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रात में बूंदाबांदी तो सुबह खिल उठी धूप
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 20 Jan 2016 09:57 PM IST
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बहराइच। मंगलवार को दिन भर छाए बादल रात में हल्की बूंदाबांदी के रूप में बरस उठे। बुधवार सुबह धुंध के बाद धूप खिल उठी। हालांकि, कुछ घंटे बाद फिर सूरज और बादलों में लुकाछिपी शुरू हो गई।
बर्फीली हवा भी चली, जिस कारण लोग ठिठुरते रहे। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अभी मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना है।
तराई में दो दिन से मौसम का मिजाज लोगों को बेहाल किए हुए है। मंगलवार को दिन में कड़ाके की ठंड के बाद देर रात बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया। हालांकि बूंदाबांदी का दौर रात 12 बजे थम गया लेकिन पछुआ खूब चली।
बुधवार की सुबह धुंध में हुई लेकिन आठ बजे के आसपास अच्छी धूप खिली। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन दो घंटे बाद सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी शुरू हो गई।
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यह स्थिति दिन भर बरकरार रही। इसके चलते बदली होने पर लोग सिहरने को मजबूर रहे। शाम को फिर ठिठुरन का लोगों को सामना करना पड़ा।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि तराई का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।
उन्होंने कहा कि 21 से 23 जनवरी तक पुन: जिले के लोगों को बदली और बंदाबांदी का सामना करना पड़ सकता है।
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बर्फीली हवा भी चली, जिस कारण लोग ठिठुरते रहे। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अभी मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना है।
तराई में दो दिन से मौसम का मिजाज लोगों को बेहाल किए हुए है। मंगलवार को दिन में कड़ाके की ठंड के बाद देर रात बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया। हालांकि बूंदाबांदी का दौर रात 12 बजे थम गया लेकिन पछुआ खूब चली।
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बुधवार की सुबह धुंध में हुई लेकिन आठ बजे के आसपास अच्छी धूप खिली। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन दो घंटे बाद सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी शुरू हो गई।
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यह स्थिति दिन भर बरकरार रही। इसके चलते बदली होने पर लोग सिहरने को मजबूर रहे। शाम को फिर ठिठुरन का लोगों को सामना करना पड़ा।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि तराई का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।
उन्होंने कहा कि 21 से 23 जनवरी तक पुन: जिले के लोगों को बदली और बंदाबांदी का सामना करना पड़ सकता है।