{"_id":"6a21c9c8a80b48c2b10c9207","slug":"panchayat-assistants-demanded-an-increase-in-their-honorarium-bahraich-news-c-98-1-slko1009-150642-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: मानदेय वृद्धि के लिए पंचायत सहायकों ने भरी हुंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: मानदेय वृद्धि के लिए पंचायत सहायकों ने भरी हुंकार
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते पंचायत सहायक।
- फोटो : कलेक्ट्रेट में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते पंचायत सहायक।
बहराइच। कलेक्ट्रेट स्थित धरनास्थल पर बृहस्पतिवार को जिले भर के पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री तथा पंचायती राज विभाग को संबोधित ज्ञापन सौंपा। पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन ने मानदेय वृद्धि, स्थायी सेवा नियमावली और कार्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
यूनियन के प्रभारी जिलाध्यक्ष एडवोकेट शिवनाथ शिखर तथा जिला उपाध्यक्ष हरिओम शर्मा ने कहा कि पंचायत सहायक ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें मात्र छह हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने वर्तमान महंगाई को देखते हुए इसे अपर्याप्त बताते हुए पंचायत सचिव के समान 30 हजार रुपये मासिक वेतन तथा स्थायी सेवा नियमावली लागू किए जाने की मांग की।
पदाधिकारियों ने बताया कि पंचायत सहायकों से ऑनलाइन उपस्थिति, सर्वेक्षण और विभिन्न सरकारी एप्लीकेशनों पर कार्य कराया जाता है, जबकि इसके लिए उन्हें अपने निजी मोबाइल फोन और इंटरनेट का उपयोग करना पड़ता है। संसाधनों के अभाव में कई कर्मचारियों को कार्य निष्पादन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
यूनियन की ओर से सरकारी स्मार्टफोन, इंटरनेट भत्ता, आयुष्मान कार्ड, पहचान पत्र (आईडी कार्ड), महिला कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति सहित 14 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 15 जून को लखनऊ के इको गार्डन में प्रदेशव्यापी महाआंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
यूनियन के प्रभारी जिलाध्यक्ष एडवोकेट शिवनाथ शिखर तथा जिला उपाध्यक्ष हरिओम शर्मा ने कहा कि पंचायत सहायक ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें मात्र छह हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने वर्तमान महंगाई को देखते हुए इसे अपर्याप्त बताते हुए पंचायत सचिव के समान 30 हजार रुपये मासिक वेतन तथा स्थायी सेवा नियमावली लागू किए जाने की मांग की।
विज्ञापन
पदाधिकारियों ने बताया कि पंचायत सहायकों से ऑनलाइन उपस्थिति, सर्वेक्षण और विभिन्न सरकारी एप्लीकेशनों पर कार्य कराया जाता है, जबकि इसके लिए उन्हें अपने निजी मोबाइल फोन और इंटरनेट का उपयोग करना पड़ता है। संसाधनों के अभाव में कई कर्मचारियों को कार्य निष्पादन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
यूनियन की ओर से सरकारी स्मार्टफोन, इंटरनेट भत्ता, आयुष्मान कार्ड, पहचान पत्र (आईडी कार्ड), महिला कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति सहित 14 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 15 जून को लखनऊ के इको गार्डन में प्रदेशव्यापी महाआंदोलन किया जाएगा।