बहराइच सीरियल हत्याकांड का खुलासा: तीन हत्यारोपी गिरफ्तार, एक ही परिवार के थे तीन बच्चे व मां, मुंबई में बना था प्रेम संबंध
आईजी ने बताया कि जांच के दौरान ग्रामीणों ने हत्यारों का हुलिया बताया तो टीम ने लखनऊ जाने वाले मार्ग पर होटल व ढाबे पर सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। जिसमें कुछ जगहों पर हुलिया व उम्र मिलती दिखी तस्वीरें व फुटेज सामने आए। उसके बाद टीम ने लखनऊ के आसपास होटलों को खंगाला तो एक होटल के सीसीटीवी में वहीं लोग दिखे। वहां पर टीम को उनका नाम व नंबर मिला। उ
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36 घंटे के अंदर तीन मासूम समेत चार लोगों की गला रेतकर बेरहमी से हत्या करने के बाद खेत में शव फेंक देने की घटना का खुलासा पुलिस ने शनिवार को कर दिया। हत्यारोपी ने पैसे की लालच व शादी के दबाव से छुटकारा पाने के लिए अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर चार लोगों की हत्या को अंजाम दिया था और मुंबई भाग गया था। मां व तीन बच्चे एक ही परिवार के थे। एसओजी टीम ने सीसीटीवी फुटेज व रेलवे के रिर्जवेशन चार्ट की मदद से मुंबई पहुंचकर हत्यारोपियों को हिरासत में लिया व बहराइच आए। उनके पास से मृतक महिला का मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुआ। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। दो दोहरे हत्याकांड का खुलासा होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। जघन्य अपराध के खुलासे पर शासन, आईजी व एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को नगद इनाम देकर पुरस्कृत करने की घोषणा किया है।
फखपुर थाना क्षेत्र के गजाधरपुर गांव में बीते 11 सितंबर को गन्ने के खेत में दो मासूम बच्चों का शव फेंका गया था। जिनकी गला रेतकर हत्या की गई थी। इसकी जांच पुलिस कर ही रही थी। इसी बीच 12 सितंबर को इसी थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव में धान के खेत में महिला का सिर कटा शव व गन्ने के खेत में मासूम बच्ची का शव मिला। सीरियल हत्याकांड से जिला थर्रा उठा। देवीपाटन मंडल के आईजी डॉ. राकेश सिंह ने दौरा कर कमान संभाली और एसपी सुजाता सिंह के निर्देशन में कैसरगंज सीओ कमलेश सिंह को विवेचक बनाकर चार टीमें गठित की। जिसमें एसओजी प्रभारी मुकेश सिंह व सर्विलांस प्रभारी निखिल श्रीवास्तव की टीमों ने अहम रोल निभाया।
आईजी ने बताया कि जांच के दौरान ग्रामीणों ने हत्यारों का हुलिया बताया तो टीम ने लखनऊ जाने वाले मार्ग पर होटल व ढाबे पर सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। जिसमें कुछ जगहों पर हुलिया व उम्र मिलती दिखी तस्वीरें व फुटेज सामने आए। उसके बाद टीम ने लखनऊ के आसपास होटलों को खंगाला तो एक होटल के सीसीटीवी में वहीं लोग दिखे। वहां पर टीम को उनका नाम व नंबर मिला। उसके बाद टीम ने कड़ी से कड़ी को जोड़ना शुरू किया। टीम ने रेलवे के रिजर्वेशन चार्ट को खंगाला तो होटल में दर्ज नाम व उम्र का मिलान हुआ। टीम तत्काल मुंबई रवाना हुई और सर्विलांस की मदद से हत्यारोपियों के पास पहुंची और उनको हिरासत में लेकर बहराइच आई।
