{"_id":"673e36a86033fb18300bfc54","slug":"straw-being-fed-to-cattle-in-banjariya-bahraich-news-c-98-1-slko1011-122825-2024-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: बंजरिया में गोवंशों को खिलाया जा रहा पुआल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: बंजरिया में गोवंशों को खिलाया जा रहा पुआल
Thu, 21 Nov 2024 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 21 Nov 2024 12:51 AM IST
विज्ञापन
चरदा(बहराइच)। गाय और गोशाला सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। बावजूद इसके जिले की कई गोशालाओं में गोवंशों की स्थिति दयनीय है। इन्हीं में से एक गोशाला नवाबगंज विकासखंड की गोपालपुर बंजरिया है। जहां गोवंशों को भूसा, हरा चारा, चोकर न देकर धान का पुआल खिलाया जा रहा है। जिससे उनकी हालत बुरी हैै।
गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों के देखभाल व खाने के लिए सरकार की ओर से प्रति गोवंश 50 रुपये प्रतिदिन दिए जा रहे हैं। ताकि गायों को नियमित हरा चारा, भूसा के साथ-साथ पौष्टिक आहार दिया जाए, लेकिन नवाबगंज विकासखंड के ग्राम पंचायत गोपालपुर बंजरिया स्थित गोशाला में ऐसा नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है, कि यहां गोवंशों को धान का पुआल खिलाई रही है, जिससे गोवंश कमजोर हो रहे हैं। ग्रामीणों के आरोप पर जब इसकी पड़ताल की गई तो गोवंश धान का पुआल खाकर भूख मिटाते मिले। वहीं गोशाला बंद मिली और मौके पर गोवंशों की देखभाल के लिए कोई नहीं मिला। वहीं गोवंशों की हालत गंभीर दिखी।
धान की पुआल छोटे गोवंशों को दी जा रही है। अभी हरे चारे का प्रबंध नहीं है। बड़े गोवंशों को भूसा आदि दिया जा रहा है।
आनंद विक्रम, पंचायत सचिव
....
गोशाला में 100 गोवंश संरक्षित हैं। जिनकी समय-समय पर देखभाल व इलाज किया जा रहा है।
डॉ. अंकुर बिहारी श्रीवास्वत, पशु चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों के देखभाल व खाने के लिए सरकार की ओर से प्रति गोवंश 50 रुपये प्रतिदिन दिए जा रहे हैं। ताकि गायों को नियमित हरा चारा, भूसा के साथ-साथ पौष्टिक आहार दिया जाए, लेकिन नवाबगंज विकासखंड के ग्राम पंचायत गोपालपुर बंजरिया स्थित गोशाला में ऐसा नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है, कि यहां गोवंशों को धान का पुआल खिलाई रही है, जिससे गोवंश कमजोर हो रहे हैं। ग्रामीणों के आरोप पर जब इसकी पड़ताल की गई तो गोवंश धान का पुआल खाकर भूख मिटाते मिले। वहीं गोशाला बंद मिली और मौके पर गोवंशों की देखभाल के लिए कोई नहीं मिला। वहीं गोवंशों की हालत गंभीर दिखी।
विज्ञापन
धान की पुआल छोटे गोवंशों को दी जा रही है। अभी हरे चारे का प्रबंध नहीं है। बड़े गोवंशों को भूसा आदि दिया जा रहा है।
आनंद विक्रम, पंचायत सचिव
....
गोशाला में 100 गोवंश संरक्षित हैं। जिनकी समय-समय पर देखभाल व इलाज किया जा रहा है।
डॉ. अंकुर बिहारी श्रीवास्वत, पशु चिकित्साधिकारी