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अवकाश पर गए रेडियोलॉजिस्ट, कराह रहे मरीज
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बहराइच। मेडिकल कॉलेज में तैनात एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर चले जाने के कारण अल्ट्रासाउंड की व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई हैं। दर्द से कराह रहे मरीजों को निजी सेंटरों से अपनी जांच करानी पड़ रही है। इसके बाद ही चिकित्सक उनका इलाज कर पा रहे हैं। हालात यह हैं कि आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को भी रेडियोलॉजी सेंटर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए दो महीने बाद दिसंबर माह की तारीख दी जा रही है। जिससे गर्भवती महिलाओं व पेट के रोगों से पीड़ित रोगियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज स्थित रेडियोलॉजी विभाग बीते लंबे समय से एक ही रेडियोलॉजिस्ट के सहारे संचालित हो रहा है। यहां प्रतिदिन स्थानीय मरीजों के साथ ही पड़ोसी जनपदों गोंडा, बलरामपुर व श्रावस्ती समेत पड़ोसी देश नेपाल के भी मरीज काफी संख्या में आते हैं। इसके साथ ही सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व अधिकांश सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने से गर्भवती महिलाएं व पेट के रोग से पीड़ित मरीज प्रतिदिन काफी संख्या में यहां आते हैं। एक ही रेडियोलॉजिस्ट होने से प्रतिदिन काफी संख्या में मरीजों को यहां अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पाती। जिससे उन्हें मजबूरी में निजी सेंटरों पर अपनी जांच करानी पड़ती है। यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बीके बैन बीते 27 सितंबर से अवकाश पर चले गए हैं।
अब उनके दीवाली पर्व के बाद आने की उम्मीद है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाले मरीजों को दिसंबर माह की तारीख दी जा रही है। जिससे मरीज खासे परेशान नजर आ रहे हैं। रेडियोलॉजिस्ट न होने से मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में अब मरीजों को निजी सेंटरों का ही सहारा नजर आ रहा है। रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.आरके वर्मा को मेडिको लीगल मामलों के लिए प्रभारी बना दिया गया है।
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13 से 17 दिसंबर की मिल रही तारीख
मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए शुक्रवार को चित्तौरा से पहुंची ज्योति को 17 दिसंबर तो फखरपुर से आए मदन व रमजान को 13 दिसंबर की तारीख दी गई। रमजान ने बताया कि उन्हें पेट की बीमारी के कारण काफी दर्द हो रहा है। ऐसे में वह यहां इलाज के लिए आए थे, लेकिन उनका अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका। अब मजबूरी में उन्हें निजी सेंटर से जांच करानी पड़ेगी।
शासन से की गई है रेडियोलॉजिस्ट की मांग
रेडियोलॉजिस्ट की कमी से अल्ट्रासाउंड में दिक्कतें आ रही हैं। शासन को कई बाीर पत्र भेजकर रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कराने की मांग की गई है। उम्मीद है कि शीघ्र ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो जाएगी। जिससे मरीजों के सामने आ रही दिक्कतें दूर हो जाएंगी। -डॉ.एके साहनी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
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मेडिकल कॉलेज स्थित रेडियोलॉजी विभाग बीते लंबे समय से एक ही रेडियोलॉजिस्ट के सहारे संचालित हो रहा है। यहां प्रतिदिन स्थानीय मरीजों के साथ ही पड़ोसी जनपदों गोंडा, बलरामपुर व श्रावस्ती समेत पड़ोसी देश नेपाल के भी मरीज काफी संख्या में आते हैं। इसके साथ ही सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व अधिकांश सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने से गर्भवती महिलाएं व पेट के रोग से पीड़ित मरीज प्रतिदिन काफी संख्या में यहां आते हैं। एक ही रेडियोलॉजिस्ट होने से प्रतिदिन काफी संख्या में मरीजों को यहां अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पाती। जिससे उन्हें मजबूरी में निजी सेंटरों पर अपनी जांच करानी पड़ती है। यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बीके बैन बीते 27 सितंबर से अवकाश पर चले गए हैं।
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अब उनके दीवाली पर्व के बाद आने की उम्मीद है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाले मरीजों को दिसंबर माह की तारीख दी जा रही है। जिससे मरीज खासे परेशान नजर आ रहे हैं। रेडियोलॉजिस्ट न होने से मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में अब मरीजों को निजी सेंटरों का ही सहारा नजर आ रहा है। रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.आरके वर्मा को मेडिको लीगल मामलों के लिए प्रभारी बना दिया गया है।
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13 से 17 दिसंबर की मिल रही तारीख
मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए शुक्रवार को चित्तौरा से पहुंची ज्योति को 17 दिसंबर तो फखरपुर से आए मदन व रमजान को 13 दिसंबर की तारीख दी गई। रमजान ने बताया कि उन्हें पेट की बीमारी के कारण काफी दर्द हो रहा है। ऐसे में वह यहां इलाज के लिए आए थे, लेकिन उनका अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका। अब मजबूरी में उन्हें निजी सेंटर से जांच करानी पड़ेगी।
शासन से की गई है रेडियोलॉजिस्ट की मांग
रेडियोलॉजिस्ट की कमी से अल्ट्रासाउंड में दिक्कतें आ रही हैं। शासन को कई बाीर पत्र भेजकर रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कराने की मांग की गई है। उम्मीद है कि शीघ्र ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो जाएगी। जिससे मरीजों के सामने आ रही दिक्कतें दूर हो जाएंगी। -डॉ.एके साहनी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।