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11 रुपये दिहाड़ी पर करते थे नौकरी, आज साल में बचा रहे 40 लाख

Sun, 29 May 2022 11:12 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2022 11:12 PM IST
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Used to do a job on 11 rupees daily, today 40 lakhs are being saved in the year
जरवल में केले की फसल को दिखाते प्रगतिशील किसान गुलाम मोहम्मद। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। आज खेती कर एक साल में लाखों कमा रहे जिले के प्रगतिशील किसान गुलाम मोहम्मद कभी महज 11 रुपये की दिहाड़ी पर नौकरी करते थे। लेकिन फिर खेती में दिल लगाया, पसीना बहाया तो मेहनत और बुलंद हौंसले से आज 40 लाख रूपये सालाना बचा रहे हैं। अपनी मेहनत और उद्यान विभाग के सहयोग से गुलाम मोहम्मद आज 11 एकड़ जमीन के मालिक बन चुके है। उद्यान विभाग की तकनीकी को अपना कर खेती की और जिले में नामचीन प्रगतिशील किसान के नाम से अपनी पहचान को बुलंद कर रहे है। यहीं नहीं अब गुलाम मोहम्मद खेती के साथ लोगों को रोजगार देने का काम भी कर रहे है। मेहनत से मिली कामयाबी को प्रदेश के राज्यपाल ने भी सम्मानित किया है।
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जिले के जरवल बाजार निवासी प्रगतिशील किसान गुलाम मोहम्मद अपनी पहचान के मोहताज नहीं है। गुलाम ने नगर पालिका में 1987 से चतुर्थ श्रेणी के पद पर काम करना शुरू किया। तब इन्हें 11 रूपये दिहाड़ी के हिसाब से पैसा मिलता था। नौकरी मिलने के बाद सब कुछ थोड़े दिन अच्छा लगा, लेकिन उसके बाद गुलाम के मन में कुछ और करने का जज्बा पैदा हुआ। साल 2000 में गुलाम ने अपने पांच एकड़ जमीन के कुछ हिस्सों में खेती करना शुरू किया तो मुनाफा अच्छा मिला। केले की खेती गुलाम को समझ में आई तो नौकरी बाधा बनने लगी। इसी बीच साल 2007 में किन्हीं कारणों से वह टर्मिनेट कर दिए गए। हाथ से नौकरी निकलने के बाद गुलाम ने केले की खेती करना शुरू की और अच्छी फसल होने के कारण उन्हें मुनाफा भी अच्छा होने लगा।
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किसान गुलाम के मेहनत की बात उद्यान विभाग के पास पहुंची तो हौसला बढ़ाने के लिए उद्यान सलाहकार आरके वर्मा उनके पास पहुंचे। किसान से बातचीत के दौरान उन्होंने ड्रिप विधि के बारे में जानकारी दी। केले में बारे में अच्छी जानकारी मिलने पर किसान गुलाम मोहम्मद ने उसे अपनाया और खेती का दायरा बढ़ता चला गया। कभी एक एकड़ में खेती करने वाले गुलाम मोहम्मद आज 11 एकड़ में खेती कर रहे है, जबकि 35 बीघे जमीन लीज पर भी लेकर उसमें केले की खेती के अलावा अन्य फलों की खेती कर रहे है। किसान की मेहनत को जिले के अधिकारी से लेकर प्रदेश के मंत्री तक ने भी सराहा है। राज्यपाल द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। जिले में आयोजित होने वाले कार्यकमों में बेहतर खेती करके कामयाबी पाने वाले मिसाल में अब प्रगतिशील किसान गुलाम मोहम्मद का नाम लिया जाता है।
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पहले भेजते थे अब मंगाते हैं
प्रगतिशील किसान गुलाम मोहम्मद ने केले के खेती की जब शुरूआत की तो वह अपने केले को बेचने के लिए बाहर भेजते थे। उसके बाद उन्होंने अपने यहां बनाना राइपिनिंग चैंबर बना लिया। जिसमें केले को पकाने के बाद बेचते है। वर्ष 2018 में जिले की तत्कालीन डीएम माला श्रीवास्तव ने कड़कनाथ मुर्गा पालन के लिए प्रगतिशील किसान का चयन किया था। डीएम की पहल को किसान ने अपनाया और आज बड़े पैमाने पर कड़कनाथ मुर्गा बेचने का काम कर रहे है। इस समय कड़कनाथ के अंडे से निकलने वाले चूजों को बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।
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