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Bahraich News: दो दिन में वन्यजीवों के तीन हमलों से दहशत
Sun, 30 Nov 2025 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 30 Nov 2025 12:27 AM IST
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पयागपुर रेंज के खोरियाशफीक में वन्यजीव के हमले में बच्ची की मौत के बाद गश्त करते वनाधिकारी। -
बहराइच। महसी और कैसरगंज तहसील के पांच गांवों में तेंदुए और भेड़िये की दहशत लगातार बढ़ती ही जा रही है। शुक्रवार रात पयागपुर रेंज में भी वन्यजीव ने हमला कर मासूम को अपना शिकार बना लिया। ताबड़तोड़ हमलों से बहराइच के लोग दहशत में हैं। लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
पयागपुर रेंज के खोरिया सफीक गांव में जंगली जानवर के हमले के बाद क्षेत्र के लोग अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे हैं। रात में वन्य जीव के हमले में मासूम सुनीता की जान चली गई, घटना के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची, लेकिन हमलावर जानवर कौन है, अधिकारी अभी इसका ही पता नहीं लगा सके हैं।
वहीं परिवार मासूम बेटी को खोने के बाद से गमगीन है। मां की हालत बदहवास जैसी है। हमले ने ग्रामीणों को रातभर जागने पर मजबूर कर दिया है। लोग खेतों और घरों के आसपास छोटी-छोटी टॉर्च और डंडों के सहारे पूरी रात पहरा दे रहे हैं, जबकि वन विभाग की कार्रवाई को ग्रामीण नाकाफी बता रहे हैं।
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यहां है तेंदुए की दहशत
महसी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर, दूबे पुरवा और कैसरगंज क्षेत्र के उमरी दहलो गांव में तेंदुए की मौजूदगी लगातार दर्ज हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ रात में ही नहीं, बल्कि भोर में भी खेतों के किनारे दिखाई देने लगा है। दूबे पुरवा के किसान रमेश कुमार ने बताया कि दो रात से हम लोग सो नहीं पाए। जानवर बड़ी आसानी से गांव की तरफ आ जाता है। बच्चे घर से निकल नहीं पा रहे हैं। उमरी दहलो में दो दिन पहले तेंदुए ने एक महिला पर हमला कर उसे मार डाला था। उसके बाद से गांव में दहशत और बढ़ गई है।
भेड़िये के हमले से फिर हराम हुई नींद
कैसरगंज के मल्लाहनपुरवा और मंझारा तौकली गांव में भेड़िये की दहशत बढ़ गई है। मल्लाहनपुरवा में भेड़िये के हमले में स्टार की मौत के बाद लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का एक ही आरोप है कि वन विभाग केवल आकर औपचारिक पूछताछ करता है, पर कोई ठोस कदम नहीं उठाता। अधिकारी आते हैं, फोटो लेकर चले जाते हैं।
वन विभाग का पक्ष
डीएफओ रामसिंह ने बताया कि टीमें गांवों में गश्त कर रही हैं। सभी स्थानों पर पिंजरा लगाया गया है। ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों को रात में अकेले खेतों में न जाने की सलाह दी गई है।
हाल ही में हुए हमले एक नजर में:-
10 सितंबर : मंझारा तौकली के परागपुर निवासी ज्योति (4) पुत्री रामजीत की मौत।
12 सितंबर : भौंरी के बहोरवा निवासी संध्या (4 माह) पुत्री दिनेश की मौत।
20 सितंबर : मंझारा तौकली गंदूझाला निवासी अंकेश (3) पुत्र रक्षाराम यादव (भेड़िया उठा ले गया, लाश नहीं मिली)।
24 सितंबर : बाबा बंग्ला मंझारा तौकली निवासी सोनी (2) पुत्री बाबूलाल की मौत।
30 सितंबर : प्यारे पुरवा निवासी खेदन (70) और उनकी पत्नी मनकी (65) की मौत।
02 नवंबर : कंदौली गांव निवासी शानवी (2) पुत्री राकेश की मौत।
13 नवंबर : कैसरगंज तहसील के गोडहिया नंबर-3, नया लोधन पुरवा गांव निवासी जाह्नवी (3) पुत्री संतोष को भेड़िया उठा ले गया।
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पयागपुर रेंज के खोरिया सफीक गांव में जंगली जानवर के हमले के बाद क्षेत्र के लोग अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे हैं। रात में वन्य जीव के हमले में मासूम सुनीता की जान चली गई, घटना के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची, लेकिन हमलावर जानवर कौन है, अधिकारी अभी इसका ही पता नहीं लगा सके हैं।
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वहीं परिवार मासूम बेटी को खोने के बाद से गमगीन है। मां की हालत बदहवास जैसी है। हमले ने ग्रामीणों को रातभर जागने पर मजबूर कर दिया है। लोग खेतों और घरों के आसपास छोटी-छोटी टॉर्च और डंडों के सहारे पूरी रात पहरा दे रहे हैं, जबकि वन विभाग की कार्रवाई को ग्रामीण नाकाफी बता रहे हैं।
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यहां है तेंदुए की दहशत
महसी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर, दूबे पुरवा और कैसरगंज क्षेत्र के उमरी दहलो गांव में तेंदुए की मौजूदगी लगातार दर्ज हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ रात में ही नहीं, बल्कि भोर में भी खेतों के किनारे दिखाई देने लगा है। दूबे पुरवा के किसान रमेश कुमार ने बताया कि दो रात से हम लोग सो नहीं पाए। जानवर बड़ी आसानी से गांव की तरफ आ जाता है। बच्चे घर से निकल नहीं पा रहे हैं। उमरी दहलो में दो दिन पहले तेंदुए ने एक महिला पर हमला कर उसे मार डाला था। उसके बाद से गांव में दहशत और बढ़ गई है।
भेड़िये के हमले से फिर हराम हुई नींद
कैसरगंज के मल्लाहनपुरवा और मंझारा तौकली गांव में भेड़िये की दहशत बढ़ गई है। मल्लाहनपुरवा में भेड़िये के हमले में स्टार की मौत के बाद लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का एक ही आरोप है कि वन विभाग केवल आकर औपचारिक पूछताछ करता है, पर कोई ठोस कदम नहीं उठाता। अधिकारी आते हैं, फोटो लेकर चले जाते हैं।
वन विभाग का पक्ष
डीएफओ रामसिंह ने बताया कि टीमें गांवों में गश्त कर रही हैं। सभी स्थानों पर पिंजरा लगाया गया है। ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों को रात में अकेले खेतों में न जाने की सलाह दी गई है।
हाल ही में हुए हमले एक नजर में:-
10 सितंबर : मंझारा तौकली के परागपुर निवासी ज्योति (4) पुत्री रामजीत की मौत।
12 सितंबर : भौंरी के बहोरवा निवासी संध्या (4 माह) पुत्री दिनेश की मौत।
20 सितंबर : मंझारा तौकली गंदूझाला निवासी अंकेश (3) पुत्र रक्षाराम यादव (भेड़िया उठा ले गया, लाश नहीं मिली)।
24 सितंबर : बाबा बंग्ला मंझारा तौकली निवासी सोनी (2) पुत्री बाबूलाल की मौत।
30 सितंबर : प्यारे पुरवा निवासी खेदन (70) और उनकी पत्नी मनकी (65) की मौत।
02 नवंबर : कंदौली गांव निवासी शानवी (2) पुत्री राकेश की मौत।
13 नवंबर : कैसरगंज तहसील के गोडहिया नंबर-3, नया लोधन पुरवा गांव निवासी जाह्नवी (3) पुत्री संतोष को भेड़िया उठा ले गया।