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Bahraich News: फर्जी वीजा देकर 50 हजार रुपये हड़पे, तीन पर एफआईआर
Thu, 22 Jan 2026 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 22 Jan 2026 12:17 AM IST
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बहराइच/शिवपुर। सऊदी अरब में नौकरी और वीजा दिलाने का झांसा देकर एक युवक से ट्रैवेल एजेंसी संचालक और उसके सहयोगियों ने 50 हजार रुपये हड़प लिए। इसके बाद युवक को फर्जी वीजा थमा दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर बुधवार को कोतवाली नानपारा में ट्रैवल एजेंसी संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
ग्राम बरगदिहा, भलुहिया निवासी पीड़ित जाबिर अली ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि नानपारा-मिहींपुरवा रोड स्थित नवजीवन अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर संचालित एजेंसी अल मदीना टूअर्स एंड ट्रैवल्स के संचालक मतलूब द्वारा नवयुवकों को सऊदी अरब भेजने के नाम पर ठगी की जा रही है।
पीड़ित के अनुसार उनका बेटा मेराज अली पेशे से खानसामा (रसोइया) है। मार्च 2025 में मतलूब के कहने पर उसके सहयोगी इलियास ने मोबाइल फोन के जरिये मेराज अली से संपर्क किया और सऊदी अरब में होटल लाइन में नौकरी दिलाने का प्रस्ताव दिया। उसे 1800 रियाल प्रतिमाह वेतन तथा मुफ्त खाना और रहने की सुविधा देने का भरोसा दिलाया गया।
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आरोप है कि पहली मार्च 2025 को जाबिर अली अपने बेटे के साथ अल मदीना ट्रैवेल्स के कार्यालय पहुंचे, वहां वीजा दिलाने के नाम पर कुल 50 हजार रुपये की मांग की गई। पहले चरण में उसी दिन ऑनलाइन माध्यम से 15,000 रुपये ट्रांजैक्शन आईडी के जरिये जमा कराए गए।
इसके बाद आरोपियों ने मेडिकल कराने के लिए मेराज अली को मुंबई भेजा। 5 अप्रैल 2025 को मुंबई स्थित मोहम्मदी हेल्थ-केयर सिस्टम्स में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल के बाद 16 अप्रैल को दोबारा 10,000 रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए, जबकि शेष 25,000 रुपये 19 अप्रैल 2025 को आरोपियों को नकद दिए गए। पीड़ित का कहना है कि यह रकम उसने बकरियां बेचकर और कर्ज लेकर जुटाई थी।
आरोप है कि पूरी रकम लेने के बाद आरोपियों ने मेराज अली को जो वीजा दिया, वह फर्जी निकला। वीजा में पद का विवरण भी गलत दर्ज था और जब उसे इंटरनेट पर चेक किया गया, तो कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इस पर पीड़ित परिवार ने आरोपियों से रकम वापस मांगी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि रकम वापस मांगने पर मतलूब, इलियास और फिरोज ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। 15 अक्तूबर 2025 को इस संबंध में नानपारा पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस की चुप्पी पर पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर ट्रैवल एजेंसी संचालक मतलूब, इलियास और फिरोज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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ग्राम बरगदिहा, भलुहिया निवासी पीड़ित जाबिर अली ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि नानपारा-मिहींपुरवा रोड स्थित नवजीवन अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर संचालित एजेंसी अल मदीना टूअर्स एंड ट्रैवल्स के संचालक मतलूब द्वारा नवयुवकों को सऊदी अरब भेजने के नाम पर ठगी की जा रही है।
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पीड़ित के अनुसार उनका बेटा मेराज अली पेशे से खानसामा (रसोइया) है। मार्च 2025 में मतलूब के कहने पर उसके सहयोगी इलियास ने मोबाइल फोन के जरिये मेराज अली से संपर्क किया और सऊदी अरब में होटल लाइन में नौकरी दिलाने का प्रस्ताव दिया। उसे 1800 रियाल प्रतिमाह वेतन तथा मुफ्त खाना और रहने की सुविधा देने का भरोसा दिलाया गया।
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आरोप है कि पहली मार्च 2025 को जाबिर अली अपने बेटे के साथ अल मदीना ट्रैवेल्स के कार्यालय पहुंचे, वहां वीजा दिलाने के नाम पर कुल 50 हजार रुपये की मांग की गई। पहले चरण में उसी दिन ऑनलाइन माध्यम से 15,000 रुपये ट्रांजैक्शन आईडी के जरिये जमा कराए गए।
इसके बाद आरोपियों ने मेडिकल कराने के लिए मेराज अली को मुंबई भेजा। 5 अप्रैल 2025 को मुंबई स्थित मोहम्मदी हेल्थ-केयर सिस्टम्स में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल के बाद 16 अप्रैल को दोबारा 10,000 रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए, जबकि शेष 25,000 रुपये 19 अप्रैल 2025 को आरोपियों को नकद दिए गए। पीड़ित का कहना है कि यह रकम उसने बकरियां बेचकर और कर्ज लेकर जुटाई थी।
आरोप है कि पूरी रकम लेने के बाद आरोपियों ने मेराज अली को जो वीजा दिया, वह फर्जी निकला। वीजा में पद का विवरण भी गलत दर्ज था और जब उसे इंटरनेट पर चेक किया गया, तो कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इस पर पीड़ित परिवार ने आरोपियों से रकम वापस मांगी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि रकम वापस मांगने पर मतलूब, इलियास और फिरोज ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। 15 अक्तूबर 2025 को इस संबंध में नानपारा पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस की चुप्पी पर पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर ट्रैवल एजेंसी संचालक मतलूब, इलियास और फिरोज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।