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कटान को देख आशियाना उजाड़ रहे ग्रामीण
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महसी के टिकुरी में कटान कर रही घाघरा नदी के कारण मकान तोड़ते ग्रामीण।
- फोटो : BAHRAICH
बौंडी (बहराइच)। घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। इसको देखते हुए ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। कटान के चलते कैसरगंज के चमरौटी और महसी के टिकुरी गांव के ग्रामीण अपना आशियाना तोड़ रहे हैं। ग्रामीण मकानों को उजाड़कर सुरक्षित स्थान की ओर पलायन करने को विवश हैं।
कैसरगंज तहसील के चमरौटी गांव में घाघरा नदी कटान कर रही है। वहीं घाघरा का जलस्तर बढ़ने से गांव के ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ रही हैं। ग्रामीण बाढ़ व कटान की समस्या को देखते हुए अपना आशियाना उजाड़ रहे हैं। वहीं महसी तहसील के टिकुरी गांव में सोमवार को तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने नायब तहसीलदार विपुल सिंह के साथ निरीक्षण किया था। इस दौरान कई मकान कटान के मुहाने पर दिखे। इस पर तहसीलदार ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान की ओर जाने के निर्देश दिए।
वहीं नदी का जलस्तर भी निरंतर बढ़ रहा है। इसको देखते हुए मंगलवार को टिकुरी गांव के ग्रामीण अपना मकान तोड़ने लगे। ग्रामीण मकान तोड़कर ईंट व अन्य सामग्री सुरक्षित स्थान की ओर ले जा रहे हैं। अपना ही आशियाना तोड़ते समय ग्रामीणों की आंखें नम हो रही हैं। मंगलवार को करीब सात ग्रामीणों ने अपना आशियाना तोड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि तटबंध पर जाकर वे सभी निवास करेंगेे। इस मामले में तहसीलदार राजेश वर्मा का कहना है कि राजस्वकर्मियों की जागरूकता से ग्रामीण सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे हैं। ऐसे में सभी अपनी गृहस्थी बचाकर ऊंचे स्थान पर ही बसेरा बनाएं, जिससे बाढ़ व कटान से बचा जा सके।
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कैसरगंज तहसील के चमरौटी गांव में घाघरा नदी कटान कर रही है। वहीं घाघरा का जलस्तर बढ़ने से गांव के ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ रही हैं। ग्रामीण बाढ़ व कटान की समस्या को देखते हुए अपना आशियाना उजाड़ रहे हैं। वहीं महसी तहसील के टिकुरी गांव में सोमवार को तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने नायब तहसीलदार विपुल सिंह के साथ निरीक्षण किया था। इस दौरान कई मकान कटान के मुहाने पर दिखे। इस पर तहसीलदार ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान की ओर जाने के निर्देश दिए।
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वहीं नदी का जलस्तर भी निरंतर बढ़ रहा है। इसको देखते हुए मंगलवार को टिकुरी गांव के ग्रामीण अपना मकान तोड़ने लगे। ग्रामीण मकान तोड़कर ईंट व अन्य सामग्री सुरक्षित स्थान की ओर ले जा रहे हैं। अपना ही आशियाना तोड़ते समय ग्रामीणों की आंखें नम हो रही हैं। मंगलवार को करीब सात ग्रामीणों ने अपना आशियाना तोड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि तटबंध पर जाकर वे सभी निवास करेंगेे। इस मामले में तहसीलदार राजेश वर्मा का कहना है कि राजस्वकर्मियों की जागरूकता से ग्रामीण सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे हैं। ऐसे में सभी अपनी गृहस्थी बचाकर ऊंचे स्थान पर ही बसेरा बनाएं, जिससे बाढ़ व कटान से बचा जा सके।
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