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Bahraich News: संजय सेतु के जाॅइंटर मरम्मत का कार्य शुरू, जाम से जूझे वाहन चालक
Wed, 18 Jun 2025 02:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Wed, 18 Jun 2025 02:31 AM IST
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घाघरा घाट स्थित संजय सेतु पर जॉइंटर की हो रही मरम्मत।
बहराइच/जरवलरोड। लखनऊ-बहराइच राजमार्ग पर जरवलरोड स्थित संजय सेतु के जाॅइंटर में आई दरार की मरम्मत का काम मंगलवार सुबह 10 बजे से शुरू किया गया। मरम्मत कार्य के चलते पुल के दोनों तरफ भीषण जाम लगा। मौके पर मौजूद जरवलरोड थाना प्रभारी संतोष सिंह ने टीम के साथ एकल मार्ग के सहारे वाहनों को निकलवाया और जाम खत्म करवाया। लेकिन मरम्मत कार्य के चलते दिन भर रुक-रुक कर जाम लगता रहा और सैकड़ों वाहनों का काफिला पुल के दोनों तरफ कतारबद्ध खड़ा नजर आया।
सरयू नदी पर बने संजय सेतु के जाॅइंटर में तीन स्थानों पर दरार आ गई थी। एक स्थान पर दरार इतनी ज्यादा थी कि सरयू नदी दिखने लगी थी। इसके चलते वाहन चालक सहमे थे और जाॅइंटर की दरार से निकली सरिया से वाहन का टायर फटने और किसी भी समय बड़ा हादसा होने से आशंकित थे। इस समस्या को अमर उजाला के 15 जून के अंक में संजय सेतु के जॉइंटर में तीन स्थानों पर आई दरार शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसका संज्ञान लेकर मंगलवार से मरम्मत कार्य शुरू किया गया। वाहनों के दबाव के चलते दिन भर संजय सेतु पर जाम लगता रहा।
बताते चलें कि सरयू नदी पर बने विशाल संजय सेतु का प्रयोग बहराइच के साथ-साथ गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती समेत आधा दर्जन से अधिक जिलोंं के वाहन चालक करते हैं। पुल से प्रतिदिन 25 से 30 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
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दो दिन और चलेगा मरम्मत कार्य, जाम से बच्चोंं-बुजुर्गों को परेशानी
संजय सेतु के जॉइंटर में आई दरार की मरम्मत का काम बुधवार व बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगा। सुबह 10 से शाम पांच बजे तक चलने वाले इस मरम्मत कार्य के दौरान पुल पर एकल मार्ग ही खुला रहेगा। इससे पुल पर जाम लगने की संभावना है। मंगलवार को लगे जाम में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चोंं व बुजुर्गों को हुई, जिन्हेंं उमस भरी गर्मी में परेशान होते देखा गया। हालांकि जरवलरोड पुलिस की मुस्तैदी से जाम की समय सीमा लंबी नहीं हुई और 15 से 20 मिनट का ही जाम लगा। लेकिन वाहनों के रेंगने का सिलसिला शाम तक जारी रहा।
44 साल पहले हुआ था संजय सेतु का निर्माण
संजय सेतु का निर्माण साल 1981 में किया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने इस पुल का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के समय पुल की क्षमता के अनुरूप वाहनों का आवागमन होता था। लेकिन वर्तमान में पुल की क्षमता से 40 गुना अधिक वाहन गुजर रहे हैं। इसी के चलते पुल के गाटर मेंं लगातार खामी आ रही है।
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सरयू नदी पर बने संजय सेतु के जाॅइंटर में तीन स्थानों पर दरार आ गई थी। एक स्थान पर दरार इतनी ज्यादा थी कि सरयू नदी दिखने लगी थी। इसके चलते वाहन चालक सहमे थे और जाॅइंटर की दरार से निकली सरिया से वाहन का टायर फटने और किसी भी समय बड़ा हादसा होने से आशंकित थे। इस समस्या को अमर उजाला के 15 जून के अंक में संजय सेतु के जॉइंटर में तीन स्थानों पर आई दरार शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसका संज्ञान लेकर मंगलवार से मरम्मत कार्य शुरू किया गया। वाहनों के दबाव के चलते दिन भर संजय सेतु पर जाम लगता रहा।
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बताते चलें कि सरयू नदी पर बने विशाल संजय सेतु का प्रयोग बहराइच के साथ-साथ गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती समेत आधा दर्जन से अधिक जिलोंं के वाहन चालक करते हैं। पुल से प्रतिदिन 25 से 30 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
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दो दिन और चलेगा मरम्मत कार्य, जाम से बच्चोंं-बुजुर्गों को परेशानी
संजय सेतु के जॉइंटर में आई दरार की मरम्मत का काम बुधवार व बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगा। सुबह 10 से शाम पांच बजे तक चलने वाले इस मरम्मत कार्य के दौरान पुल पर एकल मार्ग ही खुला रहेगा। इससे पुल पर जाम लगने की संभावना है। मंगलवार को लगे जाम में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चोंं व बुजुर्गों को हुई, जिन्हेंं उमस भरी गर्मी में परेशान होते देखा गया। हालांकि जरवलरोड पुलिस की मुस्तैदी से जाम की समय सीमा लंबी नहीं हुई और 15 से 20 मिनट का ही जाम लगा। लेकिन वाहनों के रेंगने का सिलसिला शाम तक जारी रहा।
44 साल पहले हुआ था संजय सेतु का निर्माण
संजय सेतु का निर्माण साल 1981 में किया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने इस पुल का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के समय पुल की क्षमता के अनुरूप वाहनों का आवागमन होता था। लेकिन वर्तमान में पुल की क्षमता से 40 गुना अधिक वाहन गुजर रहे हैं। इसी के चलते पुल के गाटर मेंं लगातार खामी आ रही है।