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Bahraich News: सरयू लाल निशान से 28 सेमी ऊपर पहुंची
Thu, 21 Aug 2025 02:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 21 Aug 2025 02:01 AM IST
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महसी के जानकीनगर में सरयू के जद में आया मकान। -स्रोत : ग्रामीण
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बहराइच। नेपाल की पहाड़ियों पर लगातार हो रही बारिश ने तराई व मैदानी इलाकों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर बह रही थी।
चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 3.23 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर में हर छह घंटे पर एक सेमी का इजाफा दर्ज किया जा रहा है। जानकीनगर में दो घर कटान की भेंट चढ़ गए हैं जबकि सात घरों पर इस समय नदी तेजी से काट रही है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शारदा व गिरिजा बैराज से भी भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते बहराइच की महसी, कैसरगंज, नानपारा और मिहींपुरवा तहसीलों के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। सरयू का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान की रफ्तार और तेज हो गई है।
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महसी तहसील क्षेत्र के जानकीनगर गांव पर सरयू की लहरें कहर बरपा रही हैं। लगभग आधा गांव अब तक नदी की गोद में समा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अब हालात काबू से बाहर हो रहे हैं। रात में सरयू कटान करते हुए जानकीनगर निवासी गंगाराम और राम निवास के मकान को बहा ले गई।
इस समय सरयू के निशाने पर मुनऊ, इंद्रजीत, प्रमोद, त्रिभुवन, माधव, वाल्मीकि और बदलू के घर हैं। लोग अपने सामान व मवेशी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। कटान से प्रभावित गंगाराम, रामनिवास और मुनऊ आदि ग्रामीणों ने रोते हुए बताया कि हर साल कटान होता है, लेकिन इस बार तो पूरा गांव ही खत्म होने के कगार पर है।
नदी के जलस्तर में लगातार इजाफे और तेज कटान के बावजूद राहत व बचाव के इंतजाम अब तक नहीं किए गए हैं। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन हर बार की तरह केवल बाढ़ आने का इंतजार करता है। जब गांव उजड़ जाते हैं और लोग बेघर हो जाते हैं, तब राहत कार्य की औपचारिकता शुरू होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थिति बेहद गंभीर है। यदि कटान रोकने के लिए शीघ्र कोई उपाय नहीं किया गया, तो गांव का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। लोगों का मानना है कि अगर नेपाल में बारिश का दौर जारी रहा, तो अगले 48 घंटे में महसी, कैसरगंज, नानपारा और मिहींपुरवा तहसीलों के कई गांव फिर बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
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चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 3.23 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर में हर छह घंटे पर एक सेमी का इजाफा दर्ज किया जा रहा है। जानकीनगर में दो घर कटान की भेंट चढ़ गए हैं जबकि सात घरों पर इस समय नदी तेजी से काट रही है।
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बाढ़ नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शारदा व गिरिजा बैराज से भी भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते बहराइच की महसी, कैसरगंज, नानपारा और मिहींपुरवा तहसीलों के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। सरयू का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान की रफ्तार और तेज हो गई है।
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महसी तहसील क्षेत्र के जानकीनगर गांव पर सरयू की लहरें कहर बरपा रही हैं। लगभग आधा गांव अब तक नदी की गोद में समा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अब हालात काबू से बाहर हो रहे हैं। रात में सरयू कटान करते हुए जानकीनगर निवासी गंगाराम और राम निवास के मकान को बहा ले गई।
इस समय सरयू के निशाने पर मुनऊ, इंद्रजीत, प्रमोद, त्रिभुवन, माधव, वाल्मीकि और बदलू के घर हैं। लोग अपने सामान व मवेशी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। कटान से प्रभावित गंगाराम, रामनिवास और मुनऊ आदि ग्रामीणों ने रोते हुए बताया कि हर साल कटान होता है, लेकिन इस बार तो पूरा गांव ही खत्म होने के कगार पर है।
नदी के जलस्तर में लगातार इजाफे और तेज कटान के बावजूद राहत व बचाव के इंतजाम अब तक नहीं किए गए हैं। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन हर बार की तरह केवल बाढ़ आने का इंतजार करता है। जब गांव उजड़ जाते हैं और लोग बेघर हो जाते हैं, तब राहत कार्य की औपचारिकता शुरू होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थिति बेहद गंभीर है। यदि कटान रोकने के लिए शीघ्र कोई उपाय नहीं किया गया, तो गांव का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। लोगों का मानना है कि अगर नेपाल में बारिश का दौर जारी रहा, तो अगले 48 घंटे में महसी, कैसरगंज, नानपारा और मिहींपुरवा तहसीलों के कई गांव फिर बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।