पकड़े गए हत्यारोपियों की पहचान फखरपुर थाना क्षेत्र के ततेहरा गांव निवासी ननकू पुत्र मुबारक अली, सलमान खान पुत्र उस्मान खान व दानिश खान पुत्र नसीम खान के रूप में हुई। हत्यारोपियों से पूछताछ के दौरान अज्ञात शवों की शिनाख्त हुई। आईजी ने बताया कि पूछताछ के दौरान अज्ञात शवों की शिनाख्त करते हुए हत्यारोपियों ने बताया कि 35 वर्षीय महिला मैरी काशी कत्रायन पुत्री काशी कत्रायन, 11 वर्षीय राजाती, सात वर्षीय जोसेफ व चार वर्षीय सौंदर्या निवासी मुमरा देवी आर्केड दिवा ईस्ट थाना मुम्ब्रा जिला थाणे राज्य महाराष्ट्र के रहने वाले थे। सभी ने महिला का मकान बेचे जाने के बाद मिले 60 लाख रुपये हड़पने व छुटकारा पाने के लिए हत्याकांड को अंजाम देने की बात स्वीकार की। तीनों हत्यारोपियों को नामजद करते हुए पुलिस ने जेल भेज दिया है।
ऐसे हुआ था हत्यारोपी का महिला से प्रेम संबंध
आईजी डॉ. राकेश सिंह व एसपी सुजाता सिंह ने बताया कि ननकू पुत्र मुबारक अली अपने गांव से महाराष्ट्र कमाने गया था। महाराष्ट्र के जिला थाणे के दिवा में एक इडली डोसा की दुकान में काम करता था। जहां पर ननकू की मुलाकात मैरी से हुई। जो अपने पति से अलग रहती थी। वह भी दुकान में काम कर रही थी। दुकान पर काम करने के दौरान ननकू व मैरी की दोस्ती हुई और प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया। लगभग चार महीने पहले ननकू के कहने पर मैरी ने अपना मकान बेच कर रुपये ननकू को दे दिए। मैरी लगातार ननकू के ऊपर शादी करने का दबाव बनाती थी। ननकू के गांव घूमने चलने व शादी का दबाव डालने पर ननकू परेशान हो गया। ननकू पहले से ही शादी शुदा था। ननकू मैरी से पीछा छुड़ाकर रुपये को हड़पना चाह रहा था। मैरी से छुटकारा पाने के लिए ननकू ने अपने ही गांव के रहने वाले सलमान खान व दानिश खान के साथ मिलकर मैरी और उसके बच्चों को मार डालने की साजिश रच डाली। नौ सितंबर को ट्रेन के माध्यम से मुंबई से चले और 10 सितंबर को बहराइच आए। उसके बाद तीनों ने मिलकर अलग-अलग स्थानों पर तीनों बच्चों व मां का गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया। उसी रात वापस लखनऊ पहुंचे और ट्रेन से मुंबई चले गए।
एसओजी व सर्विलांस टीम ने निभाई अहम भूमिका
दो दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने में एसओजी व सर्विलांस की टीम ने अहम रोल निभाया। एसओजी प्रभारी मुकेश सिंह अपनी टीम के सुनील यादव, रवि प्रताप यादव, नितिन अवस्थी व साइबर सेल व सर्विलांस सेल के प्रभारी निखिल कुमार श्रीवास्तव अपनी टीम के चंद्र मोहन सिंह, करुणेश शुक्ला, रचित यादवेंद्र के साथ मिलकर पूरी घटना का खुलाला किया। जिसमें नानपारा कोतवाल संजय सिंह, एसपी पीआरओ सौरभ सिंह का भी सराहनीय योगदान रहा।
हौंसला आफजाई के लिए शासन ने किया पुरस्कृत
टीम ने कड़ी मशक्त के बाद सात दिन के अंदर दो दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया है। घटना का अनावरण करने वाली टीम को उत्तर प्रदेश शासन द्वारा एक लाख रुपये, आईजी द्वारा 50 हजार रुपये व एसपी सुजाता सिंह द्वारा 25 हजार रुपये के पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। -डॉ. राकेश सिंह, आईजी, देवीपाटन मंडल, गोंडा