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धूमधाम से मनाया नागपंचमी का पर्व
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बहराइच में सोमवार को रामघाट मंदिर परिसर में नाग पंचमी पर गुड़िया पीटते बच्चे।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। नागपंचमी का पर्व सोमवार को जिले भर में परंपरागत तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने घरों व मंदिरों में पूजन-अर्चन कर सुख समृद्धि की कामना की। वहीं, भाई-बहनों ने गुड़िया पीटने की परंपरा का निर्वहन किया।
नागपंचमी के अवसर पर सुबह से ही घरों व मंदिरों में नाग देवता को दूध, चना, पुष्प आदि अर्पित कर लोगों ने पूजन-अर्चन किया। प्रात:काल से ही विभिन्न क्षेत्रों में सपेरे भी नाग देवता के दर्शन करवाने के लिए पिटारा लिये घर-घर दरवाजा खटखटाते रहे। गांवों में लोगों ने नागदेवता से सुरक्षा की कामना करते हुए नागबंधन से घर को बंाधने की परंपरा का निर्वहन किया।
गाय के गोबर से घरों को प्रतीकात्मक नागबंधन से बांधा गया। शाम होते ही नागपंचमी पर गुड़िया पीटने की परंपरा फिर एक बार दोहराई गई। भाई व बहन द्वारे पर एकत्र हुए। बहनों ने कपड़े की प्रतीकात्मक गुड़िया द्वार पर रखी और भाइयों ने रंग-बिरंगी छड़ियों से उसे पीटा। इस दौरान बहनों ने भाइयों के दीर्घायु होने की कामना की।
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भाइयों ने बहनों की सुरक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान बच्चों में खासा उत्साह दिखायी पड़ा। सुबह से ही विभिन्न चौक चौराहों पर गुड़िया पीटने के लिए रंग-बिरंगी छड़ी की बिक्री हुई। गली मोहल्लों में शाम होते ही गुड़िया पीटने का शोर सुनाई पड़ने लगा। बहनों ने उबले चने के प्रसाद का वितरण भी किया। नाग देवता से घर के सदस्यों की सलामती की दुआ मांगी गई।
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नागपंचमी के अवसर पर सुबह से ही घरों व मंदिरों में नाग देवता को दूध, चना, पुष्प आदि अर्पित कर लोगों ने पूजन-अर्चन किया। प्रात:काल से ही विभिन्न क्षेत्रों में सपेरे भी नाग देवता के दर्शन करवाने के लिए पिटारा लिये घर-घर दरवाजा खटखटाते रहे। गांवों में लोगों ने नागदेवता से सुरक्षा की कामना करते हुए नागबंधन से घर को बंाधने की परंपरा का निर्वहन किया।
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गाय के गोबर से घरों को प्रतीकात्मक नागबंधन से बांधा गया। शाम होते ही नागपंचमी पर गुड़िया पीटने की परंपरा फिर एक बार दोहराई गई। भाई व बहन द्वारे पर एकत्र हुए। बहनों ने कपड़े की प्रतीकात्मक गुड़िया द्वार पर रखी और भाइयों ने रंग-बिरंगी छड़ियों से उसे पीटा। इस दौरान बहनों ने भाइयों के दीर्घायु होने की कामना की।
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भाइयों ने बहनों की सुरक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान बच्चों में खासा उत्साह दिखायी पड़ा। सुबह से ही विभिन्न चौक चौराहों पर गुड़िया पीटने के लिए रंग-बिरंगी छड़ी की बिक्री हुई। गली मोहल्लों में शाम होते ही गुड़िया पीटने का शोर सुनाई पड़ने लगा। बहनों ने उबले चने के प्रसाद का वितरण भी किया। नाग देवता से घर के सदस्यों की सलामती की दुआ मांगी गई।