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तीन मकान व 40 बीघा खेत नदी में समाए
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कैसरगंज के भिरगूपुरवा में कटान कर रही घाघरा नदी।
- फोटो : BAHRAICH
बौंडी (बहराइच)। घाघरा नदी का जलस्तर उतार-चढ़ाव होने के साथ ही कम होना शुरू हो गया है। नदी का जलस्तर घटने से कटान तेज हो गई है। रविवार को भिरगूपुरवा गांव में घाघरा नदी ने कटान करते हुए तीन मकान लील लिए, जबकि 40 बीघा खेत भी कटकर नदी में समा गए।
उधर, महसी में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे कई गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। सूचना तहसील को दिए जाने के बाद भी कटान रोकने के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। किसान खेतों को बेबस होकर नदी में समाहित होते देख रहे हैं।
घाघरा नदी का जलस्तर कैसरगंज तहसील क्षेत्र में उतार-चढ़ाव के बीच अब घटना शुरू हो गया है। नदी का जलस्तर घटने के कारण तहसील क्षेत्र के भिरगूपुरवा गांव में कटान तेज हो गई है। गांव निवासी गया प्रसाद, ननकू व जयराम के मकान नदी में कटकर समाहित हो गए हैं। वहीं, खेती योग्य 40 बीघा जमीन भी घाघरा में कट गई।
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भिरगूपुरवा गांव के साथ ही मंझारा तौकली और रोहितपुरवा गांव में नदी की कटान लगातार जारी है। उधर, महसी तहसील क्षेत्र में भी घाघरा नदी लगातार अपना रौद्र रूप दिखा रही है। महसी में घाघरा का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिससे निचले इलाके में बसे गांवों के ग्रामीणों मेें हड़कंप मचा हुआ है।
महसी के चुरईपुरवा, मैकूपुरवा, पिपरी, कायमपुर, गोड़ियनपुरवा समेत अन्य गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों की ओर से प्रशासन को सूचना दिए जाने के बाद भी अभी तक कटान रोकने व बाढ़ से बचाव के उपाय नहीं किए गए हैं। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। किसान भी परेशान हैं।
रखी जा रही स्थिति पर नजर
महसी क्षेत्र में घाघरा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है। राजस्वकर्मियों को स्थिति पर नजर रखकर पल-पल की रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए गए हैं।
- राजेश वर्मा, तहसीलदार महसी
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उधर, महसी में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे कई गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। सूचना तहसील को दिए जाने के बाद भी कटान रोकने के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। किसान खेतों को बेबस होकर नदी में समाहित होते देख रहे हैं।
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घाघरा नदी का जलस्तर कैसरगंज तहसील क्षेत्र में उतार-चढ़ाव के बीच अब घटना शुरू हो गया है। नदी का जलस्तर घटने के कारण तहसील क्षेत्र के भिरगूपुरवा गांव में कटान तेज हो गई है। गांव निवासी गया प्रसाद, ननकू व जयराम के मकान नदी में कटकर समाहित हो गए हैं। वहीं, खेती योग्य 40 बीघा जमीन भी घाघरा में कट गई।
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भिरगूपुरवा गांव के साथ ही मंझारा तौकली और रोहितपुरवा गांव में नदी की कटान लगातार जारी है। उधर, महसी तहसील क्षेत्र में भी घाघरा नदी लगातार अपना रौद्र रूप दिखा रही है। महसी में घाघरा का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिससे निचले इलाके में बसे गांवों के ग्रामीणों मेें हड़कंप मचा हुआ है।
महसी के चुरईपुरवा, मैकूपुरवा, पिपरी, कायमपुर, गोड़ियनपुरवा समेत अन्य गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों की ओर से प्रशासन को सूचना दिए जाने के बाद भी अभी तक कटान रोकने व बाढ़ से बचाव के उपाय नहीं किए गए हैं। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। किसान भी परेशान हैं।
रखी जा रही स्थिति पर नजर
महसी क्षेत्र में घाघरा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है। राजस्वकर्मियों को स्थिति पर नजर रखकर पल-पल की रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए गए हैं।
- राजेश वर्मा, तहसीलदार महसी