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Bahraich News: यूरिया के लिए नवाबगंज में सुबह से लगीं कतारें
Fri, 08 Aug 2025 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 08 Aug 2025 01:11 AM IST
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नवाबगंज (बहराइच)। जिले में बृहस्पतिवार को जैसे ही बारिश थमी और धूप निकली, यूरिया के लिए नवाबगंज की साधन सहकारी समिति पर सुबह छह बजे से ही किसान लाइन में लगने लगे। पूरे दिन अफरा-तफरी रही, पुलिस तक बुलानी पड़ी। सरकारी दर पर खाद पाने की उम्मीद में सैकड़ों किसान घंटों कतार में खड़े रहे, लेकिन शाम तक करीब 40 प्रतिशत किसानों को मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ा।
बारिश थमने के बाद खेतों में काम तेज हो गया है, जिससे यूरिया की मांग बढ़ गई है। इसी को लेकर नवाबगंज में सहकारी समिति पर किसानों की भीड़ सुबह से जुटने लगी। कई किसान अपने घर से चार से छह किलोमीटर दूर पैदल या साइकिल से पहुंचे, लेकिन समिति का ताला खुला दस बजे।
वितरण प्रक्रिया की रफ्तार इतनी धीमी रही कि दिनभर में केवल 40 बोरी यूरिया ही बांटी जा सकी, जबकि लाइन में एक हजार से ज्यादा किसान खड़े थे। शाम होती देख किसानों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ते देख समिति सचिव लोकपति तिवारी ने पुलिस को बुलाया ताकि भीड़ पर नियंत्रण किया जा सके। हालांकि वितरण फिर भी धीमा रहा। सचिव ने बताया कि सर्वर डाउन होने के चलते काम धीमी गति से हो रहा था।
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महिलाएं और बुजुर्ग भी घंटों इंतजार करते रहे
यूरिया के लिए कई महिलाएं लाइन में लगी रहीं, जबकि बुजुर्ग महिलाएं समिति के बाहर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करती दिखीं। किसान रजवंती, कय्यूम खान और निजामुद्दीन खान ने बताया कि सुबह छह बजे से यूरिया पाने के लिए खड़े हैं, लेकिन दोपहर तक नंबर नहीं आया। किसान नादिर और रामकिशन ने बताया कि वे पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए।
निजी विक्रेताओं की मनमानी से परेशान हैं किसान
किसान हैदर अली, इकबाल खां और अरविंद कुमार ने बताया कि निजी दुकानों पर यूरिया महंगे दाम पर बेची जा रही है, इसलिए किसान सरकारी समिति का रुख कर रहे हैं। मगर जब यहां भी खाद नहीं मिल रही है तो कहां जाएं। किसानों ने कहा कि यदि यही हाल रहा तो धान की पैदावार पर असर पड़ेगा।
ललईबाग सहकारी समिति का औचक निरीक्षण
जिला मुख्यालय लौटते वक्त प्रभारी मंत्री ने तेजवापुर विकासखंड की बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति, ललईबाग का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उर्वरक खरीदने आए किसानों से बात की और फीडबैक लिया। सचिव को निर्देश दिया कि किसी भी किसान को खाद के लिए परेशान न होना पड़े।
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बारिश थमने के बाद खेतों में काम तेज हो गया है, जिससे यूरिया की मांग बढ़ गई है। इसी को लेकर नवाबगंज में सहकारी समिति पर किसानों की भीड़ सुबह से जुटने लगी। कई किसान अपने घर से चार से छह किलोमीटर दूर पैदल या साइकिल से पहुंचे, लेकिन समिति का ताला खुला दस बजे।
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वितरण प्रक्रिया की रफ्तार इतनी धीमी रही कि दिनभर में केवल 40 बोरी यूरिया ही बांटी जा सकी, जबकि लाइन में एक हजार से ज्यादा किसान खड़े थे। शाम होती देख किसानों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ते देख समिति सचिव लोकपति तिवारी ने पुलिस को बुलाया ताकि भीड़ पर नियंत्रण किया जा सके। हालांकि वितरण फिर भी धीमा रहा। सचिव ने बताया कि सर्वर डाउन होने के चलते काम धीमी गति से हो रहा था।
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महिलाएं और बुजुर्ग भी घंटों इंतजार करते रहे
यूरिया के लिए कई महिलाएं लाइन में लगी रहीं, जबकि बुजुर्ग महिलाएं समिति के बाहर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करती दिखीं। किसान रजवंती, कय्यूम खान और निजामुद्दीन खान ने बताया कि सुबह छह बजे से यूरिया पाने के लिए खड़े हैं, लेकिन दोपहर तक नंबर नहीं आया। किसान नादिर और रामकिशन ने बताया कि वे पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए।
निजी विक्रेताओं की मनमानी से परेशान हैं किसान
किसान हैदर अली, इकबाल खां और अरविंद कुमार ने बताया कि निजी दुकानों पर यूरिया महंगे दाम पर बेची जा रही है, इसलिए किसान सरकारी समिति का रुख कर रहे हैं। मगर जब यहां भी खाद नहीं मिल रही है तो कहां जाएं। किसानों ने कहा कि यदि यही हाल रहा तो धान की पैदावार पर असर पड़ेगा।
ललईबाग सहकारी समिति का औचक निरीक्षण
जिला मुख्यालय लौटते वक्त प्रभारी मंत्री ने तेजवापुर विकासखंड की बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति, ललईबाग का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उर्वरक खरीदने आए किसानों से बात की और फीडबैक लिया। सचिव को निर्देश दिया कि किसी भी किसान को खाद के लिए परेशान न होना पड़े।