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चार घंटे झमाझम बारिश से गुलाबी ठंड की दस्तक
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 15 Oct 2015 10:09 PM IST
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बहराइच। तराई में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक अंगड़ाई ले ली। चार घंटे झमाझम बरसात से तापमान गिर गया है। इससे लोगों को गुलाबी ठंड का एहसास हुआ।
हालांकि, अगेती धान की फसल को बारिश से नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों के माथे पर बल पड़ गया है। वहीं रबी की खेती के लिए वर्षा मुफीद मानी जा रही है। बारिश के कारण शहर में कई जगह जलभराव हो गया। इस कारण लोगों को काफी दिक्कतें हुईं।
सावन और भादो बीत गए लेकिन झमाझम बरसात को तराई के लोग तरस गए। अब जब बारिश की जरूरत नहीं तो फिर मौसम ने करवट ले ली। गुरुवार सुबह अचानक बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे।
सात बजे बूंदाबांदी शुरू हुई और आधे घंटे बाद झमाझम बरसात होने लगी। यह दौर 11:30 बजे तक जारी रहा। इस दौरान चली तेज हवा से लोगों को सिहरने का एहसास हुआ।
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हालांकि, दोपहर बाद मौसम साफ हो गया और धूप निकल आई। लेकिन, इसके बाद शहरवासी जगह-जगह जलभराव से जूझते रहे। शहर के सिविल लाइंस, बख्शीपुरा, सूफीपुरा, घसियारीपुरा, बड़ीहाट, चांदपुरा मोहल्लों में पानी भर गया। जिला अस्पताल परिसर में भी पानी भरने से तीमारदार परेशान हुए।
वहीं, किसानों के लिए यह वर्षा मिलाजुला असर लेकर आई। अगेती धान की फसल की रोपाई करने वाले किसानों के खेत में फसल पककर तैयार है लेकिन वर्षा और तेज हवाओं से फसल को लगभग 10 फीसदी नुकसान पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं, पिछेती धान के लिए वर्षा कुछ हद तक मुफीद है।
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हालांकि, अगेती धान की फसल को बारिश से नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों के माथे पर बल पड़ गया है। वहीं रबी की खेती के लिए वर्षा मुफीद मानी जा रही है। बारिश के कारण शहर में कई जगह जलभराव हो गया। इस कारण लोगों को काफी दिक्कतें हुईं।
सावन और भादो बीत गए लेकिन झमाझम बरसात को तराई के लोग तरस गए। अब जब बारिश की जरूरत नहीं तो फिर मौसम ने करवट ले ली। गुरुवार सुबह अचानक बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे।
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सात बजे बूंदाबांदी शुरू हुई और आधे घंटे बाद झमाझम बरसात होने लगी। यह दौर 11:30 बजे तक जारी रहा। इस दौरान चली तेज हवा से लोगों को सिहरने का एहसास हुआ।
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हालांकि, दोपहर बाद मौसम साफ हो गया और धूप निकल आई। लेकिन, इसके बाद शहरवासी जगह-जगह जलभराव से जूझते रहे। शहर के सिविल लाइंस, बख्शीपुरा, सूफीपुरा, घसियारीपुरा, बड़ीहाट, चांदपुरा मोहल्लों में पानी भर गया। जिला अस्पताल परिसर में भी पानी भरने से तीमारदार परेशान हुए।
वहीं, किसानों के लिए यह वर्षा मिलाजुला असर लेकर आई। अगेती धान की फसल की रोपाई करने वाले किसानों के खेत में फसल पककर तैयार है लेकिन वर्षा और तेज हवाओं से फसल को लगभग 10 फीसदी नुकसान पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं, पिछेती धान के लिए वर्षा कुछ हद तक मुफीद है।