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Bahraich News: सियार के हमले में जख्मी किशोर की डेढ़ माह बाद मौत
Mon, 28 Jul 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 28 Jul 2025 12:35 AM IST
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पयागपुर (बहराइच)। सियार के हमले में जख्मी ग्राम पंचायत खजुरी निवासी कन्हैयालाल (17) की शुक्रवार देर रात लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके पिता ने सीएचसी पयागपुर के स्वास्थ्य कर्मियों को इंजेक्शन लगाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। साथ ही एंटी रैबीज के बजाय टिटनेस का इंजेक्शन लगाने की बात कही है।
पयागपुर थाना क्षेत्र के खजुरी निवासी शिवकुमार ने बताया कि 13 जून को वह बेटे कन्हैयालाल के साथ खेत में काम कर रहे थे। उस दौरान अचानक पहुंचे सियार ने उन पर हमला कर दिया। बचाने दौड़े बेटे पर भी सियार ने हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था।
बेटे को सीएचसी पयागपुर लेकर गए थे। शिवकुमार ने आरोप लगाया कि सीएचसी में तैनात कर्मी ने बाहर से एक इंजेक्शन मंगवाकर लगाया और फिर 16 जून को आने की बात कही। 16 जून को जाने पर एंटी रेबीज के चार इंजेक्शन चार-चार दिन के अंतराल पर लगाई गई, लेकिन कोई आराम नहीं मिला।
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शिवकुमार ने आरोप लगाया कि हमले के 72 घंटे में इजेक्शन लगना जरूरी बताया जाता है, लेकिन कर्मियों ने पहले दिन एंटी रैबीज के बजाय टिटनेस का इंजेक्शन लगा दिया, जिसके चलते बेटे की हालत खराब हो गई और उसे लेकर मेडिकल कॉलेज गए। वहां से चिकित्सकोंं ने ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। ट्रॉमा में इलाज के दौरान शुक्रवार रात बेटे की मौत हो गई।
एंटी रेबीज के इंजेक्शन हर सोमवार और शुक्रवार को लगाए जाते हैं। कन्हैया लाल को भी एंटी रेबीज के पांच इंजेक्शन लगाए गए हैं। अगर कहीं कोई लापरवाही हुई होगी, तो शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. धीरेंद्र तिवारी, सीएचसी अधीक्षक
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पयागपुर थाना क्षेत्र के खजुरी निवासी शिवकुमार ने बताया कि 13 जून को वह बेटे कन्हैयालाल के साथ खेत में काम कर रहे थे। उस दौरान अचानक पहुंचे सियार ने उन पर हमला कर दिया। बचाने दौड़े बेटे पर भी सियार ने हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था।
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बेटे को सीएचसी पयागपुर लेकर गए थे। शिवकुमार ने आरोप लगाया कि सीएचसी में तैनात कर्मी ने बाहर से एक इंजेक्शन मंगवाकर लगाया और फिर 16 जून को आने की बात कही। 16 जून को जाने पर एंटी रेबीज के चार इंजेक्शन चार-चार दिन के अंतराल पर लगाई गई, लेकिन कोई आराम नहीं मिला।
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शिवकुमार ने आरोप लगाया कि हमले के 72 घंटे में इजेक्शन लगना जरूरी बताया जाता है, लेकिन कर्मियों ने पहले दिन एंटी रैबीज के बजाय टिटनेस का इंजेक्शन लगा दिया, जिसके चलते बेटे की हालत खराब हो गई और उसे लेकर मेडिकल कॉलेज गए। वहां से चिकित्सकोंं ने ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। ट्रॉमा में इलाज के दौरान शुक्रवार रात बेटे की मौत हो गई।
एंटी रेबीज के इंजेक्शन हर सोमवार और शुक्रवार को लगाए जाते हैं। कन्हैया लाल को भी एंटी रेबीज के पांच इंजेक्शन लगाए गए हैं। अगर कहीं कोई लापरवाही हुई होगी, तो शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. धीरेंद्र तिवारी, सीएचसी अधीक्षक