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पहाड़ों पर बर्फबारी से तराई में बढ़ी ठंड
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बहराइच। उत्तराखंड में हुई बारिश व बर्फबारी से तराई कांप उठी है। पछुवा हवा चली तो लोग ठिठुर गए। रविवार की रात न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंड बढ़ने से लोग घरों में ही दुबकेे रहे। राहगीरों को सबसे ज्यादा समस्या झेलनी पड़ रही है। चौक-चौराहों पर जलने वाले अलाव की कोई व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से नहीं की गई है। रोडवेज व बस स्टेशन परिसर में यात्री व अन्य लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। सुबह निकले लोगों को मौसम में बदलाव के कारण शाम को ठिठुरते हुए घर जाना पड़ रहा है। अमर उजाला ने जिला प्रशासन की ओर से की जा रही व्यवस्था का जायजा लिया।
पानी टंकी चौराहा, अलाव के नहीं इंतजाम
यह चौराहा व्यस्ततम चौराहों में से एक है। हाईवे से सड़क जुड़ी होने के कारण दिन-रात चहल बनी रहती है। चौराहे पर स्थित एटीएम के पास जिला प्रशासन की ओर से अलाव जलाने की व्यवस्था की जाती रही है, लेकिन इस बार अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
पीपल चौराहा : ठिठुर रहे लोग
बाजार को जोड़ने वाले चौराहे पर जिला प्रशासन के अलाव की व्यवस्था नजर नहीं आई। रात में मजदूर पेशा व आम राहगीर ठंड से निजात पाने के लिए अलाव को ढूंढते रहते, लेकिन कोई व्यवस्था न होने के कारण उन्हें अपने घर कांपते व ठिठुरते हुए ही जाना पड़ रहा है।
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अस्पताल परिसर : अलाव न जलने से ठिठुरने को मजबूर
दूरदराज से अपने मरीजों का इलाज कराने आए तीमारदारों को ठंड से ठिठुरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कई तो ऐसे तीमारदार दिखे, जिन्हें पूरी रात एक चादर के सहारे काटनी पड़ी। परिसर में पीपल का पेड़ स्थित है। जिला प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था यही की जाती हैं, लेकिन इस बार अभी सब ठंडा पड़ा है।
ईओ व एसडीएम को दिए निर्देश
ठंड बढ़ने के साथ ही जिले की सभी छह तहसीलों के एसडीएम को अलाव जलवाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वहीं शहरी इलाकों में नगर पालिका व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। अलाव की व्यवस्था पर निगरानी बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
- जयचंद्र पांडेय, एडीएम
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पानी टंकी चौराहा, अलाव के नहीं इंतजाम
यह चौराहा व्यस्ततम चौराहों में से एक है। हाईवे से सड़क जुड़ी होने के कारण दिन-रात चहल बनी रहती है। चौराहे पर स्थित एटीएम के पास जिला प्रशासन की ओर से अलाव जलाने की व्यवस्था की जाती रही है, लेकिन इस बार अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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पीपल चौराहा : ठिठुर रहे लोग
बाजार को जोड़ने वाले चौराहे पर जिला प्रशासन के अलाव की व्यवस्था नजर नहीं आई। रात में मजदूर पेशा व आम राहगीर ठंड से निजात पाने के लिए अलाव को ढूंढते रहते, लेकिन कोई व्यवस्था न होने के कारण उन्हें अपने घर कांपते व ठिठुरते हुए ही जाना पड़ रहा है।
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अस्पताल परिसर : अलाव न जलने से ठिठुरने को मजबूर
दूरदराज से अपने मरीजों का इलाज कराने आए तीमारदारों को ठंड से ठिठुरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कई तो ऐसे तीमारदार दिखे, जिन्हें पूरी रात एक चादर के सहारे काटनी पड़ी। परिसर में पीपल का पेड़ स्थित है। जिला प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था यही की जाती हैं, लेकिन इस बार अभी सब ठंडा पड़ा है।
ईओ व एसडीएम को दिए निर्देश
ठंड बढ़ने के साथ ही जिले की सभी छह तहसीलों के एसडीएम को अलाव जलवाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वहीं शहरी इलाकों में नगर पालिका व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। अलाव की व्यवस्था पर निगरानी बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
- जयचंद्र पांडेय, एडीएम