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तराई में बूंदाबांदी, पारा लुढ़ककर पहुंचा 7.9 डिग्री
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Jan 2017 10:05 PM IST
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तापमान गिरा
- फोटो : अमर उजाला
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तराई में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। बूंदाबांदी के बीच तेज बर्फीली हवा चली। इससे तापमान लुढ़ककर 7.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। अचानक बदले मौसम के मिजाज से लोग कांप उठे। जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। बूंदाबूंदी को कृषि वैज्ञानिक गेहूं की खेती के लिए मुफीद बता रहे हैं।
तराई में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया था। आठ बजे के करीब सूरज चमका तो लोगों को धूप से राहत मिलने की उम्मीद जगी लेकिन मौसम अचानक बदल गया। तेज पछुवा हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। डेढ़ घंटे तक यही स्थिति रही। इसके बाद पूरे दिन बादल छाये रहे। बर्फीली हवा के चलते घरों से निकले लोग कांपते दिखे। जनजीवन अस्तव्यस्त रहा।
गेहूं काश्तकारों के चेहरे खिल उठे हैं। को किसान बूंदबांदी को गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बता रहे हैं। इस समय गेहूं की फसल सिंचाई योग्य है। ऐसे में बूंदाबांदी से काफी हद तक फायदा मिलेगा। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते अचानक तराई का मौसम बिगड़ा है।
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न्यूनतम तापमान लगभग 7.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। दो-तीन दिन में हल्की बारिश के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बूंदाबांदी अधिक नहीं हुई लेकिन गेहूं के लिए फायदेमंद है। वहीं मौसम का मिजाज और कड़ा होगा। तापमान में गिरावट दर्ज होगी।
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तराई में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया था। आठ बजे के करीब सूरज चमका तो लोगों को धूप से राहत मिलने की उम्मीद जगी लेकिन मौसम अचानक बदल गया। तेज पछुवा हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। डेढ़ घंटे तक यही स्थिति रही। इसके बाद पूरे दिन बादल छाये रहे। बर्फीली हवा के चलते घरों से निकले लोग कांपते दिखे। जनजीवन अस्तव्यस्त रहा।
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गेहूं काश्तकारों के चेहरे खिल उठे हैं। को किसान बूंदबांदी को गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बता रहे हैं। इस समय गेहूं की फसल सिंचाई योग्य है। ऐसे में बूंदाबांदी से काफी हद तक फायदा मिलेगा। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते अचानक तराई का मौसम बिगड़ा है।
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न्यूनतम तापमान लगभग 7.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। दो-तीन दिन में हल्की बारिश के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बूंदाबांदी अधिक नहीं हुई लेकिन गेहूं के लिए फायदेमंद है। वहीं मौसम का मिजाज और कड़ा होगा। तापमान में गिरावट दर्ज होगी।