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मेडिकल कॉलेज की बुनियाद के पत्थर को पैसे का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 15 May 2017 11:31 PM IST
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बहराइच में कृषि विभाग के बगल में मेडिकल कॉलेज के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन।
- फोटो : अमर उजाला
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तराई के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए ढाई साल से मेडिकल कॉलेज स्थापना की कवायद चल रही है। 190 करोड़ से मेडिकल कॉलेज का निर्माण होना है। इसके लिए प्रस्ताव शासन को छह माह पूर्व भेजा गया था। बीते नवंबर माह में शिलान्यास भी हो गया। लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ।
मेडिकल कॉलेज की फाइल शासन में धूल फांक रही है। अब मुख्यमंत्री द्वारा पुन: मेडिकल कॉलेज स्थापना की कवायद शुरू की गई है। इससे जिले के लोगों में मेडिकल कॉलेज को लेकर आस बंधी है। मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए ढाई वर्ष पूर्व कवायद शुरू हुई थी। दो साल तक मेडिकल कॉलेज की जमीन को लेकर मामला फाइलों में उलझा रहा।
जमीन तलाशने में कई रोड़े आ रहे थे। शहर से 13 किलोमीटर दूर रिसिया के बंगलाचक में जमीन तलाशी गई थी। केंद्रीय टीम ने दौरा करने के बाद उसे निरस्त कर दिया था। जिसके बाद दूसरी जगह जमीन की तलाश शुरू की गई। बाद में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले नवंबर माह में कृषि विज्ञान केंद्र की 10.5 एकड़ जमीन अधिग्रहीत कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया।
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शासन ने उस पर मुहर लगाते हुए मेडिकल कॉलेज स्थापना को हरी झंडी दे दी। मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 190 करेाड़ का बजट पास हुआ। निर्माण का काम राजकीय निर्माण निगम को सौंपा गया है। लेकिन शिलान्यास के छह माह बीत रहे हैं। अब तक निर्माण की कवायद शुरू नहीं हुई है।
कृषि विज्ञान केंद्र की जमीन पर 190 करोड़ की लागत से बहराइच में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास 15 नवंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज आकार ले लेगा। लेकिन अभी भी निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
सीएमओ डॉ. अरुण लाल ने बताया मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 190 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया था। बजट में 25 फीसदी राज्य और 75 फीसदी केंद्र सरकार को देना था। लेकिन अभी मामला फाइलों में है। इस मामले में शासन को पत्र भेजा गया है। शासन के निर्देश पर टेंडर प्रक्रिया के बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
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मेडिकल कॉलेज की फाइल शासन में धूल फांक रही है। अब मुख्यमंत्री द्वारा पुन: मेडिकल कॉलेज स्थापना की कवायद शुरू की गई है। इससे जिले के लोगों में मेडिकल कॉलेज को लेकर आस बंधी है। मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए ढाई वर्ष पूर्व कवायद शुरू हुई थी। दो साल तक मेडिकल कॉलेज की जमीन को लेकर मामला फाइलों में उलझा रहा।
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जमीन तलाशने में कई रोड़े आ रहे थे। शहर से 13 किलोमीटर दूर रिसिया के बंगलाचक में जमीन तलाशी गई थी। केंद्रीय टीम ने दौरा करने के बाद उसे निरस्त कर दिया था। जिसके बाद दूसरी जगह जमीन की तलाश शुरू की गई। बाद में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले नवंबर माह में कृषि विज्ञान केंद्र की 10.5 एकड़ जमीन अधिग्रहीत कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया।
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शासन ने उस पर मुहर लगाते हुए मेडिकल कॉलेज स्थापना को हरी झंडी दे दी। मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 190 करेाड़ का बजट पास हुआ। निर्माण का काम राजकीय निर्माण निगम को सौंपा गया है। लेकिन शिलान्यास के छह माह बीत रहे हैं। अब तक निर्माण की कवायद शुरू नहीं हुई है।
कृषि विज्ञान केंद्र की जमीन पर 190 करोड़ की लागत से बहराइच में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास 15 नवंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज आकार ले लेगा। लेकिन अभी भी निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
सीएमओ डॉ. अरुण लाल ने बताया मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 190 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया था। बजट में 25 फीसदी राज्य और 75 फीसदी केंद्र सरकार को देना था। लेकिन अभी मामला फाइलों में है। इस मामले में शासन को पत्र भेजा गया है। शासन के निर्देश पर टेंडर प्रक्रिया के बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी।