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Bahraich News: 14.26 करोड़ के बकाये में दो मिलें सील
Tue, 24 Feb 2026 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 24 Feb 2026 12:08 AM IST
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तहसील सदर क्षेत्र के सिंघापरासी में मिल को सील करने पहुंची राजस्व टीम। - -वीडियोग्रैब
बहराइच। तहसील सदर के सिंघापरासी स्थित मिल के प्रोपराइटर ने बैंक से ऋण लिए थे। अदायगी न करने पर रकम बढ़कर 14.26 करोड़ रुपये से अधिक हो गई थी। बैंक प्रबंधन ने एडीएम की अदालत में वाद दायर किया था। एडीएम के आदेश के अनुपालन में सोमवार को नायब तहसीलदार ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर बंधक रखी गईं दो मिलों को सील कर बैंक प्रबंधन के सुपुर्द कर दिया।
सिंघापरासी गांव स्थित मेसर्स केपी दाल ऑयल मिल के प्रोपराइटर सचिन कुमार आदि ने बैंक ऑफ बड़ौदा से ऋण लिया था। ऋण के बदले अपनी अचल संपत्तियां बैंक के पास प्रतिभूति के रूप में बंधक रखी थीं।
किस्तों का भुगतान न होने के कारण बकाया राशि बढ़कर 14.26 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। इस पर बैंक प्रबंधन ने ऋण वसूली के लिए सरफेसी एक्ट के तहत एडीएम अमित कुमार की अदालत में वाद दायर किया।
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29 दिसंबर 2025 को सुनवाई के बाद एडीएम ने एसडीएम सदर को बंधक संपत्तियों को खाली कराकर कब्जे में लेकर बैंक प्रबंधन को सौंपने का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में एसडीएम ने नायब तहसीलदार पीपी गिरि को मजिस्ट्रेट नामित करते हुए राजस्व टीम गठित की और 14 फरवरी तक संपत्ति खाली करने का नोटिस जारी किया।
निर्धारित तिथि तक संपत्ति खाली न होने पर पुलिस बल के साथ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए थे।
उसी के तहत सोमवार को नामित मजिस्ट्रेट व नायब तहसीलदार ने पुलिस बल और बैंक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर एक दाल मिल और एक राइस मिल को खाली कराकर सील कर दिया तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधक को सौंप दिया। कार्रवाई की रिपोर्ट एसडीएम और एडीएम को भेज दी गई है।
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अन्य संपत्तियों पर कार्रवाई करें, लेकिन घर पर न लगाएं ताला
कार्रवाई के दौरान मिल प्रोपराइटर की मां ने टीम से आवास को छोड़कर अन्य संपत्तियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई। वह इधर-उधर दौड़ कर अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ती रहीं, उन्होंने आवास पर ताला न लगाने का अनुरोध किया, लेकिन राजस्व टीम ने मिल परिसर में स्थित आवास को भी सील कर दिया।
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एडीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई
एडीएम के आदेश के क्रम में एसडीएम ने पुलिस बल व बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में बंधक संपत्तियों को खाली कराकर सील कराने के निर्देश दिए थे। उसी के तहत सोमवार को कार्रवाई की गई।
— पीपी गिरि, नायब तहसीलदार/नामित मजिस्ट्रेट
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फर्म को डेढ़ माह का समय दिया
नायब तहसीलदार पीपी गिरी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान लखनऊ के मुख्य प्रबंधक बैंक आफ बड़ौदा रितेश कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक वसूली मनोज कुमार झा और गौरव श्रीवास्तव की टीम मौजूद रही। एडीएम न्यायालय के आदेश पर सीलिंग की कार्रवाई के बाद बैंक द्वारा फर्म को डेढ़ माह का समय दिया गया है। निर्धारित समय में ऋण की अदायगी न होने पर मिल की नीलामी कर वसूली की कार्रवाई होगी।
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सिंघापरासी गांव स्थित मेसर्स केपी दाल ऑयल मिल के प्रोपराइटर सचिन कुमार आदि ने बैंक ऑफ बड़ौदा से ऋण लिया था। ऋण के बदले अपनी अचल संपत्तियां बैंक के पास प्रतिभूति के रूप में बंधक रखी थीं।
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किस्तों का भुगतान न होने के कारण बकाया राशि बढ़कर 14.26 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। इस पर बैंक प्रबंधन ने ऋण वसूली के लिए सरफेसी एक्ट के तहत एडीएम अमित कुमार की अदालत में वाद दायर किया।
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29 दिसंबर 2025 को सुनवाई के बाद एडीएम ने एसडीएम सदर को बंधक संपत्तियों को खाली कराकर कब्जे में लेकर बैंक प्रबंधन को सौंपने का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में एसडीएम ने नायब तहसीलदार पीपी गिरि को मजिस्ट्रेट नामित करते हुए राजस्व टीम गठित की और 14 फरवरी तक संपत्ति खाली करने का नोटिस जारी किया।
निर्धारित तिथि तक संपत्ति खाली न होने पर पुलिस बल के साथ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए थे।
उसी के तहत सोमवार को नामित मजिस्ट्रेट व नायब तहसीलदार ने पुलिस बल और बैंक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर एक दाल मिल और एक राइस मिल को खाली कराकर सील कर दिया तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधक को सौंप दिया। कार्रवाई की रिपोर्ट एसडीएम और एडीएम को भेज दी गई है।
अन्य संपत्तियों पर कार्रवाई करें, लेकिन घर पर न लगाएं ताला
कार्रवाई के दौरान मिल प्रोपराइटर की मां ने टीम से आवास को छोड़कर अन्य संपत्तियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई। वह इधर-उधर दौड़ कर अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ती रहीं, उन्होंने आवास पर ताला न लगाने का अनुरोध किया, लेकिन राजस्व टीम ने मिल परिसर में स्थित आवास को भी सील कर दिया।
एडीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई
एडीएम के आदेश के क्रम में एसडीएम ने पुलिस बल व बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में बंधक संपत्तियों को खाली कराकर सील कराने के निर्देश दिए थे। उसी के तहत सोमवार को कार्रवाई की गई।
— पीपी गिरि, नायब तहसीलदार/नामित मजिस्ट्रेट
फर्म को डेढ़ माह का समय दिया
नायब तहसीलदार पीपी गिरी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान लखनऊ के मुख्य प्रबंधक बैंक आफ बड़ौदा रितेश कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक वसूली मनोज कुमार झा और गौरव श्रीवास्तव की टीम मौजूद रही। एडीएम न्यायालय के आदेश पर सीलिंग की कार्रवाई के बाद बैंक द्वारा फर्म को डेढ़ माह का समय दिया गया है। निर्धारित समय में ऋण की अदायगी न होने पर मिल की नीलामी कर वसूली की कार्रवाई होगी।