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Bahraich News: कोडीनयुक्त सिरप की बरामद शीशियों में नहीं बैच नंबर
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रुपईडीहा। भारत-नेपाल सीमा पर केवलपुर अंडरपास के पास मंगलवार रात संयुक्त टीम की जांच में एसयूवी में मिलीं कोडीनयुक्त कफ सिरप की 1279 शीशियों पर बैच नंबर नहीं मिले हैं। इससे सिरप के निर्माता और आपूर्ति शृंखला का पता लगाने में जांच एजेंसियों को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। मामले में नानपारा के मोहल्ला तोपखाना निवासी फजले इलाही को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान संदिग्ध एसयूवी को रोककर तलाशी ली। वाहन से कोडीनयुक्त सिरप की शीशियों के अलावा महिंद्रा एक्सयूवी-500, दो मीडिया पहचान पत्र और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। एसयूवी पर ‘प्रदेश महामंत्री, उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पत्रकार महासंगठन’ लिखा था।
थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर सिरप के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
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सीओ चित्रांशु गौतम ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। संयुक्त टीम की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।
बैच नंबर गायब होने से जांच में मुश्किल
औषधि निरीक्षक विनय कृष्ण ने बताया कि बैच नंबर से दवा के निर्माता, निर्माण और आपूर्ति से जुड़ी जानकारी जुटाने में मदद मिलती है। शीशियों पर बैच नंबर नहीं होने से संबंधित खेप की पहचान करना मुश्किल हो सकता है। यह भी जांच की जा रही है कि बैच नंबर मूल रूप से अंकित नहीं थे या बाद में मिटाए गए।
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पुलिस, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान संदिग्ध एसयूवी को रोककर तलाशी ली। वाहन से कोडीनयुक्त सिरप की शीशियों के अलावा महिंद्रा एक्सयूवी-500, दो मीडिया पहचान पत्र और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। एसयूवी पर ‘प्रदेश महामंत्री, उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पत्रकार महासंगठन’ लिखा था।
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थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर सिरप के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
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सीओ चित्रांशु गौतम ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। संयुक्त टीम की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।
बैच नंबर गायब होने से जांच में मुश्किल
औषधि निरीक्षक विनय कृष्ण ने बताया कि बैच नंबर से दवा के निर्माता, निर्माण और आपूर्ति से जुड़ी जानकारी जुटाने में मदद मिलती है। शीशियों पर बैच नंबर नहीं होने से संबंधित खेप की पहचान करना मुश्किल हो सकता है। यह भी जांच की जा रही है कि बैच नंबर मूल रूप से अंकित नहीं थे या बाद में मिटाए गए।