फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Tigers and elephants of Katarnia become companions of tourists

Bahraich News: पर्यटकों के साथी बन जाते कतर्निया के बाघ और हाथी

Thu, 02 Mar 2023 11:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Thu, 02 Mar 2023 11:17 PM IST
विज्ञापन
Tigers and elephants of Katarnia become companions of tourists
बहराइच के कतर्नियाघाट संरक्षित वनक्षेत्र में बृहस्पतिवार को विचरण करता हिरन का कुनबा। -संवाद
बहराइच। तीन मार्च को पूरा विश्व वन्यजीव दिवस मनाता है। हमारे जिले में भी कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग देश से लेकर विदेशों तक के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। हरे-भरे जंगल की वादियां, नदी व पक्षियों के कलरव के साथ बाघ, तेंदुआ, हाथी, डॉल्फिन से लेकर मगरमच्छ हर किसी को लुभाते हैं। जंगली जानवरों की सुरक्षा को लेकर सामाजिक संस्था व वन विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रम भी चलाता है।
विज्ञापन


करीब 550 किलोमीटर में फैले कतर्निया जंगल की विविधता देश-विदेश के सैलानियों को आकर्षित कर रही है। पड़ोसी देश नेपाल के किनारे व हिमालय की तलहटी में आबाद कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग विविधता भरी प्राकृतिक सुरम्यता के लिए देश ही नहीं विदेशों में भी विख्यात है। इसकी शोहरत लुभावने प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में फैली है। इस वन क्षेत्र से होकर गुजरी गेरुआ नदी के प्रदूषण मुक्त पानी में बोटिंग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सैलानियों को यहां कदम-कदम पर नैसर्गिक झुरमुट और वन कुंजों में प्रवास करने वाले बाघ और तेंदुए के कुनबे आकर्षित करते हैं। इसके साथ ही गेरुआ नदी में उछाल मारने वाली गैंजाइटिक डॉल्फिन और रेतीले टीलों पर धूप सेंकते मगरमच्छों व घड़ियालों के झुंड लोगों को बहुत भाते हैं।
विज्ञापन


यहां बाघ और तेंदुओं के साथ हिरन, सांभर, पाढ़ा, बारहसिंहा, नीलगाय, कांकड़, लंगूर झुंड में देखे जा सकते हैं। नेपाल के खाता कारीडोर से जुड़ा होने के कारण हाथियों के झुंड व गैंडे भी अक्सर विचरण करने यहां आ जाते हैं। जो यहां आने वाले पर्यटकों को मोहित कर लेते हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन


सैलानियों के ठहरने की व्यवस्था
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में सैलानियों के रहने के लिए मोतीपुर, मुर्तिहा, ककरहा, निशानगाड़ा, रमपुरवा और कतर्निया में अतिथि गृह हैं। इसके अलावा थारू हट, ट्री-हट अलग से बने हैं। होम स्टे का भी प्रबंध किया गया है।



पर्यटकों को उपलब्ध कराई जाएगी सुविधा
जंगल में वन्यजीव को कोई नुकसान न पहुंचे इसके लिए विभागीय टीमें लगातार सक्रिय रहती हैं। पर्यटकों को नियमानुसार भ्रमण व प्रवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
-आकाशदीप बधावन, डीएफओ कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed