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जाति व आय प्रमाण पत्र बनवाने को भटक रहे लोग
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गायघाट (बहराइच)। मोतीपुर तहसील के नायब तहसीलदार का पद लगभग एक वर्ष से खाली है। इससे तहसील पहुंचने वाले वादकारियों, किसानों व छात्रों को परेशानी हो रही है। 15 दिन पूर्व शासन ने तहसीलदार का भी तबादला कर दिया। इससे व्यवस्था और भी प्रभावित हो रही है। लेकिन शासन की ओर से किसी दूसरे तहसीलदार व नायब तहसीलदार की तैनाती नहीं की जा रही है।
राजस्व न्यायालय के कार्य भी प्रभावित हैं। तहसील में तहसीलदार व नायब तहसीलदार के न होने से लोगों के जाति, आय व अन्य प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोग इधर-उधर भटक रहे हैं।
मोतीपुर तहसील में नायब तहसीलदार के दो पद सृजित हैं। इसमें एक पर फरीद अहमद की तैनाती थी। एक वर्ष पूर्व नायब तहसीलदार का तबादला कर दिया गया था। तब से यह पद खाली है। इससे तहसील आने वाले वादकारियों, किसानों व छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अधिकारी व शासन के लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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इतना ही नहीं तहसीलदार के पद पर तैनात केशवराम का स्थानांतरण भी 15 दिन पूर्व गोरखपुर हो गया था। वे मोतीपुर से गोरखपुर चले गए, लेकिन अभी तक किसी नये तहसीलदार ने पदभार ग्रहण नहीं किया है। इससे लगभग दो सप्ताह से तहसीलदार पटल के सभी कार्य बाधित हो गये हैं। जाति, आय व अन्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोग तहसील के चक्कर लगा रहे हैं।
जुलाई का महीना होने के कारण छात्रों के प्रवेश के समय जाति व आय तथा सामान्य वर्ग के लिए निर्धनता प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है, जो तहसीलदार द्वारा ही जारी किए जाते हैं। लेकिन तहसीलदार के न होने के कारण प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। इससे विद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों में असमंजस है।
वादकारियों के वाद की सुनवाई भी नही हो पा रही है। तहसील में नायब तहसीलदार तथा तहसीलदार के न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। इस बारे में बात करने पर एसडीएम बाबूराम ने बताया कि शासन की ओर से ही तहसीलदार व नायब तहसीलदार की तैनाती की जाती है।
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राजस्व न्यायालय के कार्य भी प्रभावित हैं। तहसील में तहसीलदार व नायब तहसीलदार के न होने से लोगों के जाति, आय व अन्य प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोग इधर-उधर भटक रहे हैं।
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मोतीपुर तहसील में नायब तहसीलदार के दो पद सृजित हैं। इसमें एक पर फरीद अहमद की तैनाती थी। एक वर्ष पूर्व नायब तहसीलदार का तबादला कर दिया गया था। तब से यह पद खाली है। इससे तहसील आने वाले वादकारियों, किसानों व छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अधिकारी व शासन के लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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इतना ही नहीं तहसीलदार के पद पर तैनात केशवराम का स्थानांतरण भी 15 दिन पूर्व गोरखपुर हो गया था। वे मोतीपुर से गोरखपुर चले गए, लेकिन अभी तक किसी नये तहसीलदार ने पदभार ग्रहण नहीं किया है। इससे लगभग दो सप्ताह से तहसीलदार पटल के सभी कार्य बाधित हो गये हैं। जाति, आय व अन्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोग तहसील के चक्कर लगा रहे हैं।
जुलाई का महीना होने के कारण छात्रों के प्रवेश के समय जाति व आय तथा सामान्य वर्ग के लिए निर्धनता प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है, जो तहसीलदार द्वारा ही जारी किए जाते हैं। लेकिन तहसीलदार के न होने के कारण प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। इससे विद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों में असमंजस है।
वादकारियों के वाद की सुनवाई भी नही हो पा रही है। तहसील में नायब तहसीलदार तथा तहसीलदार के न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। इस बारे में बात करने पर एसडीएम बाबूराम ने बताया कि शासन की ओर से ही तहसीलदार व नायब तहसीलदार की तैनाती की जाती है।