जलस्तर में इजाफा हुआ है। इसके बाद जलस्तर स्थिर हो गया। बुधवार दोपहर बाद से दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जलस्तर में कमी दर्ज होने लगी।
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इसके चलते एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.056 मीटर मापा गया है। लेकिन, जलस्तर में कमी के साथ ही कटान तेज हो गई है।
कैसरगंज का गड़रियनपुरवा गांव नदी के निशाने पर आ गया है। गांव के आसपास खेती योग्य जमीनों में कटान हो रही है। यही स्थिति महसी अंतर्गत कायमपुर और चुरईपुरवा गांव की है। यहांं भी कटान शुरू हो गई है।
दोपहर से देर शाम तक 80 बीघा जमीन नदी में समाहित हुई है। कायमपुर गांव के ग्रामीण अपना आशियाना उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं। इसके चलते पूरा गांव खंडहर में तब्दील नजर आ रहा है।
कायमपुर निवासी कृपाराम व एक अन्य का मकान नदी में समाहित हो गया है, जबकि जगदीश, शंकर, मालती, गुच्चे, शामली, फुलेराज समेत 13 लोगों के मकान पर कटान हो रही है।
कटान की जानकारी तहसील को भी दी गई है लेकिन अब तक बचाव के उपाय नहीं किए गए हैं। इस मामले में उपजिलाधिकारी सीपी तिवारी का कहना है कि वह क्षेत्र का निरंतर दौरा कर रहे हैं।
राजस्वकर्मियों को भी अलर्ट किया गया है। एसडीएम ने कहा कि नदी का जलस्तर घट रहा है। मामूली कटान है, फिर भी नजर रखी जा रही है।