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कोर्ट में 21 तक जरूरी मामलों की ही होगी सुनवाई

Thu, 19 Mar 2020 11:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2020 11:15 PM IST
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Up to 21 important cases will be heard in court
बहराइच। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर अब जनपद न्यायालयों के अधीन सभी न्यायालयों पर 21 मार्च तक सिर्फ जरूरी मामलों की ही सुनवाई की जायेगी। बंदियों की रिमांड पेशी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कराई जायेगी। देश में फैले कोरोना वायरस को देखते हुये इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर जिला जज ने गुरुवार को आदेश पारित किया है।
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देश में तेजी फैल रहे कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने जनपद के न्यायालयों पर भी भीड़भाड़ पर अंकुश लगाने को लेकर गुरुवार से 21 मार्च तक न्यायालयों पर जरूरी मामलों का सुनवाई करने के निर्देश जारी किये हैं। रजिस्ट्रार जनरल का पत्र मिलने के बाद जनपद न्यायाधीश चंद्रभान ने अपने अधीन सभी न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों को आदेश पारित करते हुये कहा है कि सभी अपने-अपने न्यायालयों में नियत वादों में सामान्य तिथि नियत करेंगे। लेकिन आवश्यक प्रकृति के मामलों को छोड़कर समस्त न्यायालयों में नियमित कार्य 21 मार्च तक स्थगित रहेगा।
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जिला जज ने पत्र में कहा है कि मेरे न्यायालय के अति आवश्यक प्रकृति के मामलों को छोड़कर विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट, ईसी एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट से संबंधित केवल अति आवश्यक प्रकृति के मामलों को निस्तारण न्यायालयों पर पीठासीन अधिकारी करेंगे। जबकि पाक्सो एक्ट से संबंधित अति आवश्यक प्रकृति के मामलों का निस्तारण पीठासीन अधिकारी न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट द्वारा किया जायेगा।
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जिला जज ने बताया कि मजिस्ट्रेट न्यायालयों से संबंधित अति आवश्यक मामलों का निस्तारण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा किया जायेगा। लेकिन अगर वादों की संख्या अधिक होती है, तो सीजेएम द्वारा अपने स्तर से सहायता के लिए अन्य मजिस्ट्रेट के न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों को नामित कर सकते हैं।

इसके अलावा न्यायालय सिविल जज प्रवर व अवर खंड बहराइच व कैसरगंज के पीठासीन अधिकारी द्वारा अपने संवर्ग के अवर न्यायालयों से संबंधित आवश्यक प्रकृति के मामलों का निस्तारण किया जायेगा। जबकि रिमांड पेशी पर आने वाले कैदियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जायेगी।
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